Muscular Dystrophy: क्या है मस्कुलर डिस्ट्रोफी, जिसके इलाज का खर्च 17 करोड़ रुपए, क्राउड फंडिंग ही एकमात्र आशा
कैंसर, हृदय, किडनी और शरीर की अन्य बीमारियों का इलाज लाखों में हो जाता है लेकिन पूरे विश्व में मस्कुलर डिस्ट्रॉफी ही एक ऐसी बीमारी है, जिसका इलाज हर मनुष्य के बस की बात ही नहीं है। इस बीमारी के इलाज की कीमत है 17 करोड़ रुपए।

राजस्थान के पुलिस महकमें में कार्यरत एक सब इंस्पेक्टर के 22 माह का पुत्र इस बीमारी से ग्रसित है। इसके लिए क्राउड फंडिंग से धन जुटाया जा रहा है। राजस्थान उच्च न्यायालय ने भी इस मामले में सजगता दिखाई है और राज्य सरकार को 6 सप्ताह के भीतर दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए कार्य योजना पेश करने के निर्देश दिए हैं। आईए जानते हैं क्या है मस्कुलर डिस्ट्रोफी और कैसे होता है इसका इलाज।
जेनेटिक डिफेक्ट से होने वाली अनुवांशिक बीमारी
मस्कुलर डिस्ट्रॉफी किसी व्यक्ति के जीन में उत्परिवर्तन के कारण होने वाली मांसपेशियों की बीमारियों का एक समूह है। इसमें समय के साथ-साथ मांसपेशियों की गतिशीलता कम हो जाती है। कुछ जीन प्रोटीन आवरण बनाने में शामिल होते हैं जो मांसपेशी फाइबर की रक्षा करते हैं।
यदि इनमें से एक जीन भी दोषपूर्ण है, तो मांसपेशियां टूटना या कमजोर होना शुरू हो जाती हैं। जिससे व्यक्ति अपने रोजमर्रा के कार्य भी नहीं कर सकता है, यहां तक की वह अपना हाथ भी ऊपर नहीं ले सकता और न ही चल या दौड़ सकता है। खाना नहीं निगल सकता। साँस लेने में मदद करने वाली मांसपेशियाँ कमज़ोर हो जाती हैं और इस हद तक क्षीण हो सकती हैं कि उसे हर समय मशीन की आवश्यकता होती है। यहां तक कि हृदय में रक्त पंप करने की क्षमता को कम कर सकती है। धीरे-धीरे उसका शरीर निढाल हो जाता है और वह कोई भी शारीरिक गतिविधि करने में सक्षम नहीं रहता।
लड़कियों की तुलना में लड़कों में मस्कुलर डिस्ट्रॉफी की संभावना अधिक होती है। यह अलग-अलग आयु वर्ग और लक्षणों के आधार पर विभाजित की जाती है।
जोलगेनेस्मा इंजेक्शन ही एकमात्र इलाज
जोलगेनेस्मा इंजेक्शन को स्विटजरलैंड की फार्मा कम्पनी नोवार्टिस तैयार करती है। कम्पनी का कहना है कि यह इंजेक्शन एक तरह का जीन थैरेपी ट्रीटमेंट है। यह स्पाइनल मस्क्यूलर अट्रॉफी से जूझने वाले दो साल से कम उम्र के बच्चों को एक बार लगाया जाता है।
कंपनी का कहना है कि जीन थैरेपी मेडिकल साइंस में एक बड़ी खोज है। इसकी एक डोज से पीढ़ियों तक पहुंचने वाली जानलेवा जेनेटिक बीमारी ठीक की जा सकती है। यह इंजेक्शन उसे नए जीन से रिप्लेस करता है। ऐसा होने के बाद शरीर में दोबारा यह बीमारी नहीं होती क्योंकि बच्चे के डीएनए में नया जीन शामिल हो जाता है।
इंजेक्शन के तीसरे चरण के ट्रायल का रिव्यू करने के बाद इंस्टिट्यूट फॉर क्लीनिकल एंड इकोनॉमिक ने इसकी कीमत 9 से 15 करोड़ रुपए के बीच तय की थी। नोवार्टिस ने इसे मानते हुए इसकी कीमत 16 करोड़ रुपए रखी। भारत में अब तक 90 बच्चों को यह इंजेक्शन दिया जा चुका है।
सब इंस्पेक्टर के बेटे को बचाने में जुटा पुलिस महकमा
वर्तमान में राजस्थान के धौलपुर जिले मनिया थाने के उप निरीक्षक नरेश कुमार शर्मा का बेटा 22 महीने का हृदयांश स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी बीमारी से पीड़ित है। चिकित्सकों ने इसके उपचार के बारे में बताया तो माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। बच्चे के उपचार के लिए अमरीका से इंजेक्शन आएगा, जिसकी कीमत 17.5 करोड़ रुपए है।
