Gorakhpur News: जानिए कैसे अपराधियों पर शिकंजा कस रहा ऑपरेशन त्रिनेत्र
ऑपरेशन त्रिनेत्र अपराध को कम करने व अपराधियों को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।इस महत्वूर्ण ऑपरेशन से पुलिस को अपराधियों तक पहुंचने में आसनी मिल रही है।अक्सर देखा जाता है कि अपराधी घटना को अंजाम देने के बाद से
गोरखपुर,23अगस्त:
ऑपरेशन त्रिनेत्र अपराध को कम करने व अपराधियों को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।इस महत्वूर्ण ऑपरेशन से पुलिस को अपराधियों तक पहुंचने में आसनी मिल रही है।अक्सर देखा जाता है कि अपराधी घटना को अंजाम देने के बाद से फरार हो जाते हैं और उनके खिलाफ कुछ सबूत भी नहीं मिल पाते ।ऐसे में ऑपरेशन त्रिनेत्र ने पूरे पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली ही बदल दी है।जो अपराधियों तक पहुंचने में उनकी मदद कर रही है।विस्तार से जानिए क्या है ऑपरेशन त्रिनेत्र।

ऑपरेशन त्रिनेत्र
बढ़ते क्राइम के मामलों को देखते हुए और ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए एडीजी जोन अखिल कुमार ने त्रिनेत्र अभियान शुरू किया। जिसके तहत जोन के 11 जिलों में स्थित 196 थाना क्षेत्रों में चिन्हित किए गए। सर्वजनिक स्थानों पर कैमरे लगाए जा रहे हैं। ताकि कोई भी बदमाश अपराधिक गतिविधि वाले घटना को करके बच ना पाए। आपको बता दें चिन्हित किए गए सार्वजनिक स्थान पर ग्राम प्रधान, पार्षद व व्यापारियों की मदद से सीसी कैमरे लग रहे हैं।शहरी क्षेत्रों के साथ ही गांवों में भी इसकी शुरुआत की जा चुकी है।
बदमाशों पर कस रहा शिकंजा
एडीजी अखिल कुमार ने कहा गोरखपुर जोन में ऑपरेशन त्रिनेत्र शुरू किया गया है। जिसके तहत बदमाशों पर शिकंजा कसने के लिए सर्वजनिक स्थानों पर कैमरे लगाए जाएंगे। और यह सीसी कैमरा वार्ड के पार्षद और प्रधानों के मदद से लगवाए जा रहे हैं।इसका उद्देश्य यह है कि कोई भी बदमाश या आपराधिक गतिविधि का व्यक्ति किसी भी अपराधिक घटना को अंजाम देने के बाद बच ना सके और सीसी टीवी कैमरे में उसके फुटेज आ सके ताकि। उस तक प्रशासन जल्दी पहुंचे और कार्रवाई की जा सके ।
जिले में 700 स्थानों पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत सुरक्षा के लिए पहले चरण में जिले के 500 गांवों के 700 स्थानों पर उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसमें आवाज रिकार्ड करने की भी सुविधा होगी।इन गांवों में कैमरे लगने के बाद दूसरे चरण में बाकी बची पंचायतों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरों की खरीद ग्राम पंचायतों द्वारा ही की जाएगी। पहले चरण में उन ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है, जो मुख्य मार्गों पर स्थित हैं।












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