गुजरात पर मानसून मेहरबान, नदी-तालाब उफान पर, देखें कैसे झर-झर बह रहा है Gira Falls

गांधीनगर। दक्षिण गुजरात में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। कहीं-कहीं बाढ़ भी आ गई है। ऐसे में मानसूनी सीजन में यहां पर्यटन स्थल हरे-भरे हो गए हैं। बारिश के बीच पर्यटकों का आवागमन हो रहा है। यहां सापुतारा और गीरा वॉटरफॉल्स लोगों को खासा मोह रहे हैं। राज्य में वघाई अंबापाड़ा के निकट डांग में गीरा के झरने बहते हैं। यह इन दिनों पानी से लबालब हैं और हरियाली की वजह से हिल स्टेशन पर टूरिस्ट्स की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। झरने की वजह से ही अंबिका नदी तो फिर से जी उठी है। यह नदी गर्मियों में अक्सर सूख जाती है। अब नदी के किनारों पर चट्टानी पत्थरों पर तेज रफ्तार से बह रहे झरने से लगता है कि यहां की प्राकृतिक सुंदरता सदा ऐसी ही रहती होगी।

भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर, बह रहे झरने

भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर, बह रहे झरने

गीरा फॉल्स गुजरात में डांग जिले के वाघई टाउन से लगभग 3 किमी की दूरी पर है, जो कि कापरी नदी तले गिरता है और फिर पानी अंबिका नदी में चला जाता है। वघई से सापुतारा की दूरी करीब दो किलोमीटर है। मानसून के बाद, दिसंबर तक इस झरने को देखने के लिए हजारों पर्यटक यहां आते हैं। वाहन झरने के पास नदी के किनारे तक जा सकते हैं।

8-10 इंच बारिश से डांग में निखरी ये खूबसूरती

8-10 इंच बारिश से डांग में निखरी ये खूबसूरती

यहाँ बाँस के घने जंगल हैं। सच कहें तो यह ऐसी जगह है जहां मानसून के मौसम में पर्यटक बड़ी मात्रा में कुदरत का आनंद उठाने आते हैं। संवाददाता के मुताबिक, पिछले दो दिनों में दक्षिण गुजरात के जिलों में भारी बारिश हुई है। कुछ इलाकों में पिछले 24 घंटों में, आठ से दस इंच बारिश हुई है। इसी के चलते डांग में यह प्राकृतिक सुंदरता प्रकृट हुई है।

तीस मीटर ऊंचाई से बहता है ये झरना

तीस मीटर ऊंचाई से बहता है ये झरना

इस झरने की ऊंचाई करीब 75 फीट (तीस मीटर) है। पानी की आवक बढ़ने से न केवल झरना लहलहाया है, बल्कि दक्षिण गुजरात में नदी-नालों का जल स्तर भी काफी बढ़ गया है। सापुतारा की खूबसूरती भी सामने आई है। गिरा से अंबिका नदी खुद एक फॉल में गिरती है और आगे, बिलमोरा के पास अरब सागर से मिलती है।

दूर से सुनाई दे रही पानी गिरने की आवाज

दूर से सुनाई दे रही पानी गिरने की आवाज

इन दिनों जबकि मानसून में अंबिका में बहुत पानी है, तो गीरा फॉल्स किसी साउथ इंडियन स्टेट के वॉटरफॉल्स जैसा अहसास दिला रहा है। पानी की आवाज कई किमी दूर से सुनाई दे रही है।

लोगों को झरने के नीचे जाने की मनाही

लोगों को झरने के नीचे जाने की मनाही

फॉल के नीचे गहराई होने के कारण अगर कोई पर्यटक नीचे जाता है तो डूबने का खतरा है। ऐसे में हिदायत दी गई हैं कि कोई भी पर्यटक नीचे पानी में उतर नहीं सकता है।

जानिए, कैसे पहुंचें यहां

जानिए, कैसे पहुंचें यहां

यह झरना वाघई शहर 51 किमी दूर है, जबकि अहमदाबाद की दूरी 409 किमी है। यहां से सूरत 164 किमी है और मुंबई 250 किमी। गुजरात का ही वडोदरा शहर यहां 309 किमी दूर है। सड़क मार्ग से यहां पहुंचने के लिए आप वाघई और अहमदाबाद से राज्य परिवहन बसों या प्राईवेट लक्जरी कोच की सेवा ले सकते हैं।

राज्य राजमार्ग और एयरपोर्ट भी हैं जरिया

राज्य राजमार्ग और एयरपोर्ट भी हैं जरिया

यदि आप एक निजी कार से आ रहे हैं, तो राष्ट्रीय राजमार्ग से जल्दी पहुंच सकते हैं। लेकिन राज्य राजमार्ग एक आश्चर्यजनक सुंदर ड्राइव प्रदान करेगा। वडोदरा एयरपोर्ट भी यहां से 309 किमी है, यानी पहले वडोदरा पहुंचना होगा।

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