किसानों के विरोध के सामने झुकी रूपाणी सरकार, गुजरात में रोकना पड़ा भारतमाला प्रोजेक्ट
Gujarat

ऐसे पीछे हटी सरकार
इस पर विरोध की अगुवाई करने वाले अनंतभाई ने कहा है कि सरकार पीछे हट गई। हमारी लड़ाई सच की है। इस परियोजना से दक्षिण गुजरात के किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसे हमने रोक दिया। हमारी धरती हमारी माता है। हम अपनी जमीन से आगे आए हैं। इस जमीन पर किसी का हक्क नहीं चलने देंगे। भारतमाल परियोजना का विरोध इसीलिए हुआ।

74 गाँव हो रहे थे प्रभावित
बता दें कि भारतमाला परियोजना में दक्षिण गुजरात के 74 गाँवों के प्रभावित होने का अंदेशा था। इस क्षेत्र के किसान और आदि जाति के परिवार परियोजना का विरोध कर रहे हैं। गुरुवार को निकाली गई विशाल रैली को देखने के बाद मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने परियोजना को स्थगित करने का आदेश दिया है।

यह है भारतमाला परियोजना
नवसारी जिले के पूर्व के तीन गांवों में कुछ समय पहले भारतमाला परियोजना के लिये सर्वेक्षण किया गया था, तब से किसान विरोध प्रदर्शन करते आ रहे है। केंद्र सरकार ने भारतमाला परियोजना के तहत देश के राजमार्गों को जोड़ने के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की है। नासिक और अहमदनगर में राजमार्ग बनाने के लिये हैदराबाद की एक सर्वेयर एजेंसी ने ओपरेशन शुरू किया था। एजेंसी ने ड्रोन कैमरों की मदद से जमीन का परीक्षण किया गया था और जमीन में लक्ष्य कर दिया था। इस जमीन में पहले सरकार ने हजीरा से मुंबई तक मीथेन गैस स्थानांतरित करने वाली पाइपलाइन के लिये जमीन आवंटन की थी। उसके बाद रेल मंत्रालय ने गुड्स ट्रेन के लिये जमीन अधिग्रहण किया था। सरकार ने फीड अहमदाबाद-मुंबइ एक्सप्रेस वे के लिये भूमि अधिग्रहण की थी।

अहमदाबाद से मुंबई दौडने वाली बुलेट ट्रेन का काम जारी
अहमदाबाद से मुंबई दौडने वाली बुलेट ट्रेन का जमीन अधिग्रहण कार्य अभी जारी है। इस बीच ये भारतमाला प्रोजेक्ट के लिये जमीन आवंटन कार्यवाही शुरू हुई। हालांकि, जमीन अधिग्रहण के सरकार के अलग-अलग प्रोजेक्ट से किसान तंग आ चुके हैं, इसलिये उन्होंने रैली का आयोजन किया था।












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