चुनाव आयोग ही कटघरे में, स्कूल मालिक बोले- जब वोटिंग हो जाए तो भवनों को क्लीन करके जाइएगा

Gujarat News in Hindi, गांधीनगर। चुनाव आयोग मतदान के लिये जिन स्कूल भवनों का इस्तेमाल गुजरात में कर रहा है, उनमें से ज्यादातर के संचालकों ने अधिकारियों के समक्ष कुछ मांगें रख दी हैं। संचालकों ने पत्र लिखकर कहा है कि वोटिंग होने के बाद उनके स्कूलों के भवन की सफाई, पोस्टर-बैनर्स को हटवाने का काम भी कराकर जाइएगा। आयोग को इस बारे में विरोध झेलना पड़ रहा है। वहीं, संचालक कह रहे हैं कि वो अपने स्कूल भवन मतदान कराने के लिए दे तो सकते हैं, लेकिन उन्हें बाद में वे ऐसे ही साफ-सुथरे और व्यवस्थित चाहिए।

EC Use School buildings As voting stations, their directors demand for in status quo

ऐसे में आयोग के अधिकारियों के सामने सिरदर्दी जैसी स्थिति आ बनी है। जानकारी के अनुसार, अहमदाबाद में स्कूल संचालकों की ओर से कहा गया कि उनको स्कूल देने मे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उनको मतदान के बाद अपना स्कूल भवन क्लीन चाहिये। शहर के सरसपुर इलाके में एक स्कूल संचालक ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. मुरली क्रिश्ना को लिखा है कि वह अपने स्कूल के भवन को मतदान के लिए सौंपने को तैयार हैं जब तक कि उन्हें मूल स्थिति में वापस नहीं मिल जाता। आगे लिखा है कि यह सुनिश्चित करना सरकार की ज़िम्मेदारी है कि मतदान समाप्त होने के बाद चुनाव के लिए उपयोग की गई सब सामग्री को हटा दिया जाए।

सरस्वती विद्या मंडल, जो पिछले 68 वर्षों से स्कूल चला रहा है। उसके संचालक ने पत्र में आरोप लगाया है कि 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान के लिए अपने विद्यालय परिसर को सौंपने के दौरान उसे बहुत खराब अनुभव से गुजरना पड़ा था। जब चुनाव ड्यूटी पर अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था कि मतदान के बाद सब लेबल हटा दिए जाएं, तो अधिकारियों ने पुलिस से शिकायत की कि स्कूल चुनाव के सुचारू संचालन में बाधा डाल रहा है।

EC Use School buildings As voting stations, their directors demand for in status quo

स्कूल के ट्रस्टी ज्योतिंद्र दवे ने कहा, सिर्फ दो साल पहले ट्रस्ट के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में हमने पूरे स्कूल को रंग दिया था। चुनाव ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों ने पूरी इमारत की दीवारों को खराब कर दिया था। जब हमने लिखित शिकायत भेजी, तो किसी ने भी जवाब देने की परवाह नहीं की।

पत्र में कहा गया है कि यह सच है कि चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के अधिकार दिए गए हैं, लेकिन ड्यूटी पर लगे अधिकारियों को उनकी शक्तियों का बुद्धिमानी से उपयोग करने का निर्देश दिया जाना चाहिए। हम एक जिम्मेदार शैक्षणिक संस्थान हैं और आपके संज्ञान में लाना चाहते हैं कि कानून ने चुनाव आयोग को उनकी सहमति के बिना दीवारों या नागरिकों की संपत्ति को खराब करने का अधिकार नहीं दिया है। अगर यह आवश्यक है, तो हम विनम्रतापूर्वक मानते हैं कि मतदान के बाद दीवारों को साफ करना चुनाव आयोग का कर्तव्य है।

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