यूपी विधानसभा चुनाव 2017: गढ़मुक्तेश्वर में विकास के मुद्दे पर कांटे की टक्कर
अधिकतर ग्रामीण हिस्से वाली यूपी की गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा सीट फिलहाल समाजवादी पार्टी के कब्जे में है। करीब 146 गांवों वाले इस विधानसभा क्षेत्र में आने वाले चुनावों में सभी दलों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।

बीते तीन चुनावों में जीतती आ रही समाजवादी पार्टी के सामने इस बार सीट बचाने की चुनौती होगी। यहां विकास का मुद्दा सबसे अहम है।
गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा की खास बातें:
- विधानसभा नंबर: 60
- गाजियाबाद जिले में आने वाली गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा सीट अमरोहा लोकसभा सीट में आती है।
- विधानसभा में करीब 146 गांव आते हैं।
- ब्लॉक गढ़ के 54 गांव, ब्लॉक सिंभावली के 63 और हापुड़ ब्लॉक के 21 गांव इस विधानसभा में हैं।
- यहां की कुल आबादी 60000 है। जिनमें 54 फीसदी पुरुष और 46 फीसदी महिलाएं हैं।
- यहां का औसत साक्षरता 82 प्रतिशत है। इनमें से 88 फीसदी पुरुष और 76 फीसदी महिलाएं हैं। इसमें 11 फीसदी आबादी छह साल से कम उम्र की है।
- विकास की नजर से देखें तो गढ़मुक्तेश्वर सबसे पिछड़ी तहसील मानी जाती है, हालांकि सांस्कृतिक स्तर पर यह बहुत महत्वपूर्ण है।
- पौराणिक महत्व की वजह से यह पर्यटन स्थल के तौर पर भी बदल रहा है। गढ़ का मेला काफी चर्चित है।
2012 विधानसभा चुनाव का रिजल्ट
- सपा के मदन चौहान विजेता रहे।
- उन्हें कुल 82816 वोट मिले।
- कुल वोटों का 43.31 फीसदी वोट उन्हें मिला।
- उन्होंने बसपा के फरहत हसन को 18199 वोटों से हराया था।
- कुल वोटर 291223 हैं।
2014 लोकसभा चुनाव रिजल्ट
- यह विधानसभा सीट अमरोहा लोकसभा में आती है। 2014 के चुनावों में यहां से बीजेपी के कंवर सिंह तंवर ने सपा उम्मीदवार हुमेरा अख्तर को 158214 वोटों से हराया था।
विधानसभा चुनाव में पार्टियों की स्थिति
- इस सीट पर कांग्रेस 4 बार और सपा-बीजेपी तीन-तीन बार विजयी रही हैं। जबकि बीएसपी को कभी भी इस सीट पर जीत हासिल नहीं हुई।
- 2012 के विधानसभा चुनाव में यहां से 15 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था।












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