UGC-INFLIBNET Centre गुजरात ने गोरखपुर विश्वविद्यालय में की यह खास पहल, बढ़ेगी ये सुविधाएं
DDU University Gorakhpur: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के केन्द्रीय ग्रंथालय एवं UGC-INFLIBNET Centre, गांधीनगर, गुजरात के संयुक्त तत्वाधान में "User Awareness Programme on IRINS and INFLIBNET Services for Scholarly Communities" विषय पर एक दिवसीय क्षे़त्रीय कार्यशाला का कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने उद्घाटन किया। सर्वप्रथम विश्वविद्यालय के ग्रंथालयी डा0 बिभाष कुमार मिश्रा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा अपने स्वागत भाषण में यह बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा INFLIBNET की सुविधाओं को सुलभ बनाने के लिए कुलपति जी द्वारा केन्द्रीय ग्रंथालय में INFLIBNET कॉर्नर का शुभारम्भ किया गया।
केन्द्रीय ग्रंथालय में स्थापित INFLIBNET कॉर्नर में एक बार कोड पोस्टर पर प्रदर्शित किया गया है, जिसके स्कैन करते ही INFLIBNET की साइट पर जाकर INFLIBNET की सभी सुविधाओं का लाभ उठाया जा सकता है। यह सुविधा विश्वविद्यालय को शोध, शिक्षण एवं अध्ययन के क्षेत्र में एक नई दिशा देगी तथा विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को राष्ट्रीय स्तर की डिजिटल शैक्षणिक सुविधाओं से जोड़ने का भी कार्य करेगी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में एम.एम.एम.यू.टी. के कुलपति प्रो0 जे0पी0 सैनी जी ने अपने वक्तव्य में INFLIBNET Services के नवाचार पहल की सराहना करते हुए इसे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं अनुसंधानपरक प्रगति की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह सुविधा विश्वविद्यालय को शोध, शिक्षण एवं अध्ययन के क्षेत्र में एक नई दिशा देगी तथा विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को राष्ट्रीय स्तर की डिजिटल शैक्षणिक सुविधाओं से जोड़ने का कार्य करेगी।

कुलपति प्रो0 पूनम टंडन ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उस समझौते का भी जिक्र किया कि जो अभी हाल में ही उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जी की उपस्थिति में INFLIBNET सेन्टर गांधीनगर, गुजरात के डायरेक्टर प्रो0 देविका पी. माडल्लि एवं उ0प्र0 राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के मध्य लखनऊ में INFLIBNET की डिजिटल सेवाओं को अंगीकार करने हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया गया था। कुलपति ने कहा कि INFLIBNET सेन्टर की डायरेक्टर प्रो0 देविका पी. माडल्लि ने उ0प्र0 के विश्वविद्यालयों के मध्य हुए समझौता ज्ञापन के क्रम में गोरखपुर विश्वविद्यालय को इस अंचल के सभी विश्वविद्यालयों, कालेजों एवं पुस्तकालय प्रोफेशनल्स को INFLIBNET Services प्रदान करने के लिए एक अवेयरनेस प्रोग्राम कराने हेतु चयनित किया तथा इस आयोजन हेतु वित्तीय सहायता भी प्रदान की। कुलपति ने INFLIBNET की डायरेक्टर प्रो0 देविका मडाली के प्रति धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत INFLIBNET की सुविधाओं जिसमें- IRINS, ONOS, Shodh-Chakra, Vidwan Database, Shodh Shuddhi, Shodhganga का उपयोग देश के सभी विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के लिए अत्यन्त उपयोगी है। उन्होंने कहा कि INFLIBNET की सुविधा विश्वविद्यालय में शोध एवं अध्ययन के स्तर को न केवल नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा, बल्कि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल को और भी सशक्त करेगा। इस आयोजन से विश्वविद्यालय सहित उत्तर प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं तकनीक-समर्थ बनाने में मदद मिलेगी।
रिसोर्स पर्सन के रूप में इन्फिलबनेट सेन्टर, गांधीनगर गुजरात से आये विशेषज्ञ वक्ता साइंटिस्ट डा0 अभिषेक कुमार ने शोध-चक्र को शोधकर्ताओं के लिए संसाधनों का प्रवेशद्वार (गेटवे) बताते हुए शैक्षणिक समुदायों के लिए INFLIBNET सेवाओं के उपयोग के सम्बन्ध में प्रजेन्टेशन के माध्यम से विस्तार से जानकारी प्रदान की तथा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का त्वरित समाधान किया। इन्फिलबनेट सेन्टर से आये साइंटिस्ट श्री हितेशकुमार सोलंकी जी ने भारतीय अनुसंधान सूचना नेटवर्क प्रणाली के अन्तर्गत विद्वान डाटावेस तथा प्त्प्छै की सेवाओं और वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (ONOS) तक पहुँच बनाने तथा उसके उपयोग एवं उपयोगकर्ता प्रबंधन के सम्बन्ध में विस्तार से पावर प्रजेन्टेशन के माध्यम से महत्त्वपूर्ण एवं उपयोगी जानकारी प्रदान की।
उन्होंने आफलाइन मोड में लगभग 250 से अधिक प्रतिभागियों एवं आनलाइन मोड में 304 प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा उनके प्रश्नों का त्वरित एवं संतोषजनक जवाब देकर सभी प्रतिभागियों के जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। दोनों वैज्ञानिकों द्वारा IRINS (Indian Research Information Network System) और INFLIBNET की विभिन्न सेवाओं यथा- IRINS, ONOS, INFED, Shodh-Chakra, Vidwan Database, Shodh Shuddhi, Shodhganga आदि के सम्बन्ध में महत्त्वपूर्ण जानकारी विस्तार से प्रदान गयी तथा यह आश्वासन दिया गया कि हम आपके जिज्ञासाओं के समाधान के लिए हमेशा आॅनलाइन उपलब्ध हैं। आप ईमेल के माध्यम से अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस आयोजन से गोरखपुर विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के अन्य सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं तकनीक-समर्थ बनाने में मदद मिलेगी। मंच का संचालन डा0 सुर्यकान्त त्रिपाठी द्वारा किया गया तथा आभार ज्ञापन प्रो0 अनुभूति दूबे, अधिष्ठाता, छात्र कल्याण द्वारा किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रोफेसर शांतनु रस्तोगी, प्रो0 सुग्रीव नाथ त्रिपाठी, डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर अनुभूति दुबे, प्रो0 जितेन्द्र मिश्र, प्रो0 संजय बैजल, प्रो0 गौर हरि बेहरा, प्रो0 सुधीर कुमार श्रीवास्तव, डा0 कुशल नाथ मिश्रा, प्रो0 दिनेश यादव, प्रो0 शरद कुमार मिश्र, प्रो0 आमोद राय, प्रो0 दिव्या रानी सिंह, डा0 शिखा सिंह, डा0 राकेश कुमार मिश्र, श्री सच्चिदानन्द पाण्डेय, श्री महेन्द्र नाथ सिंह, योगेन्द्र यादव, सीमा प्रयाग चैधरी सहित विश्वविद्यालय के बड़ी संख्या में शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।












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