Independence Day 2024: आजादी के बाद भी चौरी- चौरा के युवाओं का जानिए क्या है दर्द? खोले कई बड़े राज
Special Ground Report Chauri Chaura Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के चौरी चौरा में 4 फरवरी 1922 को एक ऐतिहासिक घटना होती है जिसने देश के स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा और गति प्रदान की। लेकिन आज भी यहां के युवा इसके विकास और कई अन्य चीजों से संतुष्ट नहीं हैं। वन इंडिया हिंदी रिपोर्टर पुनीत श्रीवास्तव ने इस युवाओं से बातचीत की।
जो विकास होना चाहिए नही हुआ
यहां के रहने वाले एक युवा को शासन और प्रशासन से नाराजगी भी हैं। उनका कहना है कि इस महत्वपूर्ण जगह का आजादी के बाद से को विकास हुआ है वह संतोषजनक नहीं है। अभी सड़क, बिजली, पानी, स्कूल पर यहां बहुत काम की जरूरत है।

पेपर लीक और अग्निवीर का किया विरोध
यहां के युवाओं ने भी पेपर लीक होने से आने वाली समस्याओं को बड़ा बताया एवं इस पर सरकार को बहुत कुछ करने की अपील भी की।
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चमड़ी मंडी को बताया बड़ी समस्या
यहां के युवा ने बताया कि चौरी चौरा मुख्य बाजार में ही चमड़ी की मंडी भी है। जो आबादी में है। इससे इतनी दुर्गंध आती है कि यहां रहना कठिन है। सरकार से कई बार अपील की गई जिस पर कभी कोई सुनवाई नहीं हुई।
चौरी चौरा के युवाओं के लिए हो कुछ खास
छात्र ने कहा कि यह जगह विश्व में प्रसिद्ध है। यहां के लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लिया। अपने प्राणों का बलिदान दिया। उसके बाद भी यहां के लोगों को जो सम्मान मिलना चाहिए नही मिला। सरकार को यहां के युवाओं को खास योजना बनाकर सहयोग देना चाहिए।
देश के लिए कुछ करने की मिलती है प्रेरणा
खैराबाद के रहने वाले शिवांशु यादव ने कहा कि हमे गर्व है कि हम वीरों की इस धरती से आते हैं। लेकिन हमे भी पढ़ाई लिखाई कर देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए। इस पूरी घटना से हमे भी सीख लेनी चाहिए।
शहीदों का करें अनुसरण
छात्र चंदर कुमार कहते हैं कि सिर्फ बलिदानियों को याद कर लेना ही काफी नहीं है हैं भी उनका अनुसरण करना चाहिए।
मिथलेश पासवान कहते हैं कि हमे सभी को इस घटना से प्रेरणा लेनी चाहिए और सही मार्ग पर चलते हुए देश के लिए कुछ करना चाहिए। पहले से विकास हुआ है लेकिन अभी और बहुत होने की जरूरत है।












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