'गुजरात के IAS दहिया मेरी बच्ची के बाप हैं', साबित करने के लिए DNA टेस्ट कराना चाहती है महिला
गांधीनगर। गुजरात में निलंबित आईएएस अधिकारी गौरव दहिया के खिलाफ दिल्ली की रहने वाली महिला ने अपनी बेटी के डीएनए की जांच कराने की मांग की है। महिला का कहना है कि मेरी आठ माह की बेटी का पिता गौरव दहिया ही है। फिर भी वह मुझे अपनी पत्नी मानने से इनकार कर रहा है। सच सबके सामने लाने के लिए, अब ये जरूरी है कि मेरी बेटी का डीएनए टेस्ट कराया जाए। उसका डीएनए गौरव दहिया के डीएनए से मैच होगा।

दो शादियों के आरोप लगे, तो दहिया सस्पेंड कर दिए गए
बता दें कि, गौरव दहिया गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। वह साल 2010 बैच के हैं। नियम के मुताबिक, आईएएस अधिकारी दो विवाह नहीं कर सकता। फिर भी दहिया दो महिलाओं के पति बन गए, ऐसे आरोप उन पर हैं। गुजरात सरकार ने जांच-पड़ताल की प्रक्रिया शुरू कराई है। साथ ही उन्हें निलंबित भी कर दिया है।

दहिया का कहना- मैंने एक ही शादी की
दो महिलाओं का पति होने से दहिया इनकार करते हैं। पिछले दिनों दहिया ने अपने बयान में कहा,'मैंने एक ही महिला से शादी की। दिल्ली की महिला के जरिए मुझे हनीट्रैप में फंसाया गया है। मुझ पर लगे आरोप गलत हैं।'' वहीं, दिल्ली निवासी महिला अपने बयान पर कायम है। महिला के मुताबिक, दहिया उसका भी पति है।

सच साबित कराने के लिए गांधीनगर आई महिला
अपनी बात को सच साबित करने के लिए वह महिला गांधीनगर आ पहुंची है। यहां महिला ने पुलिस महानिदेशक शिवानंद झा और गुजरात महिला आयोग की अध्यक्ष लीलाबेन अंकोलिया से मुलाकात की है। महिला ने कहा है कि दहिया को मुझसे एक बच्ची हुई, जो कि आठ महीने की है। उसका डीएनए टेस्ट कराकर देखें, सच सामने आ जाएगा।'

सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच गए दहिया
वहीं, महिला द्वारा जांच की मांग किए जाने पर गुजरात सरकार ने आरोपी आईएएस दहिया के खिलाफ जांच-पड़ताल शुरू करा दी। पिछले दिनों दहिया को निलंबित भी कर दिया गया। जिसके बाद दहिया सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच गए। गुजरात हाईकोर्ट में दहिया ने राज्य पुलिस से अपने मामले में दखल नहीं देने का निर्देश दिए जाने की मांग की। बकौल दहिया, ‘यह मामला दिल्ली पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है।'

मुख्य सचिव ने कहा रिपोर्ट देखकर ही निलंबित किया गया
उधर, मुख्य सचिव जेएन सिंह ने कहा, ‘जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने गौरव दहिया को निलंबित किया है।''
दहिया के खिलाफ दो शादियां करने और धोखाधड़ी के आरोपों की जांच के लिए पिछले महीने प्रधान सचिव सुनयना तोमर की अध्यक्षता में समिति गठित की गई थी। जांच-पड़ताल की प्रक्रिया जारी है।

नियम यह- एक से अधिक पत्नियां नहीं रख सकते आईएएस
दरअसल, भारत के सिविल सेवा नियम-19 में कहा गया है कि एक अधिकारी को एक से अधिक पत्नियों के आरोप में निलंबित किया जा सकता है। सरकार ने उन्हें निलंबित करने के बजाए उन्हें दूसरे विभाग में स्थानांतरित कर दिया। उसके बाद 15 अगस्त को उन्हें निलंबित भी कर दिया गया।












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