Fatima Hospital ने हासिल की बड़ी उपलब्धि, HOTA ने दिया यह लाइसेंस, अब हो सकेगा इस अंग का प्रतिरोपण
Fatima Hospital Eye Department Cornea Transplant Latest News Gorakhpur: गोरखपुर के पादरी बाजार में स्थित फातिमा हॉस्पिटल ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि के बाद फातिमा हॉस्पिटल शरीर के एक एक महत्वपूर्ण अंग का प्रतिरोपण कर सकेगा। फातिमा हॉस्पिटल के निदेशक फादर संतोष सेबेस्टियन ने इस पर विस्तार से जानकारी दी है। आइए जानते हैं क्या है उपलब्धि और किस अंग का सफल प्रतिरोपण किया जा सकेगा।?
यह है बड़ी उपलब्धि
फातिमा हॉस्पिटल के निदेशक फादर संतोष सेबेस्टियन ने बताया कि अस्पताल को HOTA (The Transplantation of Human Organs and Tissues Act) के तहत कॉर्निया ट्रांसप्लांट यानी नेत्र प्रतिरोपण के लिए अधिकृत लाइसेंस प्राप्त हुआ है।

क्या है HOTA?
मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम (HOTA), 1994, भारत में मानव अंगों और ऊतकों के निष्कासन, भंडारण, और प्रत्यारोपण को नियंत्रित करने वाला एक कानून है। यह चिकित्सीय उद्देश्यों के लिए इन गतिविधियों को विनियमित करता है ।
किया गया सफल नेत्र प्रतिरोपण
इस उपलब्धि के बाद अस्पताल में डॉक्टर पल्लवी धवन के नेतृत्व में सफल प्रतिरोपण किया गया। इस सर्जरी में दक्ष विशेषज्ञों की टीम डॉक्टर अंजुम जैन, विभागाध्यक्ष, डॉक्टर नीलिमा जैन, डॉक्टर शौर्य वर्मा द्वारा पूरी की गई। जिससे दृष्टिहीन मरीज को रोशनी मिली।
बोले निदेशक
फातिमा हॉस्पिटल के निदेशक फादर संतोष सेबेस्टियन ने इस उपलब्धि पर कहा कि यह उपलब्धि न केवल फातिमा अस्पताल की है बल्कि पूरे पूर्वांचल के मरीजों के लिए आशा की नई किरण है। मरीजों को नेत्र प्रतिरोपण के लिए बहुत दूर नहीं जाना पड़ेगा।
बोलीं डॉक्टर
डॉक्टर पल्लवी धवन ने कहा कि नेत्र प्रतिरोपण उन मरीजों के लिए ज्यादा फायदेमंद है जिनकी दृष्टि कॉर्निया की वजह से प्रभावित हुई है।
बोले विभागाध्यक्ष
नेत्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर अंजुम जैन ने कहा कि यह उपलब्धि हमारे विभाग और अस्पताल के लिए गर्व का विषय है। हमारा उद्देश्य हर जरूरत मंद को राहत देना है।












Click it and Unblock the Notifications