ओडिशा से गुजरात आई एक्सप्रेस ट्रेन में 57 किलो गांजा छिपा लाए तस्कर, SOG NDPS टीम ने दबोचे
सूरत। ओडिशा से गुजरात आई पुरी-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन की तलाशी के दौरान रेलवे एसओजी एवं एनडीपीएस की टीम को नशा-तस्करों के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली। यहां सूरत रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरे 2 जनों से 57 किलो गांजा बरामद किया गया। गांजा उन लोगों ने बैगों में भर रखा था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि, वे लोग ओडिशा के गंजाम के रहने वाले हैं। आरोपियों ने अपना नाम कान्हा शेट्टी और मंगल पात्रा बताया है।

पुरी-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन में इतनी बड़ी मात्रा में गांजा पकड़ा जाना वाकई हैरत की बात है। एसओजी और एनडीपीएस टीम के सदस्यों के मुताबिक, पकड़े गए लोगों द्वारा गांजे को अवैध रूप से ले जाया जा रहा था। पुरी-अहमदाबाद एक्सप्रेस देर रात 3 बजे सूरत स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर आई थी, तभी उसके कोच एस-8 में से दो जने पुलिस निगाह बचाकर उतरे थे। दोनों के पास दो बड़े बैग थे। उनसे पूछताछ की गई तो सकपका गए। उनका संतोषजनक जवाब नहीं देने के कारण उन्हें रेलवे पुलिस के आॅफिस ले गए।
रेलवे पुलिस के आॅफिस में जांच की गई तो उनसे कुल 57 किलो गांजा बरामद हुआ। यह कार्रवाई रेलवे एसओजी और एनडीपीएस टीम की ओर से की गई।
पहले भी जब्त की गई थी गांजे की खेप
सूरत जिले में ही 'नो ड्रग इन सूरत' मुहिम के तहत पुलिस ने कुछ समय पहले एक दिन में दो मामलों में 35.34 लाख रुपए की खतरनाक एमडी ड्रग व गांजे की खेप पकड़ी थी। पुलिस ने इस तस्करी से जुड़े 3 जनों को गिरफ्तार किया था। सिटी पुलिस कमिश्नर अजय तोमर ने बताया कि, नशाखोरी पर लगाम लगाने में जुटी पुलिस ने 'नो ड्रग इन सूरत' मुहिम के तहत एक्शन लिया। जिसमें प्रतिबंधित एमडी ड्रग की बिक्री करने वाले सौदागरवाड दार-ए-गनी बिल्डिंग निवासी अब्दुल कादर डोबीवाला (45) और उसके बेटे उस्मान गनी उर्फ सलमान डोबीवाला (23) को पकड़ा गया। सिटी पुलिस कमिश्नर अजय तोमर के मुताबिक, दोनों मुंबई के साकीनाका इलाके में रहने वाले मेंहदी उर्फ मोहम्मद जैद के पास से एमडी (मेफेड्रेन) ड्रग लाते थे। उसके बाद उसे घर में छिपा कर रखते थे। वहीं से फिर वे सूरत शहर में अपने ग्राहकों को दुबके-चुपके बेचते थे। उन्होंने बताया कि, अब्दुल कादर डोबीवाला (45) और उसके बेटे उस्मान गनी उर्फ सलमान डोबीवाला के बारे में मुखबिर से सूचना मिली थी। जिसके बाद पुलिस टीम ने छापा मारा।
पुलिस टीम को उनके घर से 133 ग्राम मेफेड्रोन मिली। यह काफी महंगी बिकती है। इस मेफेड्रोन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 13.30 लाख रुपए आंकी गई। इसके अलावा डिजिटल तराजू, 3 मोबाइल, लैपटॉप, पासपोर्ट व 9 हजार 640 नकदी भी मिली। पुलिस ने अब्दुल कादर डोबीवाला (45) और उसके बेटे उस्मान गनी उर्फ सलमान डोबीवाला के खिलाफ मामला दर्ज कर मोहम्मद जैद को वांछित घोषित किया। उन्होंने कहा कि, इसी तरह एक अन्य टीम ने गजेरा सर्कल के निकट से अश्वनी कुमार रोड बालू महाराज मंदिर निवासी चंद्रसिंह सिसोदिया (29) को गांजा तस्करी के जुर्म में गिरफ्तार किया। उसके टेम्पो में नारियल के 26 थैलों में गांजा भरा हुआ था।












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