"मिस टच मी नॉट" से लेकर "मिस गाली गलौच" तक की लड़कियां
मुंबई/दिल्ली। लोकल ट्रेन अगर मुंबई की लाइफलाइन है तो दिल्ली मेट्रो राष्ट्रीय राजधानी की रफ्तार। शायद इसलिए लोगों के लिए ये महज ट्रैवेलिंग की साधन न होकर एक चलती फिरती छोटी-सी दुनिया है। इन ट्रेनों में देखें तो उनकी लेडीज स्पेशल डिब्बे बहुत आकर्षित करते हैं। इन डिब्बों में हर रोज लाखों कहानियां कही और सुनी जाती हैं। साथ ही इसमें आपको अलग अलग टाइप की लड़कियां भी देखने को मिल जाएगीं। अगर लड़कियों के बारे में आप कम जानकार हैं तो लेडीज स्पेशल से जुड़ी ये जानकारियां आपकी जानकारी और प्रबुद्ध करने में जरूर मददगार साबित होगी।
पेश है "मिस टच मी नॉट" से लेकर "मिस गाली गलौच" किस्म की लड़कियां, जिनसे आप भिड़ सकते हैं लेडीज डिब्बे में-

मिस घरवाली
इस डिब्बे में ये वो महिलाएं हैं, जिनकी बातों पर अगर गौर किया जाए, तो आप उनके सास, ससुर, पति समेत पूरे घर का ब्यौरा जान सकते हैं।

मिस सोशल वर्क
ये वो लड़कियां हैं जो ट्रेन में भी सोशल वर्क या प्रचार- प्रसार करने की जगह और मौका तलाश ही लेतीं हैं।

मिस पढ़ाकू
लेडीज डिब्बों में इन लड़कियों को मिस पढ़ाकू का एवार्ड दिया जा सकता है। ये पूरे रास्ते किताबों में अपना सर घुसाये रहती हैं।

टच मी नॉट
लेडीज डिब्बे में कई ऐसी लड़कियां आपको मिल जाएंगी, जिससे भूले भटके महज आप छू भर जाएं, तो आपको उनकी तरेरी निगाहों का सामना करना पड़ सकता है।

घूरती आंखों वाली
इस डिब्बे में आपको दो तीन आखें तो ऐसी मिल ही जाएगीं, जो आपके सफर खत्म होने तक लगातार आपको घूरती रहेगीं। और बस घूरती ही रहेगीं।

मिस शो ऑफ
यह लड़कियों की कुछ ऐसी श्रेणी है, जो भीड़ में भी शो- ऑफ करने की काबिलियत रखती है। अपनी खूबसूरती हो या एक्कसेंट, अपने बगल में खड़ी महिलाओं को कुढ़ाने में ये पीछे नहीं रहतीं।

मिस तुनकमिजाज
आप चढ़ो-उतरो, बैठो-उठो, लेकिन ये वो महिलाएं हैं, जो छोटी से छोटी हरकत पर तुनक सकती हैं। और इसकी तुनकमिजाजी का कारण हम आप कोई भी बन सकती हैं।

आई एम हॉट
सुबह के छह बजे हों या रात के नौ। ये लड़कियां हमेशा अपने मेक अप को तरो ताजा रखने में विश्वास रखती हैं। ट्रेन में इनके घुसते ही तापमान बढ़ जाता है। और कई लड़कियों का दिल जल उठता है।

मिस गाली- गलौच
ट्रेन का लेडीज डिब्बा अभद्र गालियों का दूसरा संसार होता है। ये वो लड़कियां या महिलाएं हैं जो छोटी सी बात को खींच कर आप पर गालियों की बौछार कर सकती हैं। जिसमें निचले स्तर की गालियों के साथ उच्च स्तर की गालियां भी शामिल होती है।

मोबाइल में है जिंदगी
ट्रेन से हाथ भले ही छूट जाए, हाथ से मोबाइल नहीं छूटना चाहिए। ये उस किस्म की लड़कियां हैं, जो चढ़ती हैं हाथ में मोबाइल के साथ, और उतरती हैं मोबाइल के साथ।

मिस शॉपिंग
कौन कहता है शॉपिंग सिर्फ दुकानों में होती है। मुंबई लोकल के लेडीज डिब्बे में आपको लड़कियों के साज सामग्री से लेकर कपड़े और तो और फल- फूल तक मिल सकते हैं। और लड़कियों का ट्रेन में यह फेवरिट टाइम पास होता है।

कनफ्यूजन ही कनफ्यूजन है
डिब्बे में स्टेशन का नाम फ्लैश होने के बावजूद ये लड़कियां हर स्टेशन पर साथ वाली से यह प्रश्न दागती हैं, "कौन सा स्टेशन आया?"

मिस स्पीलिंग ब्यूटी
कुछ लड़कियों के लिए ट्रेन अपने बिस्तर से कम नहीं होता। ये वो लड़कियां हैं जिनके दिमाग में अपने स्टेशन के समय के अनुसार अलार्म लगा होता है। ये ट्रेन में चढ़ते ही सो जाती हैं, और ठीक अपनी स्टेशन आने पर इनकी नींद खुल जाती है। कभी कभी बगल वाली को इनके खर्राटों का भी सामना करना पड़ सकता है।












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