CM Yogi Political Career: देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री का सफर
वर्तमान समय उत्तर प्रदेश की कमान संभालने वाले योगी आदित्यनाथ देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं। एक साधारण बालक से सन्यासी और सन्यासी से नाथ संप्रदाय के सबसे बड़े पीठ के पीठाधीश्वर और फिर देश के सबसे बड़े सूबे का मुख्
CM Yogi Adityanath Ka Rajnitik Safar: जब अजय सिंह बिष्ट ने योगी आदित्यनाथ के रुप में गोरखनाथ मंदिर में नाथ पंथ की दीक्षा ली थी और सन्यासी के तौर पर अपने नये जीवन की शुरुआत की थी तो कोई नहीं जानता था कि यह योगी देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री बनेंगे। सेवा,विकास व सौहार्द के एक कुशल नेतृत्व के साथ सुशासन का नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे। यही नहीं यह भी साबित करेंगे कि सतत प्रयास व सकारात्मक सोच से सब कुछ बदला जा सकता है। समर्पण व आत्मविश्वास से देश-प्रदेश व समाज की नई तस्वीर बनाई जा सकती है। जी हां हम बात कर रहे हैं देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की। जानते हैं कैसा रहा अजय सिंह बिष्ट से योगी और योगी से सीएम का सफर।

अजय सिंह बिष्ट और उत्तराखंड
उत्तराखंड के पौढ़ी गढ़वाल के पंचूर गांव में 5 जून,1972 को जन्में अजय सिंह बिष्ट गोरखपुर पहुंचकर गोरखनाथ मंदिर में दीक्षा ली और संन्यासी बन गए। आज देश के सबसे बड़े सूबे के सत्ता के सिंहासन पर विराजमान हैं। महज 26 साल की उम्र में सांसद बनने वाले योगी आदित्यनाथ 45 की उम्र में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए। प्रदेश की नहीं बल्कि पूरे देश की सियासत में उन्हें हिंदुत्व के चेहरे के तौर पर जाना जाता है। योगी का जन्म उत्तराखंड के सामान्य राजपूत परिवार में हुआ था। इनके पिता आनंद सिंह बिष्ट थे जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। माता सावित्री देवी अन्य पुत्रों के साथ अपने गांव रहती हैं।योगी ने ऋषिकेश के भरत मंदिर इंटर कॉलेज से 1989 में बारहवी की परीक्षा उत्तीर्ण की । 1992 में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से गणित से बीएससी की पढ़ाई पूरी की।

जब बन गए सन्यासी
छात्र जीवन से ही वह राममंदिर आंदोलन से जुड़ गए थे। 90 के दशक में राममंदिर आंदोलन के दौरान गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ के महंत अवैद्यनाथ से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम में मुलाकात हुई। इसके कुद दिनों बाद योगी माता-पिता को बिना बताए गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर आ पहुंचे और जहां सन्यास धारण करने का निश्चय लेते हुए गुरु दीक्षा ले ली और अजय सिंह बिष्ट से बन गए योगी आदित्यनाथ । शुरुआत हुई एक नए और अलग जीवन की।

अवैद्यनाथ के बने थे उत्तराधिकारी
गोरखनाथ मंदिर के गद्दी के उत्तराधिकारी बनने के चार साल बाद ही महंत अवैद्यनाथ ने अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी भी बना दिया । गोरखपुर से महंत अवैद्यनाथ जिस सदर सीट से चार बार सांसद रहे उसी सीट से योगी 1998 में पहली बार संसद पहुंचे और फिर लगातार पांच बार 2017 तक सांसद रहे । योगी आदित्यनाथ ने अपनी निजी सेना हिंदू युवा वाहिनी का निर्माण किया। जो गो सेवा व हिंदू विरोधी गतिविधियों को रोकने का कार्य करती रही। अब योगी आदित्यनाथ ने तेज-तर्रार राजनीतिज्ञ की छबि बना ली थी ।

जनता से करते हैं सीधा संवाद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह जनता से सीधा संवाद करने में विश्वास करते हैं। सकारात्मक सोच व सतत प्रयास से सब कुछ बदला जा सकता है यही सीएम योगी के प्रमुख विचार हैं। नई सोच समाज में नया कर सकती है ऐसा मानते हैं सीएम योगी। योगी आदित्यनाथ स्वंय गौ सेवा करते हैं और इसे बढ़ावा देते हैं।

बन गए देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता एक-एक दिन बढ़ती गयी । आमजन में उनका विश्वास बढ़ता गया। पार्टी ने भी उन्हें अहमियत देनी शुरु की और उन्हें देश के सबसे बड़े सूबे का मुख्यमंत्री बना दिया गया। जनता ने कार्यों पर मुहर और दोबारा सत्ता इनके हाथों में सौंप दी। योगी ने अपने कार्यों का लोहा मनवाया और बन गए देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री।












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