World Sparrow Day 2019: आपके आंगन से कहां गुम हो गई गौरैया ?

नई दिल्ली। आज विश्व गौरैया दिवस (World Sparrow Day) है, यह दिवस दुनिया में गौरैया पक्षी के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है, एक समय था जब घर के आंगन में चहकती हुई गौरैया दिखाई दे जाती थी, लेकिन अब इसकी आवाज कानों तक नहीं पड़ती है। केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय भी मानता है कि देशभर में गौरेया की संख्या में कमी आ रही है। देश में मौजूद पक्षियों की 1200 प्रजातियों में से 87 संकटग्रस्त की सूची में गौरैया शामिल हैं, जिसका मुख्य कारण घोॆसलों के लिए उचित स्थानों का न होना और पेड़ पौधों की तेजी से होती कटाई और पक्के मकान हैं।

 विश्व गौरैया दिवस

विश्व गौरैया दिवस

केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्रालय का कहना है कि जैसे-जैसे शहरों में छोटे-छोटे मकानों की जगह ऊंची इमारतें लेती जाएंगी, गौरैया की जगह कबूतर बढ़ेंगे। ऊंची इमारतों में गौरेया नहीं रह सकती जबकि कबूतरों को ऊंचे मकान ही पसंद हैं। गौरैया और कबूतर उन पक्षियों में हैं जो मनुष्य के आसपास आसानी से रह सकते हैं। खास बात यह है कि गौरैया को ज्यादातर लोग पसंद करते हैं जबकि कबूतर को भगाना चाहते हैं।

गौरैया की संख्या में कमी

गौरैया की संख्या में कमी

पक्षी प्रेमी संगठनों के अध्ययन महानगरों में गौरैया की संख्या में कमी आने के कई कारण गिनाते हैं। प्रदूषण और शहरीकरण को इसका प्रमुख कारण माना गया है। इसके अलावा गौरैया के रहने और घोंसले बनाने की जगह लगातार घट रही है। छोटे मकानों में तो उन्हें ठिकाना मिल जाता था, लेकिन ऊंची इमारतों में नहीं मिल पा रहा। खेती खत्म होने और शहरों में रहन-सहन की शैली बदलने से उन्हें भोजन नहीं मिल पा रहा है।

दुर्लभ प्रजाति की श्रेणी में गौरैया

दुर्लभ प्रजाति की श्रेणी में गौरैया

पूरी दुनिया में गौरैया का यही हाल है। भारत के अलावा ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, जर्मनी जैसे देशों में भी इस चिड़िया की संख्या गिरी है। नीदरलैंड में इस पक्षी को दुर्लभ प्रजाति की श्रेणी में रखा गया है। आज यह पूरे विश्व में रेड सूची में शामिल हो चुकी है।

गौरेया को बचाने के लिए कीजिए ये काम

गौरेया को बचाने के लिए कीजिए ये काम

गौरैया की कमी तो सबने महसूस की है लेकिन गौरैया को बचाने के लिए बहुत कम लोग आगे आए हैं, अगर आप भी चाहते हैं आपकी प्यारी चिड़िया आपसे दूर ना हो तो आज से ही आप भी अपने घरों के एक छोटे से कोने में उसके आने की व्यवस्था करें, उसके लिए एक छोटी सी गत्ते की जगह बनाएं, जिससे गौरैया को भी लगे कि उसके घोंसले का भी कोई इंतजार कर रहा है। अपनी घरों की छतों, बालकनी और आंगन में एक बर्तन में पानी और खाना रखें, जिससे गौरैया को आपके घरों में आने में आसानी हो।

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