BJP राज्यसभा सीटें न जीत ले, इसलिए गुजरात में कांग्रेस बोली- हमारे MLA मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री से नहीं मिलेंगे
Gujarat News, गांधीनगर। गुजरात में राज्यसभा के उपचुनाव में क्रॉस वोटिंग के डर से कांग्रेस ने अपने विधायकों को आदेश दिया है कि वह सचिवालय में न जाएं। राज्य में राज्यसभा की दो सीटें ख़ाली हो रही हैं। ऐसे में विपक्षी दल ने विधायकों को राज्यसभा के चुनाव समाप्त होने तक गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी और उनके डिप्टी नितिन पटेल से हरगिज नहीं मिलने की सलाह दी है। कांग्रस को डर है कि भाजपा के नेता कांग्रेस के विधायकों को डरा-धमका सकती है। भाजपा में शामिल होने के लिये भी लालच भी दिया जा सकता है।

कांग्रेस को सता रहा ये डर
राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के विधायकों को पार्टी से बाहर करने की अटकलों को विफल करने के लिए ये निर्देश जारी किए गए हैं। सीनियर कांग्रेसी नेता ने कहा कि, कांग्रेस के विधायकों को मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री लालच देकर क्रॉस वोटिंग करवा सकते हैं या भाजपा में शामिल होने के लिये लालच दे सकते हैं।

गुजरात से राज्यसभा की दो सीटें खाली हो गई
गुजरात से राज्यसभा की दो सीटें खाली हो गई हैं, जिसमें अमित शाह और स्मृति ईरानी ने इस्तीफ़ा दे दिया है। ये ख़ाली सीटों के लिये तीन महीने में उपचुनाव होंगे। हालांकि, भाजपा के पास दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त विधायक नहीं हैं, लेकिन पार्टी अध्यक्ष जीतू वाघाणी ने दावा किया कि हम दोनों सीटें जीतेंगे।

भाजपा को कांग्रेस के 19 विधायकों का साथ चाहिये
भाजपा को अगर दोनों सीटों पर जीत दर्ज करनी है तो कांग्रेस के 19 विधायकों का साथ चाहिये। कांग्रेस के नेताओंको ज़र है कि पिछले राज्यसभा चूनाव में जो क्रोसवोटिंग हुआ था वैसे ही भाजपा इस उपचूनाव में क्रोस वोटिंग करवा सकती है। कांग्रेस ने इसी वजह से अपने विधायकों को ये आदेश दिया है। कांग्रेस इस समय पूरी तरह से सतर्क है, क्योंकि दोनों सीटों पर चुनाव जीतने के लिए भाजपा को कम से कम 19 कांग्रेस विधायकों को चुनाव में वोट करने की आवश्यकता होगी, लेकिन भाजपा का दावा तब तक सफल नहीं होगा जब तक कांग्रेस के विधायक सहमति नहीं देते हैं।

अल्पेश ठाकोर और उनके सहयोगी विधायक भाजपा के जुड सकते हैं
2017 के राज्यसभा चुनावों में कांग्रेस के 14 विधायकों ने या तो पार्टी छोड़ दी या कांग्रेस उम्मीदवार अहमद पटेल के खिलाफ मतदान किया था। भाजपा ने विधानसभा चूनावो के बाद कांग्रेस के पाँच विधायक भाजपा में जुड गये हैं। पार्टी ने दो विधायक- कुंवरजी बावलिया और जवाहर चावड़ा को कैबिनेट मंत्री बनाया है। कांग्रेस के बाग़ी नेता अल्पेश ठाकोर और उनके सहयोगी विधायक भाजपा के जुड सकते हैं या भाजपा को के उम्मीदवार को वोट दे सकते हैं। कांग्रेस को डर है कि भाजपा के नेता उनके विधायकों को लालच दे सकते हैं।

कांग्रेस ने अपने विधायकों को सचिवालय जाने से रोका
कांग्रेस के विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर प्रतिनिधित्व देने के लिए आमतौर पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को मिलना पड़ता है। पार्टी ने राज्यसभा के चुनाव समाप्त न हो तब तक अपने विधायकों को सचिवालय जाने से रोका है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिल्ली रवाना हो गये
कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष दोशी ने कहा, "हमने विधायकों को व्यक्तिगत रूप से राज्यसभा चुनाव खत्म होने तक सीएम या डीए सीएम से मिलने के बजाय लिखित शिफारीश करने की सलाह दी है।" वहीं कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा और विपक्ष के नेता परेश धानानी लोकसभा चुनाव में हार के कारणों के बारे में पार्टी नेतृत्व को अवगत कराने के लिए दिल्ली रवाना हो गये हैं।












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