Small Finance Banks: क्या होते हैं स्मॉल फाइनेंस बैंक, क्यों बदलना चाहते हैं ये अपना नाम?
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने स्मॉल फाइनेंस बैंक (एसएफबी) सेटअप करने के लिए दो नए आवेदनों को खारिज कर दिया है। आरबीआई को निजी क्षेत्र में यूनिवर्सल बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक स्थापित करने के लिए लगभग एक दर्जन आवेदन प्राप्त हुए थे।
आरबीआई ने कहा कि उन्हें 'द्वार क्षेत्रीय ग्रामीण वित्तीय सेवाएं' और 'टैली सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड' के स्मॉल फाइनेंस बैंक सेटअप करने के लिए आवेदन उपयुक्त नहीं लगे। आरबीआई ने पहले अखिल कुमार गुप्ता, कॉस्मिया फाइनेंशियल होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड और वेस्ट एंड हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के एसएफबी सेटअप करने के आवेदनों को खारिज कर दिया था।

क्या है स्मॉल फाइनेंस बैंक?
स्मॉल फाइनेंस बैंक (एसएफबी) भारत में बैंकों की एक अलग कैटेगरी है, जिसे मुख्य रूप से छोटे व्यवसायों, माइक्रो और स्मॉल इंडस्ट्रीज, अनोर्गनाइज्ड क्षेत्रों, किसानों और कम आय वाले परिवारों को जरूरी बैंकिंग सेवा उपलब्ध कराकर आगे बढ़ाने के लिए लाया गया था। एसएफबी का प्रस्ताव भारत सरकार द्वारा पेश किया गया था और इनका कंट्रोल भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) करता है।
एसएफबी के लिए आरबीआई द्वारा वर्ष 2014 में गाइडलाइंस जारी की गई थी। एसएफबी को कंपनीज एक्ट (2013) के तहत 'पब्लिक लिमिटेड' कंपनी के रूप में रजिस्टर किया जाता है और 'बैंकिंग रेगुलेशंस एक्ट 1949' और 'आरबीआई एक्ट 1934' के तहत समय-समय पर इनकी निगरानी की जाती है।
स्मॉल फाइनेंस बैंक कमर्शियल बैंकों से कैसे अलग
स्मॉल फाइनेंस बैंक (एसएफबी) कई मायनों में शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों से अलग होते हैं, जिनमें उनके टारगेट कस्टमर, लोन का प्रकार, प्राथमिकता वाले क्षेत्र को लोन देने की आवश्यकता शामिल है। एसएफबी मुख्य रूप से छोटे व्यापारों, कम आय वाले परिवारों और किसानों सहित ऐसे क्षेत्र में सेवा प्रदान करते हैं जहां पर बैंकिंग सेवा उपलब्ध नहीं है।
वहीं कॉमर्शियल बैंक के पास अपने टारगेट कस्टमर की कोई लिमिट नहीं होती और वो कई प्रकार के लोन उपलब्ध कराते हैं जैसे गोल्ड लोन, कार लोन, होम लोन, पर्सनल लोन, आदि। एसएफबी को अपनी कुल शाखाओं की कम से कम 25% शाखाएं ग्रामीण क्षेत्रों में खोलनी होती है, जबकि कमर्शियल बैंकों के लिए यह सीमा नहीं हैं।
एसएफबी को लोन का 75% हिस्सा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को देना आवश्यक है, जबकि कमर्शियल बैंकों के लिए यह लिमिट 40% की है। एसएफबी को मामूली बचत खातों, कम आय वाले परिवारों, छोटे व्यापारों, आदि को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है, जबकि कमर्शियल बैंक वित्तीय सेवाओं की एक बहुत लंबी लिस्ट आपके सामने पेश करते हैं। इसके अलावा, एसएफबी को सेटअप करने के लिए कम से कम पूंजी की आवश्यकता ₹100 करोड़ तक होती है, और बैंक खोलने के पांच वर्षों के अंदर बाजार पूंजी ₹200 करोड़ करना आवश्यक है, जबकि साधारण बैंक को खोलने के लिए कम से कम ₹500 करोड़ की आवश्यकता होती है।
देश के कुछ प्रमुख स्मॉल फाइनेंस बैंक
2024 तक भारत में आरबीआई के साथ रजिस्टर्ड 12 प्रमुख एसएफबी है। देश के कुछ प्रमुख एसएफबी में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक, इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक, ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक, फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक, जन स्मॉल फाइनेंस बैंक, नॉर्थ ईस्ट स्मॉल फाइनेंस बैंक, शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक, सर्वोदय स्मॉल फाइनेंस बैंक, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक, यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक शामिल है।
हालांकि आपको बता दें कि नवंबर 2023 में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक मर्ज हो गए और यह सौदा करीब ₹4500 करोड़ का था। देश का पहला एसएफबी 2016 में शुरू हुआ, जब 'कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक' ने अपने ऑपरेशंस शुरू किए थे और इसे 2015 में आरबीआई द्वारा लाइसेंस दिया गया था।
स्मॉल फाइनेंस बैंकों का नाम में से 'स्मॉल फाइनेंस' हटाने का आग्रह
इस महीने की शुरुआत में ही आरबीआई ने एसएफबी द्वारा उनके नाम से 'स्मॉल फाइनेंस' टैग हटाने के अनुरोध को ठुकरा दिया है। दरअसल, अक्टूबर 2023 में एसएफबी ने आरबीआई से उनके नाम से 'स्मॉल फाइनेंस' का टैग हटाने का आग्रह किया था। एसएफबी का कहना था कि उनके नाम में 'स्मॉल फाइनेंस' टैग होने की वजह से उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जैसे कई बार कस्टमर इस तरह के टैग से आशंकित रहते हैं।
इसके जवाब में आरबीआई के डिप्टी गवर्नर एम. राजेश्वर राव ने इस बात पर जोर दिया कि एसएफबी स्पेशल बैंक हैं, और 'स्मॉल फाइनेंस' टैग उन्हें अलग पहचान दिलाने के उनके उद्देश्य के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही राव ने यह भी कहा कि एसएफबी के साथ 'स्मॉल फाइनेंस' टैग का उद्देश्य उन लोगों तक बैंकिंग सेवा पहुंचना है जो बैंकिंग सेवा से वंचित हैं।
स्मॉल फाइनेंस बैंकों ने यूनिवर्सल बैंक बनने की जताई इच्छा
पिछले हफ्ते एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आरबीआई एसएफबी को यूनिवर्सल बैंकों में कनवर्ट करने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर सकता है। वर्तमान में, एसएफबी, स्मॉल फाइनेंस बैंक के रूप में पाँच वर्षों के ऑपरेशन के बाद यूनिवर्सल बैंक बनने के लिए आवेदन कर सकते है, लेकिन फिलहाल एसएफबी से यूनिवर्सल बैंक में अपग्रेड करने के लिए आवेदन करने की कोई औपचारिक प्रक्रिया नहीं है।
आपको बता दें कि अभी इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक और जन स्मॉल फाइनेंस बैंक सहित कम से कम चार एसएफबी ने यूनिवर्सल बैंक में अपग्रेड करने के लिए इच्छा जाहिर की है। यूनिवर्सल बैंक वो बैंक होते है जो एक ही प्लेटफॉर्म पर इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, रिटेल बैंकिंग और होलसेल बैंकिंग सहित कई बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं की एक लंबी सूची प्रदान करते हैं।
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