World Bicycle Day: सेहत का ख्याल रखती है साइकिल, जाने क्यों मनाया जाता है विश्व साइकिल दिवस?
साल 2018 में अंतरराष्ट्रीय साइकिल दिवस घोषित किया गया था। परिवहन के साधन के रूप में साइकिल के उपयोग को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए इसे मनाने की घोषणा की गई थी।

World Bicycle Day: एक वक्त था जब साइकिल को परिवार में साधन का हिस्सा माना जाता था। किसी के घर में साइकिल होना बड़े सम्मान की बात होती थी। नब्बे का दशक तो साइकिल के बिना अधूरा ही समझा गया। उन दिनों साइकिल से स्कूल और दफ्तर जाने का अपना एक अलग टशन होता था। आज एक्सरसाइज के साथ ही साइकिल का उपयोग स्पोर्ट्स के तौर पर भी किया जाता है। आज विश्व साइकिल दिवस है, इसलिए साइकिल से जुड़ी तमाम जानकारियों को हम आपसे साझा करेंगे।
साइकिल एक सस्ता वाहन है। न पेट्रोल का खर्चा और न ही डीजल का। साथ ही कोई महंगी मेंटेनेंस भी नहीं करनी होती। एक्सरसाइज करने के लिए भी बेस्ट है। साइकिल चलाने से इम्युनिटी भी बढ़ती है। यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली द्वारा हर साल 3 जून को यह दिवस मनाया जाता है। इस दिन को साल 2018 में अंतरराष्ट्रीय साइकिल दिवस घोषित किया गया था। परिवहन के साधन के रूप में साइकिल के उपयोग को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए यह दिन मनाया जाता है।
इस साल की थीम
हर वर्ष एक नई थीम के साथ इस दिवस को मनाया जाता है। इस साल 2023 में इसकी थीम सतत भविष्य के लिए एक साथ सवारी है। अंग्रेजी में कहें तो इस वर्ष की थीम Riding Together for a Sustainable Future है। संयुक्त राष्ट्र संघ में इस दिन को मनाए जाने का प्रस्ताव अमेरिका के एक प्रसिद्ध कॉलेज के प्रोफेसर लेस्जेक सिबिल्सकी ने रखा था। उस समय विश्व साइकिल दिवस मनाए जाने के पक्ष में 57 से अधिक देश थे, जिन्होंने उनकी बात का समर्थन किया था। बस तभी से इस दिवस को मनाने की शुरुआत हो गयी। यह दिन दुनियाभर में व्यक्तियों, समुदायों और सरकारों को एकजुट होने और साइकिल चलाने को सभी के लिए अधिक सुलभ, सुरक्षित और आनंददायक बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
इसकी जरूरत क्यों महसूस हुई व इसका इतिहास
सबसे पहले साइकिल का इतिहास जान लेते हैं कि साइकिल आई कहां से? किसने बनाई? तो आपको बता दें कि 1816 में पेरिस में पहली बार एक कारीगर ने साइकिल का आविष्कार किया था। उन्होंने 1865 में पैर से पैडल घुमाने वाले पहिए का आविष्कार किया। इसे वेलासिपीड कहा जाता था। बाद में 1872 में इसे थोड़ा और बेहतर बनाया गया। इस तरह क्रमिक विकास के क्रम में हमें हमारी साइकिल मिली।
वहीं दूसरी तरफ, विज्ञान ने खूब तरक्की कर ली। एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए मोटर वाहन आ गए। गाड़ियों का उपयोग बढ़ने लगा। पर इससे लोगों की दिनचर्या पर गहरा असर पड़ने लगा। लोगों ने समय की बचत और सुविधा के लिए साइकिल चलाना कम कर दिया। बाइक और कार सहित परिवहन के अन्य तेज माध्यमों को परिवहन का साधन बना लिया। इसलिए साइकिल के उपयोग और जरूरत के बारे में बच्चों और अन्य लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से इस दिन की शुरुआत हुई। ताकि लोग स्वस्थ्य के प्रति और साइकलिंग के प्रति भी जागरूक हों।
भारत में साइकिल
सन 1950 में भारत में एटलस साइकिल लिमिटेड की स्थापना हुई। यह कंपनी भारत की सबसे पुरानी और विश्वसनीय साइकिल कंपनियों में से एक थी। इसने भारत से ही विदेशों में कारोबार किया और हर साल 40 लाख साइकिल का उत्पादन करके दुनिया की टॉप साइकिल उत्पादक कंपनी बनी। मगर आज इस कंपनी पर ताला लग गया है। दरअसल बीते सालों में कंपनी का कुल उत्पादन 10 से 15 हजार तक सिमट गया था। कम बिक्री के चलते कम उत्पादन और नतीजतन घाटे की शुरुआत। आखिरकार एक जमाने में सड़कों पर राज करने वाली एटलस साइकिल की फैक्ट्री 2019 में बिल्कुल बंद हो गयी।
हालांकि, अगर यूनिट उत्पादन के अनुसार देखा जाए तो भारत में चीन के बाद विश्व का दूसरा सबसे विशाल साइकलिंग उद्योग है। फिलहाल औद्योगिक नीति और संवर्द्धन विभाग द्वारा हल्की, सुरक्षित, तेज, मूल्यवर्द्धित और स्मार्ट साइकिलों के निर्माण की योजना बनाने के लिये विकास परिषद की स्थापना की गई है। साइकिल उद्योग के लिये स्थापित विकास परिषद का काम साइकिल निर्माण और मरम्मत की दुकानों के लिये कुशल मानव संसाधन का विकास करना, भारतीय साइकिल प्रौद्योगिकी तथा इसकी मूल्य श्रृंखला में बदलाव लाना रहेगा।
साइकिल चलाने के फायदे
Recommended Video

