Dipawali 2022: दीपावली पर धूम मचाने को तैयार हो रहीं टेराकोटा की मूर्तियां,देश के कई राज्यों में बढ़ी डिमांड
गोरखपुर की टेराकोटा मूर्तियों की विश्व स्तर पर पहचान बन चुकी है।जिले के वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट में शामिल टेराकोटा उत्पाद अब दीपावली में धूम मचाने को तैयार है।टेराकोटा की बनी गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां व दियों की गुजरात,
Dipawali 2022: गोरखपुर की टेराकोटा मूर्तियों की विश्व स्तर पर पहचान बन चुकी है।जिले के वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट में शामिल टेराकोटा उत्पाद अब दीपावली में धूम मचाने को तैयार है।टेराकोटा की बनी गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां व दियों की गुजरात,महाराष्ट्र,केरल सहित देश के कई राज्यों में डिमांड बढ़ी है।कई आर्डर बुक हो चुके हैं और कई अभी लाइन में हैं। दीवाली पर टेराकोटा उत्पादों की डिमांड बढ़ने से शिल्पकारों में खुशी की लहर है।

जैसे-जैसे दीपावली पर्व नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे टेराकोटा मूर्तियों की डिमांड बढ़ती जा रही है। इस हस्तशिल्प की सुदंरता सभी को भा रही है।इसी वजह से केरल,महाराष्ट्र,गुजरात,तेलंगाना सहित भारत के कई अन्य राज्यों में इसकी डिमांड बढ़ी है।शिल्पकार मांग के मुताबिक मूर्तियां तैयार कर रहे हैं।विशेष प्रकार के दियों की मांग ज्यादा है।खासकर लक्ष्मी गणेश की प्रतिमा के साथ जुड़े हुए दियों की मांग ज्यादा है।इसके साथ ही स्टैण्ड दीया व कलश दीया की भी मांग ज्यादा है।
औरंगाबाद के शिल्पकार मनोज बताते हैं कि इन दिनों टेराकोटा मूर्तियों व दीयों की डिमांड बढ़ गयी है।दीपावली पर इनकी बहुत मांग है।देश के कई राज्यों के व्यापारी आर्डर दे रहे हैं।मांग इतनी अधिक है कि उतना सप्लाई देना संभव नहीं हो पा रहा है।इसलिए बहुत सारे आर्डर लौटाने पड़ रहे हैं।हम सभी शिल्पकार इन आर्डर को पूरा करने के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं।
टेराकोटा
टेराकोटा गोरखपुर के औरंगाबाद से निकली एक लोकप्रिय हस्तशिल्प कला है।जिसकी आज दुनिया में मांग है।यह चीनी मिट्टी से निर्मित एक शिल्प कला है।जिससे निर्मित उत्पादों की मांग बढ़ी है।यह सीएम योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है।












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