Ram Mandir Vivad: जानें राम मंदिर को लेकर अयोध्या में कब-कब क्या-क्या हुआ?
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Ayodhya में Hindu का Ram Mandir या Muslims का Babri Masjid, Public Opinion | वनइंडिया हिंदी
अयोध्या। आज एक बार फिर से अयोध्या नगरी राम मंदिर को लेकर सुर्खियों में हैं, वीएचपी और हिंदूसंगठन इस वक्त पूरे भारत में राम मंदिर निर्माण को लेकर आंदोलन चला रहे हैं और सरकार पर मंदिर को लेकर दवाब बनाने की कोशिश कर रहे हैं, फिलहाल अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर जारी राजनीतिक बहस के बीच सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर सुनवाई जनवरी 2019 तक टाल दी है लेकिन दलों का प्रयास मंदिर निर्माण को लेकर जारी है तो वहीं इस मसले पर राजनीति भी गर्मा गई है।
आइए एक नजर डालते हैं अब तक का प्रमुख घटनाक्रम के बारे में............

1528 से शुरू हुआ है विवाद
- 1528: बाबर ने यहां एक मस्जिद का निर्माण कराया जिसे बाबरी मस्जिद कहते हैं लेकिन हिंदू कहते हैं कि यहां भगवान राम का जन्म हुआ था।
- 1853: हिंदुओं का आरोप कि भगवान राम के मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण हुआ इसलिए हिंदू-मुस्लिम का झगड़ा शुरू हुआ।
- 1859: ब्रिटिश सरकार ने विवाद रोकने के लिए तारों की एक बाड़ खड़ी करके मुस्लिमों और हिदुओं को अलग-अलग प्रार्थनाओं की इजाजत दी।
- 1885: मामला पहली बार अदालत में पहुंचा, महंत रघुबर दास ने फैजाबाद अदालत में बाबरी मस्जिद से लगे एक राम मंदिर के निर्माण की इजाजत के लिए अपील दायर की।
- 23 दिसंबर 1949: 50 हिंदुओं ने मस्जिद के केंद्रीय स्थल पर कथित तौर पर भगवान राम की मूर्ति रख दी और विवाद बढ़ गया।
- 16 जनवरी 1950: गोपाल सिंह विशारद ने फैजाबाद अदालत में एक अपील दायर कर रामलला की पूजा-अर्चना की विशेष इजाजत मांगी।

महंत परमहंस रामचंद्र दास ने मस्जिद को ढांचा नाम दिया गया
- 5 दिसंबर 1950: महंत परमहंस रामचंद्र दास ने बाबरी मस्जिद में राममूर्ति को रखने के लिए मुकदमा दायर किया। मस्जिद को उन्होंने ढांचा नाम दिया गया।
- 17 दिसंबर 1959: निर्मोही अखाड़ा ने विवादित स्थल हस्तांतरित करने के लिए मुकदमा दायर किया।
- 18 दिसंबर 1961: उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड ने बाबरी मस्जिद के मालिकाना हक के लिए मुकदमा दायर किया।
- 1984: वीएचपी ने राम मंदिर के लिए आंदोलन शुरू किया।
- फरवरी 1986: फैजाबाद जिला न्यायाधीश ने विवादित स्थल पर हिदुओं को पूजा की इजाजत दी। ताले दोबारा खोले गए। नाराज मुस्लिमों ने विरोध में बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी का गठन किया।
- जून 1989: बीजेपी ने वीएचपी को औपचारिक समर्थन देना शुरू करके मंदिर आंदोलन को नया जीवन दे दिया।
- जुलाई 1989: भगवान रामलला विराजमान नाम से पांचवा मुकदमा दाखिल किया गया।
- 9 नवंबर 1989: तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सरकार ने बाबरी मस्जिद के नजदीक शिलान्यास की इजाजत दी।
- 25 सितंबर 1990: बीजेपी अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी ने गुजरात के सोमनाथ से उत्तर प्रदेश के अयोध्या तक रथ यात्रा निकाली।
- नवंबर 1990: आडवाणी को बिहार के समस्तीपुर में गिरफ्तार कर लिया गया।
- अक्टूबर 1991: उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह सरकार ने बाबरी मस्जिद के आस-पास की 2.77 एकड़ भूमि को अपने अधिकार में ले लिया।
- 6 दिसंबर 1992: हजारों की संख्या में कार सेवकों ने अयोध्या पहुंचकर बाबरी मस्जिद का विवादित ढांचा ढाह दिया, इसके बाद सांप्रदायिक दंगे हुए।
- 16 दिसंबर 1992: मस्जिद की तोड़-फोड़ की जांच के लिए लिब्रहान आयोग का गठन हुआ।
- जनवरी 2002: प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने कार्यालय में एक अयोध्या विभाग शुरू किया।
- अप्रैल 2002: अयोध्या के विवादित स्थल पर मालिकाना हक को लेकर उच्च न्यायालय के तीन जजों की पीठ ने सुनवाई शुरू की।
- मार्च-अगस्त 2003: उच्च न्यायालय के निर्देशों पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने अयोध्या में खुदाई की।
- जुलाई 2009: लिब्रहान आयोग ने गठन के 17 साल बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपनी रिपोर्ट सौंपी।
- सितंबर 2010: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने विवादित जमीन को तीन हिस्सों में बांटा जिसमें एक हिस्सा राम मंदिर, दूसरा सुन्नी वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़े में जमीन बंटी।
- 9 मई 2011: सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी।
- जुलाई 2016: बाबरी मामले के सबसे उम्रदराज वादी हाशिम अंसारी का निधन।
- 21 मार्च 2017: सुप्रीम कोर्ट ने आपसी सहमति से विवाद सुलझाने की बात कही।
- 19 अप्रैल 2017: सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद गिराए जाने के मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती सहित बीजेपी और आरएसएस के कई नेताओं के खिलाफ आपराधिक केस चलाने का आदेश दिया।
- 5 दिसंबर 2017: इस विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई।
- 08 फरवरी 2018: सुप्रीम कोर्ट में दिवानी मामले की सुनवाई शुरू।
- 14 मार्च 2018: सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रमण्यम स्वामी समेत सभी याचिकाओं को खारिज किया।
- 06 अप्रैल 2018: मुस्लिम पक्षकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि वो 1994 के अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करें।
- 06 जुलाई 2018: उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि कुछ मुस्लिम संगठन 1994 के फ़ैसले पर पुनर्विचार की मांग कर मामले की सुनवाई में देर कराने की कोशिश कर रहे हैं।
- 13 जुलाई 2018: सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया कि अयोध्या में विवादित ज़मीन के मामले में 20 जुलाई से लगातार सुनवाई होगी।
- 20 जुलाई 2018: सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा।
- 27 सितंबर 2018: सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद से जुड़े 1994 वाले फ़ैसले पर पुनर्विचार से इनकार किया।
- 25 नवंबर 2018: विहिप और शिवसेना ने अयोध्या में धर्म सभाएं की, विहिप ने राममंदिर को लेकरआंदोलन आरंभ किया।

6 दिसंबर 1992 को हुई काली घटना

आडवाणी,जोशी, उमा भारती पर केस चलाने का आदेश













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