सुरक्षा एजेंसियों की 'आंख-कान' हैं ये मछुआरे, पाक की हरकतें रोकने के लिए 171 को मिली ट्रेनिंग
गांधीनगर। गुजरात की तटीय सीमा पर पाकिस्तानी घुसपैठ रोकने और भारतीयों को अपहृत होने से बचाने के लिए इंडियन कोस्टगार्ड्स स्थानीय मछुआरों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। पाकिस्तानी मरीन सिक्योरटी एजेंसी एवं आईएसआई हमेशा साजिशें करती रही है। इन्हीं साजिशों से निपटने के लिए भारतीय सुरक्षा एजेंसियां बीएसएफ और भारतीय तटरक्षक बल की मदद कर रही हैं। बीते रोज गुजरात में एक सेमिनार आयोजित कर मछुआरों को प्रशिक्षण दिया गया। भारत और पाकिस्तान के बीच आईएमबीएल के समीप समुद्र में जाने वाले कुल 171 भारतीय मछुआरों को प्रशिक्षित किया गया।

आईएमबील न पार करने की सलाह दी
संवाददाता के अनुसार, इस दौरान बड़ी संख्या में मछली पकड़ने वाली नौकाओं को एक आम जगह पर इकट्ठा किया गया था और एक अस्थायी मंच पर सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम आईसीजीएस जहाज की एक बोर्डिंग टीम ने आयोजित किया। यहां प्रशिक्षण के दौरान, मछुआरों को उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा और पहचान के लिए नाव लाइसेंस, बायोमेट्रिक कार्ड, संकट चेतावनी ट्रांसमीटर, सुरक्षा गियर और लाइफ जैकेट ले जाने के महत्व से अवगत कराया गया। उन्हें आईएमबील पार करने और गैर क्षेत्र में मछली पकड़ने से मना किया गया।

लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की गई
जानकारों का मानना है कि मछुआरे भी सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं और सुरक्षा एजेंसियों के लिए आंख और कान भी होते हैं। इसलिए चैनल-16 पर भारतीय तटरक्षक बल की ओर से कॉल करने और समुद्र सीमा में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को देखने की रिपोर्ट करने का अनुरोध किया गया था। मछुआरों को लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की गई और सामान्य चिकित्सा स्वास्थ्य जांच भी की गई।

बताया कि कैसे पाक की करतूतों से कैसे बचा जा सकता है
मछुआरों को समुद्र में सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम आयोजित करने के लिये बुलाया गया था। खास तौर पर पाकिस्तानी मरीन सिक्योरिटी एजेंसी की करतूतों से कैसे बचा जा सकता है, समुद्र में बोर्डर के उस पार नहीं जाना, साथ में नाव में सभी उपकरणों का उपयोग करना जैसी सूचनायें मछुआरों को तटरक्षक दल के जवानों ने दी हैं।












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