UP: कुछ ही देर में रुस से गोरखपुर पहुंचेगा छात्रा गार्गी का शव, सांसद रवि किशन ने की थी यह खास पहल

गोरखपुर के गगहा क्षेत्र की रहने वाली एमबीबीएस छात्रा गार्गी का रुस में देहांत हो गया था। आज उसका शव गोरखपुर पहुंच रहा है।

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Gorakhpur News: गोरखपुर के गगहा क्षेत्र के करवल मझगांवा की रहने वाली एमबीबीएस छात्रा गार्गी राय का शव गोरखपुर आ चुका है। गार्गी की मौत रुस के वोरोनेज स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में इलाज के दौरान 13 मई को हुई थी। उसे आंत में कुछ परेशानी होने के बाद आईसीयू में भर्ती किया गया था। वह पिछले साल भी अस्वस्थ थी और परिजनों ने उसके लिए छुट्टी की मांग की थी लेकिन वहां के डीन ने उसे छुट्टी देने से इनकार कर दिया था। परिजनों ने गार्गी कीे मौत का जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशासन को माना है। प्रशासन उसका अंतिम संस्कार रुस में ही करना चाह रहा था लेकिन सांसद रवि किशन के खास प्रयास से गार्गी का शव आजमगढ़ तक आ चुका है बस कुछ ही घंटों में वह गोरखपुर आ जाएगा।

रुस से कर रही थी एमबीबीएस
गार्गी के भाई सुयश राय ने बताया कि बहन गार्गी रुस के Voronezh state medical university से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही थी। उसका पांचवां साल था। कुछ दिन पूर्व अचानक उसकी तबियत खराब होने के बाद उसके साथियों ने उसे आईसीयू में भर्ती कराया। उसे 12 मई शुक्रवार को भर्ती कराया गया था। शनिवार रात में उसकी मौत हो गयी।

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विश्वविद्यालय प्रशासन व मेडिकल व्यवस्था पर लगाया आरोप
भाई सुयश ने कहा कि उसे सही इलाज नहीं मिल पाया। रुस में शनिवार व रविवार को डॉक्टर नहीं देखते हैं। इसी व्यवस्था के कारण मेरी बहन का सही से इलाज नहीं हो पाया और उसकी मौत हो गयी। प्रशासन वहीं पर उसका अंतिम संस्कार करना चाहता था लेकिन सांसद रवि किशन को जैसे ही इस पूरी घटना की जानकारी हुई उन्होंने हम सभी को बहन के घर वापसी का वादा किया। सांसद ने तत्काल मेरे पिता जी से बात की और कहा गार्गी का शव घर लाने की जिम्मेदारी मेरी है। मैं अपनी जिम्मेदारी और अपने प्रयासों से उसे गोरखपुर लाउंगा। सांसद ने आज जो हमारे परिवार के लिए किया है वह किसी मसीहा से कम नहीं है। जीवन भर उनका एहसान नहीं भूल पाएंगे।

सांसद रवि किशन ने कहा कि गार्गी गोरखपुर की बेटी थी। उसकी मौत की खबर से मुझे बेहद दुख पहुंचा। मैंने परिजनों से बात की। परिजन बेटी का शव गोरखपुर लाना चाह रहे थे पर रुस स्थित मेडिकल विश्वविद्यालय प्रशासन उसका वहीं अंतिम संस्कार करना चाह रहा थे। मैंने विदेश मंत्रालय में संपर्क किया और विदेश मंत्री के सहयोग से आज गार्गी गोरखपुर पहुंच चुकी है। इस दु:ख की घड़ी में मैं परिवार के साथ हूं मेरी पूरी टीम परिवार के सहयोग के लिए खड़ी है और रहेगी।

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