गुजरात: स्कूल खुलने पर कोरोनावायरस का फिर फैला डर, 12वीं की छात्रा संक्रमित, अब बंद रहेंगे विद्यालय

जामनगर। कोरोना महामारी के प्रकोप के बीच गुजरात में पिछली 11 जनवरी से स्कूल 10वीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए खोल दिए गए थे। स्कूल खुलने पर राजकोट के एक स्कूल में पुष्प वर्षा कर स्टूडेंट्स का स्वागत किया गया था। मगर, अब स्कूल में एक स्टूडेंट के कोरोना पॉजिटिव मिलने से हड़कंप मच गया है। यहां जामनगर के एक स्कूल में पढ़ने वाली एक लड़की कोरोनाग्रस्त पाई गई। जिसके चलते डीईओ ने स्कूल एक हफ्ते तक बंद रखने के आदेश दे दिए।

Schools reopen in Gujarat

अब एहितायत के तौर पर स्कूल बंद
बताया गया है कि, जिस छात्रा की कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आई है, वो 12वीं क्लास की छात्रा है। जो अब स्कूल नहीं आई लेकिन, एहितायत के तौर पर स्कूल एक हफ्ते तक बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि, देखा जाए तो स्कूलों में अभी भी स्टूडेंट्स की उपस्थिति बहुत कम है और काफी अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने को तैयार नहीं हैं। यूं भी लॉकडाउन के समय से ही ज्यादातर स्कूल बंद थे। वो बीते सोमवार का दिन था, जब एक न्यूज एजेंसी ने राजकोट के स्कूल की तस्वीर जारी कर बताया कि, सूबे में स्कूल खोल दिए गए हैं। विद्यार्थी सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो करते हुए स्कूल में दाखिल हुए। उन्होंने मुंह पर मास्क पहना हुआ था। स्कूल परिसर में फर्श पर विद्यार्थियों के लिए सफेद रंग के गोले बनाए गए, जहां वो खड़े हुए।

295 दिन बाद खुले थे स्कूल
11 जनवरी से स्कूल खुलने पर सूरत सहित दक्षिण गुजरात के भी हजारों विद्यार्थी घरों से स्कूल के लिए निकले। उन्हें कोरोना गाइडलाइन फॉलो करने की सलाह दी गई। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सूरत सहित दक्षिण गुजरात में सरकारी, ग्रांटेड और निजी सहित 1200 स्कूल हैं। जिनमें 10वीं और 12वीं के 1.58 लाख बच्चे पढ़ते हैं। वहीं, यह अंदाजा भी लगाया गया है कि, सूरत सहित दक्षिण गुजरात के 85% अभिभावकों ने सहमति पत्र दे दिया। जबकि, 15% अभिभावकों ने सहमति नहीं दी, क्योंकि उन्हें डर है कि बच्चों को स्कूल भेजना सही नहीं होगा।

स्कॉलरशिप के लिए 27 तक आवेदन
राज्य सरकार की ओर से विद्यार्थियों के लिए एक और जरूरी सूचना दी गई है। सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर बताया है कि छात्रवृत्ति के लिए छात्र 27 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं। छात्रवृत्ति छठवीं और नौवीं के छात्रों को मिलेगी।छात्रवृत्ति पाने के लिए छात्रों को परीक्षा देनी होगी। राज्य सरकार के मुताबिक, छात्रों के 5वीं और 8वीं में भी 50 प्रतिशत अंक होना जरूरी है। सरकारी और ग्रांट इन एड स्कूलों में पढ़ने वाले प्राथमिक और माध्यमिक छात्रों के लिए छात्रवृत्ति देने के लिए यह फैसला आया है। छात्रवृत्ति के लिए छात्रों को स्कूल की तय फीस भी चुकानी होगी। सरकार ने कहा है कि, छात्रवृत्ति के लिए 14 मार्च को परीक्षा ली जाएगी। उसके आधार पर ही छात्रवृत्ति बांटी जाएगी।

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