Indian Railways: सीएम सिटी गोरखपुर को स्वदेश दर्शन यात्रा से जोड़ने की कवायद तेज
आईआरसीटीसी ने सीएम सिटी गोरखपुर के लिए एक नई पहल की है।जल्द ही गोरखपुर स्वदेश दर्शन यात्रा से जुड़ जाएगा।इसके साथ ही दूसरे प्रांतों के बड़े शहरों से गोरखपुर-अयोध्या-कुशीनगर और मगहर जुड़ जाएंगे।इसके लिए आईआरसीटीसी ने योजन
गोरखपुर,20 सितंबर:
आईआरसीटीसी ने सीएम सिटी गोरखपुर के लिए एक नई पहल की है।जल्द ही गोरखपुर स्वदेश दर्शन यात्रा से जुड़ जाएगा।इसके साथ ही दूसरे प्रांतों के बड़े शहरों से गोरखपुर-अयोध्या-कुशीनगर और मगहर जुड़ जाएंगे।इसके लिए आईआरसीटीसी ने योजना तैयार कर ली है।स्वेदश दर्शन यात्रा से जुड़ने पर पूर्वांचल के लोगों को कई तीर्थस्थलों पर घूमने का अच्छा अवसर मिलेगा।

स्वदेश दर्शन यात्रा से जोड़ने की तैयारी
आईआरसीटीसी उत्तर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक ए के सिन्हा ने बताया कि गोरखपुर को भी स्वदेश दर्शन यात्रा से जोड़ने की तैयारी है।इसके लिए क्षेत्र के कई पर्यटन स्थलों का जायजा लिया गया है।यहां पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ऐसा निर्णय लिया जा रहा है।देश के कोने-कोने से आने वाले लोग यहां की सांस्कृतिक व ऐतिहासिक धरोहर से भी परिचित हो सकेंगे। देश की प्रमुख पीठों में शुमार गोरक्षपीठ, धार्मिक पुस्तकें प्रकाशित करने वाला गीताप्रेस और भौगोलिक रूप से बौद्धिस्ट सर्किट कुशीनगर, कपिलवस्तु एवं श्रावस्ती के कारण इसकी महत्ता और बढ़ जाती है।

तेजी से बढ़ रहा पर्यटन
योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरखपुर व आस-पास के क्षेत्रों में तेजी से पर्यटन का विकास हो रहा है।नए-नए स्थलों को विकसित किया जा रहा है।गोरखपुर का रामगढ़ताल,गीता प्रेस,गीता वाटिका,चिड़ियाघर,विष्णु मंदिर,राप्ती नदी का किनारा,कुसम्ही जंगल सहित कई स्थान पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।खासकर रामगढ़ताल क्षेत्र जो प्रमुख पर्यटन केंद्र के रुप में विकसित हो चुका हैं।आज यहां लाइट एण्ड शो,बोटिंग,सहित आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। भविष्य में यहां सी प्लेन से लेकर कई बड़ी परियोजनाएं आने वाली हैं।

क्या है स्वदेश दर्शन योजना
स्वदेश दर्शन योजना विषयगत पर्यटन सर्किट के एकीकृत विकास के उद्देश्य से पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2014-15 में शुरू की गई एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। इस योजना का उद्देश्य भारत में पर्यटन की क्षमता को बढ़ावा देना, विकसित करना और उसका दोहन करना है। स्वदेश दर्शन योजना के तहत, पर्यटन मंत्रालय सर्किट के अवसंरचना के विकास के लिए राज्य सरकारों, संघ राज्य क्षेत्रों के प्रशासन को केंद्रीय वित्तीय सहायता - सीएफए प्रदान करता है।

पर्यटन की क्षमता को बढ़ाना
इस योजना की परिकल्पना स्वच्छ भारत अभियान, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया आदि जैसे अन्य योजनाओं के साथ तालमेल बिठाने के लिए की गई है, जिसमें पर्यटन क्षेत्र को रोजगार सृजन, आर्थिक विकास के लिए प्रेरक शक्ति, विभिन्न क्षेत्रों के साथ तालमेल बनाने ताकि पर्यटन को अपनी क्षमता का एहसास हो सके, के लिए एक प्रमुख इंजन के रूप में स्थान दिया गया है।












Click it and Unblock the Notifications