Lok Sabha Election 2024: बीजेपी ने गाजीपुर से किसे दिया टिकट? लोग कह रहे हैं कि अब यहां होगी कड़ी टक्कर
Lok Sabha Election 2024: भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रत्याशियों की दसवीं सूची जारी कर दी गई है। इस लिस्ट में गाजीपुर से प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर दिया गया है। अभी तक गाजीपुर सीट पर अब तक कयास लगाए जा रहे थे कि किसी बड़े नेता को उतारा जा सकता है।
चर्चा थी कि यहां से सकलडीहा विधायक सुशील सिंह या पूर्व सांसद मनोज सिंहा या पूर्व विधायक अलका राय काे टिकट दिया जा सकता है। कुछ नेताओं के समर्थक तो चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिए थे। लेकिन बुधवार को इसपर विराम लग गया।

इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने पारसनाथ राय को टिकट दिया है। पारसनाथ राय मूल रुप से गाजीपुर जनपद के जखनियां (सुरक्षित) विधानसभा के सिखड़ी गांव के रहने वाले हैं। मौजूदा समय में पारस नाथ राय मदन मोहन मालवीय इंटर कॉलेज के प्रबंध निदेशक हैं।
बताया जा रहा है कि पारस नाथ राय जम्मू कश्मीर के एलजी और गाजीपुर के पूर्व सांसद मनोज सिंहा के करीबी सहयोगी हैं। कहा जा रहा है कि इसी के चलते भाजपा ने उन्हें चुनाव मैंदान में उतारा है।
मुख्तार की मौत के बदला समीकरण
बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की मौत के बाद मुख्तार अंसारी की गृह जनपद गाजीपुर में सियासी माहौल पूरी तरह बदल गया है। यही कारण है कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा गाजीपुर लोकसभा सीट पर भी प्रत्याशी के नाम चयन के लिए काफी मंथन किया गया।
पहले यहां चर्चा थी कि मनोज सिन्हा को टिकट दिया जा सकता है। लेकिन जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल होने और जम्मू-कश्मीर में सुर्खियां बटोरने के कारण भारतीय जनता पार्टी वहां किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती थी। ऐसे में मनोज सिन्हा को टिकट नहीं दिया गया।
मनोज सिन्हा के बेटे अभिनव को टिकट दिए जाने पर भारतीय जनता पार्टी पर भी परिवारवाद का आरोप लगता। ऐसे में पार्टी द्वारा उनकी बेटी अभिनव के नाम को भी खारिज कर दिया गया। वही अलका राय विधानसभा चुनाव हार गईं थीं, यही कारण था कि उनको भी पार्टी इस सीट से उतरना उचित नहीं समझती थी।
इस कारण पारस राय को दिया गया टिकट
वाराणसी सुमित पूर्वांचल के कई जनपदों में भूमिहार वोटरों की अच्छी तादात है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी द्वारा इस सीट पर भूमिहार जाति के प्रत्याशी को उतार कर गाजीपुर के साथ ही बलिया, आजमगढ, घोसी और बनारस आदि लोकसभा सीटों पर भूमिहार वोटरों को अपने पक्ष में करने का प्रयास किया गया है।
पारस नाथ राय की छवि जिले में काफी अच्छी है। कहा जा रहा है कि इसका लाभ भी उनको मिलेगा। फिलहाल देखना यह होगा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा रस से जुड़े पारस राय को इस लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया जाना पार्टी के लिए कितना कारगर साबित होता है।












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