AI and Deepfake: सिर्फ रश्मिका मंदाना को ही नहीं डराया, एआई ने हॉलीवुड में भी मचाई हलचल
AI and Deepfake: आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस यानि एआई का खतरा दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। अब यह कला और लेखन को भी खतरे में डाल रहा है। कला संवेदनशील मानवीय व्यवहार एवं भावना संयोजन का साधन रहा है, पर एआई इसको भी यांत्रिकी और मशीनी बना कर पेश कर रहा है। मशहूर अभिनेत्री रश्मिका मंदाना का हाल ही में आया वीडियो इसकी विद्रुपता और क्रूरता का ताजा उदहारण है। इस समय हॉलीवुड और बॉलीवुड दोनों एआई से डरे हुए हैं। हॉलीवुड में स्टूडियो और कलाकारों के बीच एआई को लेकर गतिरोध बना हुआ है, जिस पर निर्माताओं और कलाकारों के बीच एड डॉक्युमेंटेड समझौता पत्र पर बातचीत चल रही है।
एआई की खतरनाक होती दखल
कला जगत ने वर्ष 2017 से ही एआई का उपयोग हो रहा है, पर इस तरह से नहीं जैसा आज दिखाई दे रहा है। तब लोग उसका उपयोग हंसने के लिए करते थे, लेकिन अब कोई हंस नहीं रहा है, बल्कि लोग लड़ रहे हैं। अब आर्टस्टेशनों में एआई आर्ट के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। राइटर्स गिल्ड ऑफ अमेरिका (डब्ल्यूजीए) जिसमें हॉलीवुड फिल्म और टीवी शो लेखक शामिल हैं, ने इस साल मई में पटकथा लेखन और मीडिया प्रोडक्शन में एआई के उपयोग को लेकर हड़ताल कर दी।

डब्ल्यूजीए वार्ता समिति का कहना था कि लेखक इस बात को लेकर बहुत चिंतित हैं कि उनके मूल काम का उपयोग एआई-जनित मीडिया के जरिये बिना उनकी सहमति के किया जा सकता है। इसके अलावा इस बात पर भी चिंता जताई गयी कि लेखकों को उनके स्वयं के रचनात्मक आउटपुट तैयार करने के बजाय एआई-संचालित सिस्टम को संपादन के लिए बुलाया जाएगा। एआई पूरी तरह कॉपीराइट कानूनों के खिलाफ है, यह वास्तविक कलाकारों की कड़ी मेहनत को चुराने जैसा ही है।
ऑनलाइन आर्ट पोर्टफोलियो बनाने वाली दुनिया की मशहूर वेबसाइट पोर्टफोलियोबॉक्स डॉट नेट ने अपने सभी उपयोगकर्ताओं की सामग्री को एआई सिस्टम से बचाने के लिए सभी वेबसाइटों में "नो एआई टैग" जोड़ा है। यह टैग चेतावनी देता है कि किसी को भी उनकी साइट की किसी भी सामग्री को उनके एआई सिस्टम पर उपयोग करने की अनुमति नहीं हैं। यहां मुख्य चिंता कॉपीराइट नहीं है, बल्कि एआई को प्रतिस्थापित किये जाने का डर है।
इस तरह के उपाय से ही एआई को संपूर्ण इंटरनेट के बजाय कानूनी रूप से अर्जित कला के संग्रह तक सीमित किया जा सकता है। इससे इसकी इनक्रोच करने की गति धीमी हो सकती है। नहीं तो एआई, कलाकारों को काम से बाहर कर देगी। सिर्फ पैसा कमाने के लिए कोई कलाकार नहीं बनता। कला हमेशा से मनुष्य के जुनून को व्यक्त करने का माध्यम रही है और एआई उसी जूनून को छीन लेगी।
रश्मिका मंदाना हुई ताजा शिकार
रश्मिका मंदाना हाल ही भारत की कला जगत में एआई की ताजा शिकार हुई हैं। किसी ने उनका एआई-जनरेटेड डीपफेक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। क्लिप में काले रंग का योगा बॉडीसूट पहने एक महिला को रश्मिका जैसा दिखाया गया है, जो कैमरे के सामने पोज देते हुए लिफ्ट में प्रवेश कर रही हैं। रश्मिका ने अपने एक्स अकाउंट पर इसे तकनीक का सबसे बड़ा दुरुपयोग बताते हुए खुद के लिए बेहद डरावना कहा है और इसके खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
मंदाना ने कहा है कि एक महिला और एक अभिनेत्री के रूप में, मैं अपने परिवार, दोस्तों और शुभचिंतकों की आभारी हूं जो मेरी सुरक्षा और सहायता में तत्पर रहे और मेरे साथ रहे। मैं स्कूल या कॉलेज में होती तो सोच भी नहीं सकती कि मैं इससे कैसे निपट पाऊंगी। हमें एक समुदाय के रूप में और तत्परता से ध्यान देने की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने भी अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि गलत सूचनाओं के इन खतरनाक और हानिकारक रूप से पनप रहे प्लेटफार्मों से निपटने की जरूरत है। अमिताभ बच्चन भी इस मामले को उठा चुके हैं।
हॉलीवुड में जबरदस्त मंथन
लॉस एंजिल्स स्थित हॉलीवुड में एआई के गलत उपयोग और स्टूडियो के साथ एड अनुबंध करने पर जोरदार ढंग से संघर्ष चल रहा है। रायटर्स की रिपोर्ट्स के अनुसार हॉलीवुड अभिनेताओं के संघ ने 6 नवंबर सोमवार को प्रमुख स्टूडियो, जिनमें अलायंस ऑफ मोशन पिक्चर एंड टेलीविज़न प्रोड्यूसर्स (एएमपीटीपी), वॉल्ट डिज़नी (डीआईएस.एन), नेटफ्लिक्स (एनएफएलएक्स.ओ) भी शामिल हैं, की स्ट्रीमिंग सेवाओं की ताजा पेशकश को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि दोनों पक्षों को एआई के उपयोग सहित कई मुद्दों पर अभी किसी अंतिम समझौते पर पहुंचना बाकी है।
अमेरिका के 160,000 मीडिया पेशेवरों का प्रतिनिधित्व करने वाला प्रतिष्ठित अमेरिकी श्रमिक संघ एसएजी- एएफटीआरए का कहना है कि वह समिति की मांगों को सुरक्षित करने और चार महीने से चली आ रही हड़ताल को जिम्मेदार ढंग से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। यूनियन ने एक्स पर पोस्ट में लिखा है कि कलाकारों के करियर और भविष्य को देखते हुए एक निष्पक्ष अनुबंध की आवश्यकता है। नेटफ्लिक्स के सह-सीईओ टेड सारंडोस ने भी रॉयटर्स के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि समाधान खोजने के लिए बातचीत जारी है।












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