आपको बता दें कि साइकिल चलाने से इम्यून सिस्टम दुरुस्त तो होता है साथ ही इम्यून सेल्स भी एक्टिव रहते हैं। साइकिल चलाने से दिमाग भी ज्यादा एक्टिव बना रहता है। वहीं घुटने की समस्या नहीं हो इसलिए साइकिल रोज चलाना चाहिए। इसके साथ ही साइकिल चलाने से एक्स्ट्रा कैलोरी बर्न होती हैं, जिससे वजन मेन्टेन रहता है और दिल संबंधी बीमारियों का खतरा भी कम होता है।
-
'शूटिंग सेट पर ले जाकर कपड़े उतरवा देते थे', सलमान खान की 'हीरोइन' का सनसनीखेज खुलासा, ऐसे बर्बाद हुआ करियर -
Delhi NCR Weather Today: दिल्ली-NCR में होगी झमाझम बारिश, दिन में छाएगा अंधेरा, गिरेगा तापमान -
युद्ध के बीच ईरान ने ट्रंप को भेजा ‘बेशकीमती तोहफा’, आखिर क्या है यह रहस्यमयी गिफ्ट -
Gold Silver Price: सोना 13% डाउन, चांदी 20% लुढ़की, मार्केट का हाल देख निवेशक परेशान -
Ram Navami Kya Band-Khula: UP में दो दिन की छुट्टी-4 दिन का लंबा वीकेंड? स्कूल-बैंक समेत क्या बंद-क्या खुला? -
इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा पंचतत्व में विलीन, पिता का भावुक संदेश और आखिरी Video देख नहीं रुकेंगे आंसू -
'मुझे 10 बार गलत जगह पर टच किया', Monalisa ने सनोज मिश्रा का खोला कच्चा-चिट्ठा, बोलीं-वो मेरी मौत चाहता है -
Petrol-Diesel Shortage: क्या भारत में पेट्रोल-डीजल समेत ईंधन की कमी है? IndianOil ने बताया चौंकाने वाला सच -
कौन हैं ये असम की नेता? जिनके नाम पर हैं 37 बैंक अकाउंट, 32 गाड़ियां, कुल संपत्ति की कीमत कर देगी हैरान -
Iran Vs America: ईरान ने ठुकराया पाकिस्तान का ऑफर, भारत का नाम लेकर दिखाया ऐसा आईना, शहबाज की हुई फजीहत -
LPG Crisis: एलपीजी संकट के बीच सरकार का सख्त फैसला, होटल-रेस्टोरेंट पर नया नियम लागू -
Trump Florida defeat: ईरान से जंग ट्रंप को पड़ी भारी, जिस सीट पर खुद वोट डाला, वहीं मिली सबसे करारी हार












Click it and Unblock the Notifications