'ग्लोबल वार्मिंग की वजह से वार्म नहीं रहा बेडरूम रिलेशन'
नई दिल्ली। ग्लोबल वार्मिंग का असर पति-पत्नी के निजी रिश्तों पर पड़ने लगा है, यह कहना हमारा नहीं बल्कि अमेरिका के शोधकर्ताओं का।
जिन्होंने पिछले 80 वर्षों के प्रजनन क्षमता और तापमान के आंकड़ों का अध्ययन किया औरा पाया कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण लोगों की प्रजनन क्षमता पर असर पड़ा रहा है जिसके कारण बेडरूम रिलेशन अब वार्म नहीं रहता है और इसी कारण जन्म दर में कमी आ रही है।
शोध के मुताबिक मौसम की गर्मी 80 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंचती है जो कि कॉयटल फ्रीक्वेंसी में कमी लाती है और इस कारण पति-पत्नी में शारीरिक इच्छाओं में कमी होती है जो कि जन्मदर कम करने का प्रमुख कारण है। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान-प्रजनन क्षमता संबंध होता है इसलिए बढ़ती गर्मी रिलेशन की गर्मी को कम कर रहा है।













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