Gorakhpur में हुआ देश का सबसे बड़ा ड्रोन शो,बलिदानियों को दी गयी श्रद्धांजलि
गोरखपुर के महंत दिग्विजय नाथ पार्क में सोमवार को एक साथ 750 ड्रोनों ने काकारी ट्रेन एक्शन के बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। एक साथ इतने ड्रोनों का आकाश में रंग बिरंगी कलाकृतियां बिखेरना एक रिकार्ड रहा।

Gorakhpur News: गोरखपुर में सोमवार को महंत दिग्विजयनाथ पार्क का नजारा अद्भुत रहा। एक साथ 750 ड्रोनों ने जब आकाश में रंग बिरंगी आकृतियां बनानी शुरु की तो यहां मौजूद लोगों उत्साहित हो उठे। हजारों की संख्या में लोगों की आवाज से पूरा पार्क गूंज उठा। दृश्य ही कुछ इस तरह का था कि सभी लोग अद्भुत नजारे को देखकर हैरान थे। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत देश के वीर सपूतों के सम्मान में बलिदान दिवस के रुप में 15 दिसम्बर से 19 दिसम्बर तक कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में काकोरी ट्रेन एक्शन के बलिदानियों के सम्मान में एक साथ रिकार्ड 750 ड्रोन उड़ाए गए। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि आज बलिदानियों के सम्मान में एक भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ हो रहा है। प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह क्रांतिकारियों के सपनों के अनुसार एक भारत व श्रेष्ठ भारत का निर्माण करें। आजादी के अमृत महोत्सव पर दिए गए पीएम मोदी के पांच प्रणों को अनुसरण करें। एक सशक्त व आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करें।
सीएम योगी ने कहा कि आज हम सभी के लिए गौरव का विषय है। आज अपना देश ब्रिटेन को पीछे छोड विश्व की पांचवी अर्थव्यवस्था बन गया है। पीएम मोदी विश्व के बीस सबसे मजबूत देशों के समूह जी-20 का नेतृत्व कर रहे हैं।
सीएम ने काकोरी ट्रेन एक्शन के नायकों पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह, राजेंद्रनाथ लाहिड़ी, चंद्रशेखर आजाद समेत सभी ज्ञात-अज्ञात अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी।
सीएम योगी ने कहा कि भारत के खजाने को बाहर भेज रही ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ क्रांतिकारियों ने लखनऊ के काकोरी से यह क्रांति की थी। इसके बाद ब्रिटिश सरकार ने पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां ठाकुर रोशन सिंह और राजेंद्र नाथ लाहिड़ी जैसे क्रांतिकारियों को गिरफ्तार किया था। पंडित बिस्मिल को गोरखपुर जेल में रखा गया और 19 दिसंबर, 1927 को फांसी दी गई। अशफाक, रोशन और लाहिड़ी जी को अयोध्या प्रयागराज और गोंडा में फांसी दी गई। ब्रिटिश हुकूमत इतनी डरी हुई थी कि उसने लाहिड़ी जी को तय तारीख से दो दिन पहले ही 17 दिसंबर, 1927 को फांसी पर लटका दिया । गोरखपुर जेल में पंडित राम प्रसाद बिस्मिल का भव्य स्मारक बनाया गया है। गोरखपुर चिड़ियाघर का नाम अमर बलिदानी अशफाक उल्ला खां के नाम पर किया गया है।इस दौरान भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।












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