Eid al-Adha 2023: कुर्बानी नहीं, गाय की सेवा कर मनाई बकरीद; कहा: 'हमेशा रक्षा करने का लेते हैं संकल्प'
वैसे तो ईद-उल-अज़हा के त्यौहार को कुर्बानी के लिए जाना जाता है। पूरे देश में इस दिन हजारों लाखों बकरों की कुर्बानी दी जाती है। वहीं अगर बात हिंदुस्तान के एलावा बाकी मुस्लिम देशों की करें तो वहां गाय की भी कुर्बानी दी जाती है। लेकिन बृहस्पतिवार को बकरीद के मौके पर यूपी के फ़िरोज़ाबाद में कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां मुस्लिम समाज कुर्बानी देने से इतर गौ माता की सेवा करता दिखा।
गाय की सेवा का संकल्प
दरअसल, फिरोजाबाद में मुस्लिम समाज ने एक अलग ही मिसाल पेश की है। बकरीद पर कुर्बानी न देकर, गाय की सेवा का संकल्प लिया है। मुस्लिम समाज की इस पहल की चारो तरफ सरहाना की जा रही है। ईद के मौके पर लिए इस संकल्प से सभी खुश हैं। वहीं इस ईद को बहुत खास तरीके से समाज के लोग मना रहे हैं।

मुस्लिम समाज गाय की सेवा और रक्षा करेगा
बता दें कि ईद के मौके पर फिरोजाबाद के थाना उत्तर क्षेत्र स्थित गौशाला में राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के पदाधिकारी पहुंचे और गाय को पहले माला पहनाई और फिर उन्हें फल आदि खिलाए। साथ ही आगामी तीन दिनों तक इसी तरह ईद का पर्व मनाने की बात कही। इन लोगों का कहना है कि मुस्लिम समाज गाय की सेवा करेगा, उनकी रक्षा करेगा। किसी भी प्रकार से गाय को कोई हानि न हो, इसके लिए काम करेगा।

आने वाली पीढ़ी को विरासत में देंगे गंगा जमुनी तहजीब
इस अनोखे तरीके से ईद मनाने वाले राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि उन्होंने यह पहल इसलिए की है ताकि आने वाले समय में सभी को गंगा जमुनी तहजीब विरासत के रूप में मिल सके। बता दें कि इस मौके पर राष्ट्रीय मुस्लिम समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सूफी हसन कादरी ने गायों को माला पहनाई और उनको फल भी खिलाए।
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गौशाला की रखवाली करने वाले का कहना है कि मुस्लिम मंच के लोग गौ माता की सेवा करने के लिए आये थे। हमने इनका स्वागत किया और सभी मुस्लिम भाइयों ने गौ माता को माला पहनाई और उन्हें फल खिलाकर सेवा दी।












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