Gorakhpur News: छात्रों के घर जाकर खाद्यान्न वितरण की सच्चाई जानेंगे अधिकारी
मध्याह्न भोजन योजना के तहत कोरोना काल के दौरान विद्यार्थियों को खाद्यान्न न मिलने की शिकायत पर शासन ने घर-घर जाकर विद्यर्थियों से इस मामले में पूछताछ करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है।वित्तीय वर्ष 2021-22 में कोविड
गोरखपुर,28अगस्त: मध्याह्न भोजन योजना के तहत कोरोना काल के दौरान विद्यार्थियों को खाद्यान्न न मिलने की शिकायत पर शासन ने घर-घर जाकर विद्यर्थियों से इस मामले में पूछताछ करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है।वित्तीय वर्ष 2021-22 में कोविड कॉल में विद्यालय बंद रहने की अवधि में छात्रों में वितरित खाद्यान्न और परिवर्तन लागत की जांच होगी।बेसिक शिक्षा विभाग के मंडल व जिले स्तर के अधिकारियों को 10 सितंबर तक जांच की रिपोर्ट सौपनी है।

जानकारी के मुताबिक, पिछले काफी दिनों से खाद्यान्न व परिवर्तन लागत की धनराशि देने में लापरवाही की शिकायतें आ रहीं थीं। जिसे गंभीरता से लेते हुए निदेशक मध्याह्न भोजन विजय किरन आनंद ने इसकी समीक्षा की। जिसमें कई जिलों में गड़बड़ी सामने आई थी। जिसके बाद उन्होंने जांच कराने का निर्णय लिया। इसके तहत विभाग के जिम्मेदार मंडल व जनपद स्तर पर कम से कम 10 छात्रों के घर जाकर उनसे खाद्यान्न वितरण की स्थिति की जानकारी लेंगे और उसे निरीक्षण प्रपत्र पर अंकित करेंगे। निरीक्षण रिपोर्ट में अंकित बिंदुओं के अनुसार नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का दायित्व बीएसए का होगा।
जांच के लिए जनपद व मंडल स्तर पर अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंडल स्तर पर जहां एडी बेसिक, मंडल समन्वयक एमडीएम जांच करेंगे वहीं जनपद स्तर पर डायट प्राचार्य, जिला विद्यालय निरीक्षक बीएसए, खंड शिक्षाधिकारी तथा सर्व शिक्षा अभियान व मिड डे मील समन्वयक जांच के दायित्व का निवर्हन करेंगे।
एडी बेसिक डॉ. सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि निदेशक मध्याह्न भोजन के निर्देश पर जल्द जांच शुरू की जाएगी।जांच निष्पक्ष और स्थलीय होगी।
मध्याह्न भोजन योजना स्कूल में भोजन उपलब्ध कराने एवं बच्चों के समुचित पोषण देने का सबसे अच्छी योजना है। जिसके अंतर्गत रोजाना सरकारी सहायता प्राप्त 11.75 लाख से अधिक स्कूलों के 10.8 करोड़ बच्चे शामिल हैं।












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