National Doctors Day 2020: जानिए डॉक्टर्स डे का महत्व, 1 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है ये दिन
नई दिल्ली। भारत में हर साल 1 जुलाई को राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस (National Doctors Day 2020) मनाया जाता है। इस दिन देशभर के डॉक्टरों को उनकी अथक सेवा के लिए सम्मानित किया जाता है। ये दिन उन सभी चिकित्सा और स्वास्थ्य पेशेवरों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है जो मरीजों का इलाज कर उन्हें नया जीवन प्रदान करते हैं और अनेक बाधाओं के बावजूद भी समाज की सेवा करते हैं। राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस देश के महान चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय की याद में मनाया जाता है। उनका जन्म 1 जुलाई, 1882 को हुआ था और इसी दिन साल 1962 में 80 साल की उम्र में उनका निधन हुआ था।

डॉक्टर रॉय को देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से 4 फरवरी, 1961 में सम्मानित किया गया था। साल 1991 में भारत में डॉक्टर रॉय को एक महान चिकित्सक के रूप में सम्मान देने के लिए इस दिन को मनाने की शुरुआत हुई थी। हालांकि दुनियाभर के देशों में डॉक्टर्स दिवस अलग-अलग तारीखों पर मनाया जाता है। अमेरिका में डॉक्टर दिवस 30 मार्च को मनाया जाता है, ईरान में ये दिन 23 अगस्त को मनाया जाता है जबकि क्यूबा में डॉक्टर दिवस 3 दिसंबर को मनाया जाता है।
इस साल कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी के चलते देशभर के डॉक्टरों पर काम का बोझ काफी बढ़ गया है। महामारी की शुरुआत के बाद से डॉक्टरों की कड़ी मेहनत और समर्पण की प्रशंसा की जा रही है। डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय के जीवन परिचय पर प्रकाश डालें तो उनका जन्म खजान्ची रोड बांकीपुर, पटना, बिहार में एक प्रवासी बंगाली परिवार में हुआ था। वर्तमान में उनके जन्म स्थान को अघोर प्रकाश शिशु सदन नामक विद्यालय में परिवर्तित कर दिया गया है।
डॉक्टर रॉय ने कोलकाता में मेडिकल की शिक्षा पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने लंदन में एमआरसीपी और एफआरसीएस की उपाधि प्राप्त की। साल 1911 में उन्होंने भारत में चिकित्सक के तौर पर काम करना शुरू किया। वह कोलकाता के मेडिकल कॉलेज में व्याख्याता भी बने। यहां से वह कैंपबैल मेडिकल स्कूल और कारमिकेल मेडिकल कॉलेज गए। इसके बाद डॉक्टर राय ने राजनीति में प्रवेश किया। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य बने और इसके बाद पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री का पदभार संभाला।












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