UP: तस्करी व आतंकी गतिविधियों को रोकेगी 'युवाओं की टोली', मिली यह खास जिम्मेदारी
Indo-Nepal Border News Gorakhpur: भारत- नेपाल सीमा पर सुरक्षा और कड़ी करने के लिए एडीजी जोन अखिल कुमार ने खास पहल ही है। ऑपरेशन कवच के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में युवाओं की टोली बनाकर तस्करी व आतंकी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित जिलों के एसपी को आदेश जारी कर दिया गया है।
तस्करी व आतंकी गतिविधियों पर नजर भारत- नेपाल सीमा पर तस्करी व आतंकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए युवाओं की टोली बनाई जाएगी। इसमें नई उम्र के दस युवा शामिल रहेंगे। ये युवा सीमावर्ती क्षेत्र में होने वाली सभी गतिविधियों पर नजर रखेंगे। जैसे की कोई अवैध गतिविधि दिखेगी उसकी सूचना पुलिस को देंगे।

उत्तर प्रदेश- नेपाल सीमा पर हैं सैंकड़ों पगड़डियां
नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश के जिलों महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत की 570 किलोमीटर सीमा है। दोनों देश में आने जाने के लिए सोनौली, खूंनवा, रुपईडीहा के अलावा 300 से अधिक पगडंडियां हैं। ये युवाओं की टोली इन पगडंडियों पर भी नजर रखेगी।
देंगे यह महत्वपूर्ण सूचनाएं
युवाओं की टोली गांव में किसी भी बाहरी व्यक्ति के आने की, आपराधिक कृत्य करने की,मादक पदार्थों के तस्करी की, देश विरोधी गतिविधियों में किसी के भी संलिप्तता की जानकारी पुलिस को देगी।
एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि सीमावर्ती जिलों के एसपी को निर्देश दिया गया है कि युवाओं की टोली बनाई जाए। इसके तहत काम भी शुरू कर दिया गया है। गांवों वालों से पुलिस लगातार संपर्क में रहकर घुसपैठ, अपराध रोकने पर प्रभावी कार्रवाई करेगी।












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