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Startup Funding: स्टार्टअप फंडिंग में साल 2023 कमजोर, जानें किन भारतीय स्टार्टअप्स को मिली सबसे ज्यादा फंडिंग!

Startup Funding: भारत सरकार ने हाल ही में भारतीय स्टार्टअप्स पर आंकड़े जारी किए और कहा कि देश में हर 15 मिनट में एक स्टार्टअप लॉन्च होता है। सरकार ने बताया कि इनमें से 52% स्टार्टअप्स विशेष रूप से टियर 2 और टियर 3 शहरों में लॉन्च किए गए है।

सरकार ने यह भी बताया कि स्टार्टअप्स ने 10 लाख से अधिक नौकरियां पैदा की हैं और उनमें से 47% में कम से कम एक महिला प्रमुख पद पर है।

Startup Funding

भारत के अधिकांश स्टार्टअप्स को कोरोना संकट के समय से ही देशी विदेशी वेंचर कैपिटल के रूप में करोड़ों अरबों डॉलर की फंडिंग मिलती रही है। हालांकि वर्ष 2023 में स्टार्टअप को मिलने वाली फंडिंग में वर्ष 2022 की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत की कमी आई है। जानते हैं कि वीसी फंडिंग में कमी के उपरांत भी कौनसे इंडियन स्टार्टअप्स को अच्छी फंडिंग मिल गई।

फोनपे ($850 मिलियन)

फोनपे भारत का एक प्रमुख डिजिटल पेमेंट ऐप है, जिसके 50 करोड़ से भी ज्यादा यूजर्स है। फोनपे की शुरुआत 2015 में समीर निगम, राहुल चारी और बुर्जिन इंजीनियर ने की थी। 2023 में फोनपे ने 5 राउंड की फंडिंग में कुल 850 मिलियन डॉलर जुटाए, और पांचों राउंड में उन्होंने अपनी वैल्यूएशन 12 बिलियन डॉलर रखी।

2023 में फोनपे को पहली फंडिंग जनवरी में मिली, जब उन्होंने जनरल अटलांटिक से 350 मिलियन डॉलर जुटाए। फरवरी में फोनपे को दूसरी फंडिंग मिली, जब उन्होंने रिबिट कैपिटल, टाइगर ग्लोबल और टीवीएस कैपिटल फंड्स से 100 मिलियन डॉलर जुटाए। फोनपे ने तीसरी फंडिंग मार्च में वॉलमार्ट से 200 मिलियन डॉलर लेकर जुटाई। इसके बाद फोनपे ने चौथी और पांचवी फंडिंग अप्रैल और मई में जनरल अटलांटिक से जुटाई। इन दोनों राउंड में फोनपे ने 100-100 मिलियन डॉलर जमा किए।

लेंसकार्ट ($600 मिलियन)

लेंसकार्ट भारत का एक प्रीमियम आईवियर रिटेल ब्रांड है। लेंसकार्ट की शुरुआत 2010 में पियूष बंसल, नेहा बंसल, अमित चौधरी और सुमित कपाही ने की थी। मार्च 2023 तक लेंसकार्ट के दुनिया भर में 2,000 से भी ज्यादा रिटेल आउटलेट थे, जिनमें से 75% भारत में थे।

पियूष बंसल की लेंसकार्ट को वर्ष 2023 में दो राउंड में कुल 600 मिलियन डॉलर की फंडिंग मिली। मार्च में पहले राउंड में लेंसकार्ट ने अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (एआईडीए) से 4.5 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन पर 500 मिलियन डॉलर जुटाए। एआईडीए से मिली फंडिंग ने लेंसकार्ट को मध्य-पूर्वी देशों में अपनी जड़ें मजबूत करने में बहुत ज्यादा मदद की है। जून में दूसरे राउंड में लेंसकार्ट ने क्रिस कैपिटल से 100 मिलियन डॉलर जुटाए।

DMI फाइनेंस ($400 मिलियन)

DMI फाइनेंस एक प्रमुख भारतीय कंपनी है, जो फाइनेंशियल सॉल्यूशंस जैसे होम लोन, कॉरपोरेट लोन, आदि प्रदान करती है। कंपनी के मुताबिक उनकी 95% भारत में पहुंच है और उनके लगभग 2.5 करोड़ से भी ज्यादा ग्राहक है और उनका यह आंकड़ा वित्तीय वर्ष 2024 के अंत तक 4 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है।

DMI फाइनेंस की शुरुआत 2008 में शिवाशीष चटर्जी और युवराज सी. सिंह ने की थी। वर्ष 2023 में DMI फाइनेंस ने मौजूदा निवेशक, सुमितोमो मित्सुई ट्रस्ट बैंक की भागीदारी के साथ मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप के माध्यम से 400 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई। इस राउंड की फंडिंग के बाद DMI फाइनेंस द्वारा जुटाई गई कुल राशि 900 मिलियन डॉलर हो गई।

ओला इलेक्ट्रिक ($385 मिलियन)

ओला इलेक्ट्रिक एक भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनी है, जो मार्केट शेयर के हिसाब से इस क्षेत्र की देश की सबसे बड़ी कंपनी है और इसका मूल्य सितंबर 2023 तक लगभग 5.4 बिलियन डॉलर था। ओला इलेक्ट्रिक की शुरुआत वर्ष 2017 में कैब एग्रीगेटर कंपनी, ओला के फाउंडर भाविश अग्रवाल ने की थी।

