Mystery Deaths of Russians: कोई खिड़की से गिरा, कोई कमरे में मरा मिला! क्या है रहस्यमयी मौतों का पुतिन कनेक्शन
रूस-यूक्रेन जंग के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी या आलोचकों की संदिग्ध मौतें सुर्खियां बन गयी हैं।

रूस के एक मिलिट्री ब्लॉगर व्लादलेन ततार्स्की की सेंट पीटर्सबर्ग के एक कैफे में हुए बम धमाके में मौत हो गई। इस मामले में जांच अधिकारियों ने एक महिला को हिरासत में लिया है। स्ट्रीट बार कैफे में हुए इस धमाके में कम 16 लोग घायल हो गये थे। व्लादलेन का असल नाम मैक्सिम फोमिन था।
व्लादलेन की हत्या मामले में जांच अधिकारियों ने एक वीडियो जारी किया है। इसमें दार्या त्रेपोवा नाम की महिला यह कहते हुए नजर आ रही है कि उसने ही एक पैकेट व्लादलेन ततार्स्की को दिया था, जो बाद में फट गया था। वैसे वह इस वीडियो में ऐसा कुछ नहीं कह रही है कि उन्हें इस बात की जानकारी थी कि उनके द्वारा दिये गये गिफ्ट से धमाका होगा।
यहां गौर करने वाली बात यह है कि जबसे रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध छिड़ा है तब से अब तक दर्जनों प्रतिष्ठित लोगों की हत्याएं और संदिग्ध परिस्थितियों में मौतें हो चुकी हैं। इनमें से ज्यादातर के संबंध सीधे तौर पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से रहे हैं। इनमें कुछ राष्ट्रपति पुतिन के करीबी रहे तो कुछ बड़े आलोचक थे।
व्लादलेन ततार्स्की
व्लादलेन एक जाने माने ब्लॉगर थे। उनका आपराधिक रिकॉर्ड भी था। इस वजह से वह यूक्रेन में जेल की हवा खा चुके थे। फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला किया, जिसका वह खुलकर समर्थन कर रहे थे। उन्होंने ग्राउंड जीरो पर जाकर युद्ध की रिपोर्टिंग भी की। हालांकि जब कुछ मोर्चों पर रूस विफल हुआ तो रूसी सेना और अधिकारियों की जमकर आलोचना भी की। साथ ही राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भी भला बुरा कहा। 3 अप्रैल 2023 को एक कैफे में हुए धमाके में उनकी मौत हो गई।
डिमा नोवा
न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2023 में एक 35 वर्षीय रूसी गायक डिमा नोवा की वोल्गा नदी पार करते समय बर्फ में गिरने से मौत हो गई। 19 मार्च को वह अपने भाई और तीन दोस्तों के साथ जमी हुई वोल्गा नदी को पार कर रहे थे, उसी दौरान बर्फ में गिर गये।
गौरतलब है कि डिमा नोवा एक पॉप स्टार गायक थे। जब रूस ने यूक्रेन पर हमला किया तो रूस में युद्ध विरोधी प्रदर्शन के दौरान डिमा नोवा ने 'एक्वा डिस्को' गाना गाया था। इस गाने में रूसी राष्ट्रपति पुतिन की युद्ध शुरू करने को लेकर आलोचना की गई थी। साथ ही पुतिन की कथित 1.3 बिलियन डॉलर वाली हवेली की भी जमकर आलोचना की थी।
मरीना यांकिना
फरवरी 2023 में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की एक और टॉप अधिकारी मरीना यांकिना की रहस्यमयी मौत हो गई है। मरीना यांकिना, राष्ट्रपति पुतिन की करीबी मानी जाती थीं। 58 साल की मरीना यांकिना नाम की रक्षा अधिकारी की मौत बिल्डिंग की 16वें फ्लोर की खिड़कियों से गिरने के बाद हुई थी। वह रूसी रक्षा मंत्रालय के वित्तीय सहायता विभाग की प्रमुख अधिकारी थी। मरने से पहले उन्होंने अपने पति को फोन कर पुलिस को कॉल करने को कहा था। कॉल के कुछ मिनट बाद ही वह मृत पाई गई।
मेजर जनरल व्लादिमीर मकारोव
मरीना यांकिना की मौत के कुछ दिनों पहले ही मेजर जनरल व्लादिमीर मकारोव भी संदिग्ध हालात में मृत पाये गये थे। इस रूसी जनरल को उनकी मौत के कुछ दिनों पहले ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से सेना से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। हालांकि, इस बात खुलासा नहीं हुआ कि उन्हें क्यों बाहर किया गया था। इसके कुछ दिनों के बाद वह संदिग्ध हालात में मृत पाये गये थे।
पावेल एंतोव
65 साल के पावेल एंतोव रूस के सांसद थे और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पार्टी के सदस्य थे। दिसंबर 2022 में एंतोव अपने कुछ साथियों के साथ छुट्टी मनाने भारत आये थे। इस दौरान 24 दिसंबर 2022 को ओडिशा के रायगढ़ के एक होटल के तीसरे फ्लोर से गिरने के कारण संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई।
इनकी मौत के ठीक दो दिन पहले 22 दिसंबर को इसी होटल में पावेल एंतोव के दोस्त और रूस के सांसद व्लादिमीर बिडेनोव अपने कमरे में संदिग्ध अवस्था में मृत पाये गये थे। ओडिशा पुलिस ने उनकी मौत का कारण दिल का दौरा पड़ना बताया था। यहां आपको बताते चलें कि पावेल एंतोव ने यूक्रेन में रूस के 'विशेष सैन्य अभियान' को लेकर राष्ट्रपति पुतिन की जमकर आलोचना की थी। यूक्रेन पर रूसी हमले और राजधानी कीव पर एयरस्ट्राइक को एंतोव ने 'आतंकी कृत्य' बताया था। इसके बाद से पावेल और पुतिन के रिश्ते खराब हो गए थे।
राविल मैगनॉव
31 अगस्त 2022 को रूस के सबसे बड़े तेल के बिजनसमैन और राष्ट्रपति पुतिन के करीबी राविल मैगनॉव की मॉस्को के एक अस्पताल में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। राविल की मौत अस्पताल की खिड़की से नीचे गिरने से हुई थी। हालांकि, उनकी तेल कंपनी 'लुकोइल' ने कहा कि राविल की मौत एक गंभीर बीमारी से हुई है। गौर करने वाली बात यह है कि रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले को लेकर राविल ने राष्ट्रपति पुतिन की जमकर आलोचना की थी। वहीं तीन मार्च 2022 को राविल ने एक कार्यक्रम में कहा कि बातचीत के जरिए जल्द से जल्द इस जंग को खत्म करना चाहिए।












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