Fake currency: जाली नोटों के कारोबार के पीछे विदेशी ताकतें,पुलिस की जांच में कई अहम खुलासे
गोरखपुर पुलिस जाली नोटों का कारोबार करने वाले दो तस्करों को गिरफ्तार कर गहराई से मामले की छानबीन कर रही है।आईबी व एटीएस सहित कई जांच एजेंसिया आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं।शुरुआती पूछताछ में पुलिस को कुछ अहम जानकारी हाथ
Fake currency racket in Gorakhpur: गोरखपुर पुलिस जाली नोटों का कारोबार करने वाले दो तस्करों को गिरफ्तार कर गहराई से मामले की छानबीन कर रही है।आईबी व एटीएस सहित कई जांच एजेंसिया आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं।शुरुआती पूछताछ में पुलिस को कुछ अहम जानकारी हाथ लगी है।छानबीन में आरोपियों के तार बिहार व नेपाल से जुड़े मिले हैं।पुलिस ने जाली नोटों को जांच के लिए लैब भेजा है।रिपोर्ट आने के बाद पुलिस की छानबीन और बढ़ेेगी।कुछ दिन पूर्व गोरखपुर के गगहा थानाक्षेत्र में दो आरोपियों की जाली नोटों के साथ गिरफ्तारी हुई थी।

जानकारी के मुताबिक,गगहा पुलिस ने आठ अक्टूबर को दो आरोपियों देवरिया के जगरनाथ व गोरखपुर के गगहा के विक्रम जायसवाल को गिरफ्तार किया था।इनके पास से जाली नोट बारामद किए गए थे। पूछताछ में पता चला कि गगहा क्षेत्र के महुराई निवासी अनुराग यादव और बेलादार निवासी बृजेश गोस्वामी ने उन्हें जाली नोट चलाने के लिए दिया था।यह जाली नोट नेपाल से यहां लाई गयी थी।कुछ समय पूर्व बांसगांव के बेलघाट में भी जाली नोट के साथ दो लोग पकड़े गए थे।पुलिस की जांच में पता चला कि आजमगढ़ का रहने वाला कोई व्यक्ति यहां जाली नोट देता था।
कभी नेपाल तो कभी आजमगढ़ से भेजे जा रहे जाली नोट अब तक गिरफ्तार हुए आरोपियों से मिली जानकारी के मुताबिक गोरखपुर व आस-पास के जिलों में जाली नोट आजमगढ़ व नेपाल से भेजे जा रहे हैं।नेपाल के रास्ते जाली नोटों का यहां आना विदेशी ताकतों की तरफ इशारा करता है।वे विदेशी ताकतें जो भारत की अर्थव्यवस्था को बर्बाद करना चाहती हैं। हालां कि यह गहन जांच का विषय है।
वरिष्ट पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने बताया कि जाली नोट मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।कई अहम जानकारी मिली है।अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।












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