दहेज में बनेगी बायो रिफाइनरी, मुख्यमंत्री रूपाणी ने अमेरिकी कंपनी से किया अरबों का समझौता
Gujarat News, गांधीनगर। गुजरात के दहेज में तीन हजार करोड़ के निवेश से बायो रिफाइनरी का निर्माण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की उपस्थिति में बायोकेम यूएसए और राज्य सरकार के बीच एमओयू साइन हुआ है। ये परियोजना 30 महिने में शुरू होगी।

एमओयू का यह आयोजन दहेज के पेट्रोलियम केमिकल्स एन्ड पेट्रोकेमिकल्स इंन्वेस्टमेंट रीजन (PCPIR) के लिए हुआ है। इसके तहत विशाल बायो रिफाइनरी के निर्माण के लिए गांधीनगर में बायोकेम यूएसए और राज्य सरकार के उद्योग विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बायोकेम के योगी सरीन और उद्योग विभाग के अग्रसचिव उद्योग एम के दास ने इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।
25,000 नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे
कंपनी ने दावा किया है कि लगभग 3000 करोड़ के निवेश के साथ 25,000 नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। दहेज पीसीपीआईआर में 10 मेट्रीक टन मकाई और 3 लाख टन बायो मास प्रोडक्शन प्लांट बनेगा। इस प्लांट में जानवरों के लिए प्रोटीन भोजन, जैव ईंधन इथेनॉल, खाद्य मकई तेल और बायोडीजल का उत्पादन किया जायेगा।

यह प्लांट जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट होने के कारण पर्यावरण संरक्षित होगा। जैव ईंधन परियोजना एक से डेढ़ साल के भीतर चालू हो जाएगी। यह प्लांट किसानों के राजस्व में भी बढौंतरी करेगा, इतना ही नहीं इनसे राज्य और देश का जीडीपी भी बढ़ने की उम्मीद है। समझौता ज्ञापन पर राज्य के वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरविंद अग्रवाल, उद्योग आयुक्त ममता वर्मा, जीआईडीसी के एमडी डी. थारा, इंडेक्ष्ट-बी के एमडी राजकुमार बेनीवाल आदि उपस्थित थे।












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