इस आनुवांशिक बीमारी के चलते बच्चे के पैर निष्क्रिय है। बच्चे के इलाज के लिए जोलगेनेस्मा इंजेक्शन की जरूरत है, जो दुनिया का सबसे महंगा इंजेक्शन माना जाता है। इसकी कीमत 17 करोड़ रुपए है। हृदयांश साढ़े बीस माह का हो चुका है और उसे यह इंजेक्शन 24 माह का होने से पहले ही लगना जरूरी है। अब पति-पत्नी दोनों ही क्राउड फंडिंग पर निर्भर हैं।
बच्चे के माता-पिता ने सोशल मीडिया व अन्य माध्यम से मदद की गुहार लगाई थी। वही राज्य के डीजीपी यूआर साहू ने सभी एसपी के मार्फत पुलिस से मदद की अपील भी की है। कुछ समय पहले मुंबई में इसी बीमारी से जूझ रही पांच महीने की तीरा के इलाज के लिए भी इस इंजेक्शन को मंगवाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टैक्स माफ किया था। इससे पहले कन्नूर के मट्टूर में रहने वाले दंपति रफीक और मरियुम्मा के डेढ़ साल के बेटे मुहम्मद के लिए भी क्राउड फंडिंग के जरिए महज 6 दिन में 18 करोड़ रुपए इकट्ठा किए गए।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने दिए निर्देश
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को छह सप्ताह में मस्कुलर डिस्ट्रोफी जैसी दुर्लभ बीमारी से पीड़ित रोगियों को बुनियादी चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने के लिए डे केयर सेंटर एवं पुनर्वास केंद्र की स्थापना की योजना पेश करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव तथा न्यायाधीश मुन्नुरी लक्ष्मण की खंडपीठ ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को दुर्लभ बीमारी से ग्रस्त रोगियों की उपलब्ध संख्या के आधार पर योजना प्रस्तावित करने को कहा है। याचिका में कहा गया है कि दुर्लभ बीमारी के नियंत्रण के लिए उपचार की कीमत बहुत ज्यादा है।
-
Gold Silver Rate Today: सोने चांदी में जबरदस्त गिरावट, गोल्ड 8000, सिल्वर 13,000 सस्ता, अब ये है लेटेस्ट रेट -
Silver Rate Today: चांदी भरभरा कर धड़ाम! ₹10,500 हुई सस्ती, 100 ग्राम के भाव ने तोड़ा रिकॉर्ड, ये है रेट -
'Monalisa को दीदी बोलता था और फिर जो किया', शादी के 13 दिन बाद चाचा का शॉकिंग खुलासा, बताया मुस्लिम पति का सच -
Gold Rate Today: सोने के दामों में भारी गिरावट,₹10,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 22k से 18k के भाव -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोने-चांदी की कीमतों में जारी है गिरावट, कहां पहुंचा रेट? -
15289 करोड़ रुपये में बिक गई राजस्थान रॉयल्स, कौन हैं खरीदने वाले काल सोमानी, IPL से पहले मचा तहलका -
Badshah Love Story: ‘टटीरी’ वाले रैपर बादशाह की दूसरी दुल्हन Isha Rikhi कौन हैं? कैसे परवान चढ़ा दूसरा इश्क? -
Iran Vs America: खत्म होने वाला है ईरान-इजराइल युद्ध! ट्रंप के बाद अब मोजतबा खामेनेई भी बातचीत के लिए तैयार -
VIDEO: BJP नेता माधवी लता ने एयरपोर्ट पर क्या किया जो मच गया बवाल! एयरपोर्ट अथॉरिटी से कार्रवाई की मांग -
Badshah Divorce Story: बादशाह ने रचाई थी इस ईसाई लड़की से शादी, 8 साल बाद तलाक क्यों? कौन है बेटी और कहां है? -
Badshah Second Marriage: रैपर बादशाह ने रचाई दूसरी शादी? तलाक के 6 साल बाद कौन बनीं रैपर की 'नई पत्नी' -
Iran Oil Offer to India: तेल संकट के बीच ईरान का भारत को बड़ा ऑफर! लेकिन चौंकाने वाली है तेहरान की नई शर्त












Click it and Unblock the Notifications