Nepal Plane Crash: हवाई जहाज में सफर करने की चाहत ने ली चार दोस्तों की जान, पहली यात्रा बन गई आखिरी
नेपाल प्लेन हादसे में मरने वाले सोनू और उसके दोस्तों की कहानी बड़ी दर्दनाक है। आर्थिक रूप से कमजोर दोस्तों को भी अपने खर्च पर सोनू घुमाने ले गया था। पहला हवाई सफर अंतिम बन गया।

साल 1980 में बनी दोस्ताना फिल्म का गाना 'बने चाहे दुश्मन जमाना हमारा, सलामत रहे दोस्ताना हमारा' आज भी लोग गुनगुनाते रहते हैं। Nepal Plane Crash में ऐसे ही एक दोस्ताने का अंत हो गया, 4 दोस्त अपनी जान गवा दिए। चारों गाजीपुर के रहने वाले थे और चारों आपस में घनिष्ठ मित्र थे। कोई आर्थिक रूप से मजबूत था तो कोई आर्थिक रूप से कमजोर था लेकिन दोस्ती ऐसी की एक ही इशारे पर सभी एक दूसरे के साथ खड़े नजर आते थे। ऐसा ही कहना है गाजीपुर प्लेन हादसे में मृत सोनू जायसवाल के रिश्तेदार विजय जायसवाल का।

चारों के बीच बचपन से ही थी गहरी दोस्ती
दरअसल, रविवार को नेपाल के पोखरा में हुए प्लेन हादसे में गाजीपुर जिले के सोनू जायसवाल, अभिषेक कुशवाहा, अनिल राजभर और विशाल शर्मा नामक चार दोस्तों की मौत हो गई। गांव वाले बताते हैं कि चारों की बचपन से ही गहरी दोस्ती थी भले ही इनके गांव थोड़ी दूरी दूरी पर थे लेकिन सभी एक दूसरे के साथ हमेशा खड़े नजर आते थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि कभी भी इन चारों लोगों के बीच विवाद नहीं होता था। चारों दोस्तों में सोनू जायसवाल ही एक ऐसा था जिस जो शादीशुदा था। 4 वर्ष पूर्व सोनू ने संगीता नामक युवती से प्रेम विवाह किया था और शादी के बाद अपने बच्चों की शिक्षा दीक्षा के लिए सोनू वाराणसी जिले के सारनाथ में चलाया। इस दौरान जब भी सोनू गांव जाता था तो अपने दोस्तों से जरूर मुलाकात करता था और चारों दोस्त कई बार भारत के अन्य पर्यटन स्थलों पर भी भ्रमण करने के लिए गए थे।

चारों के काम थे अलग-अलग, सोनू सबसे संपन्न था
प्लेन हादसे में अपनी जान गवां चुका अनिल राजभर गाजीपुर जिले के चकजैनब गांव का रहने वाला था। पढ़ाई लिखाई करने के बाद कहीं नौकरी नहीं मिली तो जहूराबाद चट्टी पर वह पान की दुकान चलाता था। इसी दुकान में वह फ़ोटो स्टेट और ऑनलाइन काम करता था। इसके अलावा गाजीपुर जिले के नोनहरा थानांतर्गत धरावा निवासी 25 वर्षीय अभिषेक कुशवाहा भी अलावलपुर में सहज जन सेवा केंद्र चलाता था। किसी प्रकार की समस्या होने पर अभिषेक कुशवाहा अनिल राजभर की मदद करने के लिए आता जाता रहता था। इसके अलावा अलावलपुर गांव का रहने वाला 23 वर्षीय विशाल शर्मा टीवीएस एजेंसी में फाइनेंस का काम देखता था और कंपनी के काम से खाली होने पर कभी-कभी अभिषेक की दुकान पर भी बैठता था। चारों दोस्तों में चकजैनब निवासी सोनू जायसवाल की शादी शुदा था और वह अपने परिवार के साथ वाराणसी के सारनाथ में रहता था। गांव वाले बताते हैं कि चारों लोगों में सोनू जायसवाल ही सबसे संपन्न था।

मन्नत पूरी होने पर दोस्तों के साथ निकला घूमने
यह भी बताया गया कि नेपाल में स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में सोनू जायसवाल द्वारा पुत्र होने की मन्नत मांगी गई थी। सोनू जायसवाल को 6 साल की बेटी आराध्या और 3 साल की बेटी अनामिका है। अभी हाल ही में एक बेटे का जन्म हुआ जिसका नाम जीवनदीप रखा गया था। ऐसे में मन्नत पूरी होने के बाद सोनू जायसवाल पशुपतिनाथ दर्शन करने के लिए जाने वाला था। दोस्तों से विचार-विमर्श करने के बाद सभी लोग जाने के लिए तैयार हो गए ऐसे में हवाई जहाज का टिकट सोनू द्वारा ही बुक कराया गया था। सोनू शराब ठेका चलाता था और सबसे संपन्न था ऐसे में सोनू अपने दोस्तों का रुपया खर्च नहीं होने देता था। परिवार वालों का यह भी कहना है कि अभी चारों लोग हवाई जहाज से यात्रा नहीं किए थे ऐसे में यह उनका पहला हवाई सफर था।

परिवार में मातम, सबकी जुबां पर दोस्ती की चर्चा
इस विमान हादसे में गाजीपुर निवासी चारों दोस्तों की मौत हो जाने के बाद चारों के घर मातम पसरा हुआ है। सोमवार को भी चारों के घर उनके रिश्तेदार और जान पहचान के लोग पहुंचकर ढांढस बंधाते नजर आए। वही बेहद करीबी मित्रों की मौत एक साथ हो जाने की घटना को लेकर भी गांव के लोगों में तरह-तरह की चर्चा चल रही है। चक जैनब स्थित सोनू के घर पर काफी संख्या में लोगों की भीड़ सोमवार को भी देखने को मिली। पत्नी संगीता का रो रो कर बुरा हाल था और बार-बार वह बेहोश हो जा रही थी। सोनू के जाने वालों का कहना है कि सोनू काफी मिलनसार व्यक्ति था। सारनाथ में भी उसके पास पड़ोस में रहने वाले लोगों का कहना है कि घटना के बाद उनको भरोसा ही नहीं हुआ। वाराणसी के सारनाथ में स्थित उसके आवास के गेट पर ताला लगा हुआ है उसकी पत्नी को उसके पिता रविवार को ही सायं काल पैतृक आवास लेकर चले गए।
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