ओला इलेक्ट्रिक ने 26 अक्टूबर को टेमासेक होल्डिंग्स और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से इक्विटी और डेट सहित एक फंडिंग राउंड में 5.4 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन पर 385 मिलियन डॉलर जुटाए। ओला इलेक्ट्रिक के मुताबिक, वो इन पैसों का उपयोग ईवी व्यवसाय का विस्तार करने और तमिलनाडु के कृष्णागिरी में भारत की पहली लिथियम-आयन सेल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बनाने के लिए करेंगे।

बिल्डर एआई ($250 मिलियन)

बिल्डर एआई एक प्रमुख एआई-पावर्ड सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म है, जो व्यवसायों को तकनीकी विशेषज्ञता या कोडिंग की आवश्यकता के बिना सॉफ्टवेयर डेवलप करने, चलाने और उसे बढ़ाने के लिए सहायता प्रदान करता है, वो भी बहुत किफायती तरीके से। कंपनी वर्तमान में माइक्रोसॉफ्ट, जेपी मॉर्गन एंड चेज़, एतिसलात यूएई जैसी कई प्रमुख कंपनियों के साथ काम करती है।

बिल्डर एआई कंपनी की शुरुआत 2016 में सचिन देव दुग्गल ने की थी। 2023 में बिल्डर एआई को कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (क्यूआइए) से सीरीज-डी फंडिंग में 250 मिलियन डॉलर प्राप्त हुए। इस फंडिंग के साथ बिल्डर एआई द्वारा अब तक जुटाई हुई राशि 450 मिलियन डॉलर से अधिक हो गई।

जैप्टो ($231 मिलियन)

जेप्टो एक 10-मिनट ग्रॉसरी डिलीवरी एप है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2021 में आदित पालिचा और कैवल्य वोहरा ने की थी। अगस्त 2023 की एक रिपोर्ट के मुताबिक जेप्टो भारत के प्रमुख सात शहरों में एक दिन के 3 लाख ऑर्डर पूरे करता है।

जेप्टो ने अगस्त 2023 में 1.4 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन पर 200 मिलियन डॉलर की फंडिंग उठाई थी। जेप्टों ने यह फंडिंग स्टेपस्टोन ग्रुप और गुडवाटर कैपिटल से जुटाई। इसके बाद नवंबर में, जेप्टो ने गुडवाटर कैपिटल और नेक्सस वेंचर पार्टनर्स से सीरीज-ई फंडिंग राउंड के हिस्से के रूप में, 31.25 मिलियन डॉलर और जुटाए। फंडिंग मिलने के बाद आदित ने रॉयटर्स से बात करते हुए बताया कि वो लोग 2025 में इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) लाने की योजना बना रहे है।

परफिओस ($229 मिलियन)

बैंकिंग और वित्तीय सेवा उद्योग पर ध्यान केंद्रित करने वाली एक टेक-इनेबल्ड SaaS कंपनी, परफिओस ने सितंबर 2023 में एक प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टर, केदारा कैपिटल से 229 मिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल की। परफिओस ने यह फंडिंग 900 मिलियन डॉलर की वैल्यूएशन पर जुटाई।

परफिओस इस राशि का उपयोग विश्व स्तर पर, विशेष रूप से उत्तरी अमेरिका और यूरोप में विस्तार करने और अपनी डिजाइन एनालिटिक्स SaaS प्रोडक्ट्स को बेहतर बनाने के लिए और नई टेक्नोलॉजी में निवेश करने के लिए करेगी। इस कंपनी की शुरुआत वर्ष 2008 में सब्यसाची गोस्वामी ने एक बिजनेस-टू-कंज्यूमर (B2C) कंपनी के रूप में की थी, हालांकि अब यह कंपनी बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) मॉडल पर ध्यान दे रही है।

इंश्योरेंस देखो ($210 मिलियन)

इंश्योरेंस देखो बीमा उत्पादों का एक ऑनलाइन बाजार है, लेकिन इसकी ऑफलाइन बाजार में भी मजबूत पकड़ है। कंपनी की शुरुआत वर्ष 2016 में अंकित अग्रवाल ने की थी। वर्ष 2023 में इंश्योरेंस देखो ने कुल 210 मिलियन की फंडिंग जुटाई।

इंश्योरेंस देखो ने फरवरी में सीरीज-ए फंडिंग राउंड में लगभग 750 मिलियन डॉलर की वैल्यूएशन पर 150 मिलियन डॉलर जुटाए, जिसमें इन्वेस्टकॉर्प, अवतार वेंचर्स और लीपफ्रॉग इन्वेस्टमेंट की हिस्सेदारी के साथ-साथ गोल्डमैन साच्स ऐसेट मैनेजमेंट और टीवीएस कैपिटल फंड्स से इक्विटी और डेट भी शामिल था। इसके बाद, अक्टूबर में उन्होंने मित्सुबिशी यूएफजे फाइनेंशियल ग्रुप, बीएनपी पारिबा कार्डिफ से सीरीज-बी फंडिंग राउंड में 60 मिलियन डॉलर जुटाए।

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