UPSC Success Story: आठ साल में सिर से उठ गया पिता का साया, नहीं की कहीं कोचिंग, दूसरे प्रयास में मिली सफलता

UPSC Result 2022 Success Story: गोरखपुर के यश विशेन ने यूपीएसी परीक्षा 2022 में पूरे देश में 647वीं रैंक हासिल की है। यश ने सिर से पिता का साया उठने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है।

yash vishen

UPSC Topper Yash Vishen: संघ लोक सेवा आयोग UPSC की वर्ष 2022 परीक्षा के परिणाम आ चुके हैं। इस परीक्षा में गोरखपुर के यश विशेन ने 647वीं रैंक हासिल की हैं। उनकी इस कामयाबी पर पूरे जिले में खुशी का माहौल है। अभी भी यश को बधाई देने वालों का तांता लगा है। उन्होंने वन इंडिया हिंदी से खास बातचीत की और अपने जीवन के उद्देश्यों व संघर्षों पर विस्तार से चर्चा की।

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    गोरखपुर के यश विशेन ने बिना कोचिंग निकाली यूपीएससी परीक्षा

    बचपन से है आईएएस बनने का सपना
    यश विशेन के पिता स्वर्गीय धीरेन्द्र शाही प्रशासनिक अधिकारी थे। वह सहायक अभियोजन पदाधिकारी के रुप में कार्यरत थे। उनकी गहरी छाप यश पर पड़ी और बचपन से ही आईएएस बनने का सपना देखने लगे थे। जैसे- जैसे बड़े होते गये उनकी इच्छा और प्रबल होती गयी। यश फिर परीक्षा देकर बेेहतर रैंकिन लाने के लिए प्रयासरत हैं।

    शिक्षा
    यश की शिक्षा अलग- अलग जगहों से हुई है। उन्होंने बिहार के दरभंगा में स्थित जीजस मेरी स्कूल से दसवीं की परीक्षा 96 प्रतिशत व इंटर की परीक्षा बोकारो के देलही पब्लिक स्कूल से 94 प्रतिशत अंको के साथ उत्तीर्ण की। इसके बाद इन्होंने नवी मुंबई के टीएस चाणक्या से मर्चेंट नेवी की पढ़ाई शुरु की और बीएससी नॉटिकल साइंस से पूरी की। फिर यूपीएससी की तरफ रुख किया।

    सेल्फ स्टडी को दिया महत्व
    यश ने ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद जब यूपीएससी परीक्षा देने का मन बनाया तो उन्होंने सेल्फ इस्टडी का रास्ता चुना। उन्होंने कहीं कोचिंग नहीं ज्वाइंन की और सोशल मीडिया, यू ट्यूब चैनलों के माध्यम से यूपीएससी टॉपरों के वीडियों देख खुद की अपनी रणनीति बनाई। इस रणनीति पर पूरी तत्परता के साथ अपनी तैयारी शुरु कर दी।

    दूसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में सफल
    जब यश ने अपनी तैयारी शुरु की तो उनके मन में इस परीक्षा को निकालने का जुनून भरपूर था। अपनी योजना के हिसाब से यश कई घंटे की पढ़ाई शुरु कर दी। पहले ही प्रयास में उन्होंने प्री, मेन क्लीयर करते हुए इंटव्यू तक का सफर तय किया। लेकिन सफल नहीं हुए। यश ने हिम्मत नहीं हारी और फिर से तैयारी में जुट गए। दूसरे प्रयास में उन्होंने पूरे देश में 647वीं रैंक हासिल की है। इससे बेहतर रैंक लाने के लिए यश अपनी तैयारियों में जुट गए हैं।

    बेहरत योजना के साथ करें तैयारी
    यश कहते हैं कि जीवन में कभी भी असफलता से हार नहीं माननी चाहिए। हार- जीत जीवन का हिस्सा है। अपनी कमियों में सुधार करते हुए सतत प्रयास करना चाहिए। सफलता अवश्य मिलेगी।

    इसे मानते हैं मूलमंत्र
    यश कठोर परिश्रम व लगातार प्रयास को सफलता का मूल मंत्र मानते हैं। इसके साथ ही अनुशासन बेहद जरुरी मानते हैं।

    माता- पिता को मानते हैं आदर्श
    यश अपने पिता स्वर्गीय धीरेन्द्र शाही व माता उमा शाही को जीवन का आदर्श मानते हैं। वह कहते हैं कि आज जो कुछ भी जीवन में हैं अपने माता- पिता की सीख व आदर्शों की वजह से।

    परिजनों में खुशी
    यूपीएससी परीक्षा में चयन होने से यश विशेन के परिवार में खुशी का माहौल है। इनके बाबा निरपत नरेन्द्र शाही कहते है कि आज ऐसा लग रहा कि मेरा जीवन धन्य हो गया। बेटे ने जिले व प्रदेश का मान बढ़ाया है। आगे वह पूरी तत्परता से देश सेवा करें यही कामना करता हूं। उनके चाचा देवेन्द्र सिंह कहते हैं कि यश बचपन से ही प्रतिभावन है। बचपन से ही कुछ अच्छा व बड़ा करने का मन था यश का। हमें पूरा विश्वास था कि यश इस परीक्षा को अवश्य क्लीयर करेंगे। इनकी उपब्धि पर फुफा राजेश सिंह, भाई उत्कर्ष, बहन आयुषि सहित सभी परिजनों ने शुभकामनाएं दी हैं।

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