पूर्वांचल के विकास पर वेबिनार का सीएम योगी ने किया शुभारंभ, कहा- यह क्षेत्र पिछड़ा नहीं, संसाधनों से भरा है
गोरखपुर। पूर्वांचल पिछड़ा है, ऐसी मानसिकता लोगों में भर गई है और इसके पीछे अकादमिक भी जिम्मेदार है। सच यह है कि पूर्वांचल में उपजाऊ जमीन, सालोंभर बहने वाली गंगा, भरपूर मानव संसाधन समेत सबकुछ है जिसका उपयोग कर हम इस क्षेत्र को समृद्ध बनाएंगे। यह काम हार्वर्ड या कैम्ब्रिज नहीं करेगा, इसको हमें खुद ही करना होगा और इसके लिए इस अभियान से युवाओं, किसानों और शिल्पकारों को जोड़ना होगा। यह बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित 'पूर्वांचल का सतत विकास: मुद्दे, रणनीति एवं भावी दिशा' विषय पर आयोजित तीन दिवसीय वेबिनार का शुभारंभ करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में कोई न कोई खूबी है जिसको देखते हुए प्रदेश सरकार ने ओडीओपी योजना शुरू की। एक जिला एक उत्पाद के जरिए आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में प्रदेश आगे बढ़ रहा है। गोरखपुर की धरती भगवान राम, बुद्ध, जैन तीर्थंकरों, गुरु गोरखनाथ की धरती रही है। प्रदेश में हेरिटेज टूरिज्म की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए सीएम योगी ने कहा कि यूपी में ही दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन कुंभ होता है। यहीं महाकाव्य रामायण की रचना हुई थी। अयोध्या दीपावली तो काशी देव दीपावली के लिए जाने जाते हैं। हेरिटेज और स्प्रिचुअल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदारों को सोचना होगा और उनको जवाबदेही लेनी होगी।
सीएम ने कहा कि एसी रूम में बैठकर योजनाएं नहीं बनाई जाएंगी, हमें सफेद हाथी खड़े नहीं करने हैं, रिजल्ट देने हैं इसलिए स्थानीय स्तर पर जो जिस चीज के एक्सपर्ट हैं उनसे बात करनी होगी। स्थानीय जरूरतों को समझते हुए योजना बनानी होगी। प्रदेश सरकार बेहतर कानून व्यवस्था, आधारभूत ढांचा और नीतियों समेत अन्य स्तर पर मदद देने को तैयार है। गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित इस तीन दिवसीय वेबिनार में विशेषज्ञ पूर्वांचल में विकास की संभावनाओं पर अपने विचार रखेंगे और प्रदेश सरकार का कहना है कि इस आधार पर इस क्षेत्र के विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा।












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