India AI Mission: एआई मिशन के लिए दस हजार करोड़ रुपए, एआई को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार तत्पर
India AI Mission: भारत सरकार ने अगले पाँच वर्षों के लिए ₹10,372 करोड़ की राशि आवंटित करने के साथ IndiaAi (इंडिया एआई) मिशन को मंज़ूरी दी है।
इस मिशन का उद्देश्य एआई कंप्यूटिंग पर काम करने वाली निजी कंपनियों को सब्सिडी देकर और डीपटेक स्टार्टअप्स का साथ देकर देश में एआई डेवलपमेंट पर ध्यान केंद्रित करना है। मिशन में एआई पर काम करने वाले बीटेक, एमटेक और पीएचडी उम्मीदवारों के लिए वित्तीय सहायता भी शामिल है।

नेशनल स्ट्रेटजी फॉर एआई
नीति आयोग द्वारा तैयार की गई, नेशनल स्ट्रेटजी फॉर एआई, अर्थव्यवस्थाओं को बदलने और विकसित करने के लिए एआई का लाभ उठाने पर केंद्रित है। रणनीति एआई क्षेत्र में विश्व भर के प्रमुख विकसित देशों के बीच खुद को खड़ा करने की भारत की क्षमता पर जोर देती है और स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, स्मार्ट सिटी और परिवहन जैसे प्रमुख क्षेत्रों की पहचान करती है, जो एआई के आने से काफी फायदेमंद हो सकते हैं।
भारत सरकार की इस रणनीति का लक्ष्य भारत को 'एआई गैराज' के रूप में विकसित करना है, जहां विश्व भर की सभी बड़ी कंपनियां आकर इसके लिए ग्लोबल सॉल्यूशन तैयार करें। आईआईटी जैसे कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थान भी एआई रिसर्च और एआई-बेस्ड स्टार्टअप्स को विकसित करने में सक्रिय रूप से शामिल रहे है।
यूएस-इंडिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (USIAI) की स्थापना
यूएस-इंडिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (USIAI), इंडो-यूएस साइंस एंड टेक्नोलॉजी फोरम (IUSSTF), भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और अमेरिका विदेश विभाग के बीच एक मिला-जुला प्रयास है। दोनों देशों के बीच यह पहल मार्च 2021 में की गई थी।
यह पहल स्वास्थ्य देखभाल, कृषि, ऊर्जा, स्मार्ट सिटी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत और अमेरिका के बीच एआई सहयोग को बढ़ाने के लिए की गई थी। यह एआई पर अनुभव साझा करने, एआई पर नई रिसर्च और डेवलपमेंट के बारे में जानकारी प्राप्त करने, एआई के बढ़ते लैंडस्केप पर चर्चा करने और एआई वर्कफोर्स तैयार करने से संबंधित समस्याओं का समाधान करने के लिए भी एक मंच है।
एआई पोर्टल किया लॉन्च!
भारत का राष्ट्रीय एआई पोर्टल, जिसे INDIAai (इंडिया एआई) के नाम से भी जाना जाता है, भारत सरकार द्वारा मई 2020 में लॉन्च किया गया था। इस पोर्टल को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन और नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज़ (NASSCOM) ने तैयार किया है।
यह पोर्टल भारत और विदेशों में एआई से संबंधित खबरों, आर्टिकलों, घटनाओं और गतिविधियों के लिए एक केंद्र के रूप में काम करता है। पोर्टल का उद्देश्य भारत की एआई यात्रा में एक अहम भूमिका निभाना है, साथ ही एआई डेवलपमेंट को बढ़ावा देना और एआई के माध्यम से जीवन में सुधार लाने के लिए 'एआई इकोसिस्टम' तैयार और विकसित करना है।
भारत, ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GPAI) का बना हिस्सा!
भारत, जून 2020 में अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, स्लोवेनिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, मेक्सिको, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर के साथ ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GPAI) का हिस्सा बना था। GPAI का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से जिम्मेदार और भरोसेमंद एआई डेवलपमेंट को बढ़ावा देना है।
GPAI के माध्यम से कई देश अपने अनुभव और रिसर्च और डेवलपमेंट का उपयोग करके एआई से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों की बेहतर समझ विकसित करने के लिए साथ आए हैं। फिलहाल इस गठबंधन में 25 सदस्य देश शामिल है। आपको बता दे कि भारत ने नवंबर 2022 में GPAI की अध्यक्षता भी संभाली थी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 में एआई को बढ़ावा
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में बच्चों के स्कूल सिलेबस में एआई को शामिल कर इसे बढ़ावा दिया है। नई शिक्षा नीति में भविष्य के एआई इकोसिस्टम के लिए छात्रों को तैयार करने और सीखने के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में एआई को एक विषय के रूप में पेश करने की योजना है।
सीबीएसई बोर्ड ने अपने संबंधित स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2019-20 में कक्षा नवीं में और 2020-21 में कक्षा ग्यारहवीं में एआई को एक विषय के रूप में पेश किया था। छात्रों को एआई इकोसिस्टम के लिए तैयार करने के लिए और भारत के पाठ्यक्रम को सिंक्रोनाइज करने के लिए नई शिक्षा नीति ने शिक्षा के सभी स्तरों पर आवश्यक तकनीकी ज्ञान प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
एआई लैब हो रहे विकसित
केंद्रीय बजट 2023-24 में तीन एआई लैब की पेशकश भारत सरकार द्वारा की गई थी। एआई में रिसर्च और डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए इन लैब्स को देश की सबसे विकसित और नामी शैक्षणिक संस्थानों के साथ जोड़ा जा रहा है। इन एआई लैब्स के माध्यम से सरकार का उद्देश्य डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देना और 'इंडस्ट्री 4.0', जो डिजिटल सेवाओं को विस्तार करने और वर्कफोर्स को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है, को बढ़ावा देना है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने वर्ष 2023-24 के बजट भाषण में कहा था, "यह बजट हमारी अर्थव्यवस्था की क्षमता को उजागर करने के लिए कई प्रयोगों का प्रस्ताव करता है। भारत में एआई बनाने और एआई को भारत के लिए काम करने के सपने को पूरा करने के लिए 'एआई सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस लैब' बनाए जाएंगे।
नेशनल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन की पहल
भारत में 'नेशनल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन' का लक्ष्य एक एआई इकोसिस्टम तैयार करना, एआई इनोवेशन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, स्मार्ट सिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कई क्षेत्रों में एआई एप्लीकेशन को बढ़ावा करना है। यह मिशन स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में एआई के इस्तेमाल को बढ़ावा देते हुए स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाने और विकसित करने पर केंद्रित है। इंडिया एआई जैसी पहलों के माध्यम से, मिशन का उद्देश्य एआई शिक्षा की पहुंच बढ़ाना और देश भर के टियर 2 और टियर 3 शहरों में डेटा और एआई लैब्स की स्थापना करके एआई प्रोग्रामों में प्रवेश की बाधाओं को कम करना है।












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