Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Mcdonald's Crisis: फूड रिटेल चेन का ‘बादशाह’ था मैकडोनाल्ड्स, अब टेक कंपनियों की तरह आर्थिक मंदी में

दुनिया में सबसे बड़ी फूड चेन ऑपरेट करने वाली कंपनी मैकोडनाल्ड्स ने अपने कई रेस्टोरेंट्स को बंद करने का फैसला किया है। फ्रेंचाइजी बेस्ड फूड चेन ऑपरेट करने वाली कंपनी भी टेक कंपनियों की तरह आर्थिक मंदी से गुजर रही है।

Mcdonald

दुनिया के सबसे बड़े फूड चेन में से एक मैकडोनाल्ड्स ने अमेरिका के सभी ऑफिस को इस सप्ताह बंद करने का फैसला किया है। वॉल स्ट्रीट जरनल की रिपोर्ट के मुताबिक मैकडोनाल्ड्स ने अपने सभी कॉर्पोरेट कर्मचारियों को इससे संबंधित मेल भेजा है। अपने ई-मेल में फूड चेन ने कहा है कि वे सोमवार से बुधवार तक वर्क फ्रॉम होम कर लें। मैकडोनाल्ड्स जैसे बड़े फूड चेन का यह फैसला चौंकाने वाला है। सामने आ रही एक रिपोर्ट के मुताबिक, मैकडोनाल्ड्स भी बड़ी टेकनोलॉजी कंपनियों की तरह अपने कुछ कर्मचारियों को निकालने वाली है। हालांकि, फिलहाल यह साफ नहीं है कि कंपनी कितने कर्मचारियों की छंटनी करेगी।

क्या है पूरा मामला
कर्मचारियों को भेजे गए ई-मेल में मैकडोनाल्ड्स ने कहा है कि इस सप्ताह 3 अप्रैल 2023 से हम पूरे संस्थान के कर्मचारियों के रोल को लेकर अहम फैसला करने वाले हैं, जिसके बारे में हम सूचना जारी करेंगे। यही नहीं, मैकडोनाल्ड्स ने अपने कर्मचारियों को यह भी कहा कि अगर कोई इन-पर्सन मीटिंग पहले से शेड्यूल है तो उसे भी कैंसिल कर दें। इससे पहले फास्ट फूड चेन ने जनवरी 2023 में कहा था कि वह अपने कॉरपोरेट स्टाफिंग लेवल का रिव्यू करेंगे क्योंकि यह ब्रांड की अपडेटेड बिजनेस स्ट्रेटेजी का हिस्सा है, जिसकी वजह से कुछ क्षेत्र में कर्मचारियों की छंटनी भी हो सकती है।

रिपोर्ट की मानें तो मैकडोनाल्ड्स भी टेक कंपनियों की तरह आने वाले दिनों में सैकड़ों कर्मचारियों की छंटनी कर सकता है। कंपनी के जो कर्मचारी अमेरिका में अस्थाई वीजा पर रह रहे हैं उनकी छंटनी की जा सकती है और उनके पास नयी नौकरी तलाश करने के लिए बहुत कम समय रहेगा। इसके पहले भी कई बार मैकडोनाल्ड्स भारत समेत कई देशों में अपने स्टोर पर ताला लगा चुका है। हालांकि, मैकडोनाल्ड्स ने पहले अन्य वजहों से अपने स्टोर भारत या किसी अन्य देश में बंद किए थे।

मैकडोनाल्ड्स का इतिहास
मैकडोनाल्ड्स अमेरिकन मल्टीनेशनल फास्ट फूड चेन ब्रांड है, जिसकी स्थापना 1940 में हुई थी। इस रेस्टोरेंट को कैलिफोर्निया के रिचर्ड और मॉरिस मैकडोनाल्ड्स ने सेन बर्नार्डिनो में सबसे पहले ओपन किया था। 1953 में कंपनी ने अपना आइकॉनिक गोल्डन आर्क लोगो रिवील किया और फ्रेंचाइजी की शुरुआत की थी। 1955 में एक बिजनेसमैन रे क्रोक ने मैकडोनाल्ड्स ब्रदर्स से फ्रेंचाइजी खरीदी और बिजनेस को आगे बढ़ाया। इसके लिए रे क्रोक ने मैकडोनाल्ड्स के हेडक्वाटर को शिकागो में शिफ्ट किया। इस समय मैकडोनाल्ड्स दुनिया का सबसे बड़ा फूड रेस्टोरेंट चेन है, जिसके रोजाना 69 मिलियन यानी 6.9 करोड़ ग्राहक हैं। साल 2021 तक कंपनी के 100 देशों में 40,000 से ज्यादा रेस्टोरेंट्स हैं।

भारत में भी बंद हुए थे रेस्टोरेंट्स
मैकडोनाल्ड्स ने 2017 में उत्तर-पूर्व भारत के सैकडों आउटलेट्स बंद कर दिए थे। मैकडोनाल्ड्स के ये रेस्टोरेंट भारत में कंपनी के फ्रेंचाइजी कनॉट प्लाजा रेस्टोरेंट्स और मैकडोनाल्ड्स इडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुए एग्रीमेंट खत्म होने की वजह से बंद हुए थे। उस समय मैकडोनाल्ड्स के राजधानी दिल्ली के 55 में से 43 रेस्टोरेंट्स पर ताला लग गया था। अगस्त 2017 तक मैकडोनाल्ड्स ने उत्तर-पूर्व भारत के 430 आउटलेट्स को बंद कर दिया था।

मैकडोनाल्ड्स के ये रेस्टोरेंट्स कनॉट प्लाजा रेस्टोरेंट्स प्राइवेट लिमिटेड ऑपरेट कर रही थी। हालांकि, दक्षिण और पश्चिम भारत के रेस्टोरेंट्स बंद नहीं हुए थे, क्योंकि उनका परिचालन फ्रेंचाइजी हार्डकैसल रेस्टोरेंट्स करती है। कुछ दिन बाद उत्तर पूर्व भारत में मैकडोनाल्ड्स को नयी फ्रेंचाइजी मिलने के बाद सभी स्टोर ओपन हो गए। साथ ही, मैकडोनाल्ड्स ने पिछले कुछ साल में सैंकडो नये रेस्टोरेंट्स भी खोले हैं।

रूस में बंद हुए रेस्टोरेंट्स
पिछले साल रूस-यूक्रेन के बीच शुरू हुए युद्ध के बाद से कई कंपनियों ने रूस से अपना बिजनेस या तो बंद कर दिया है या फिर उसे बंद करने की तैयारी में है। ग्लोबल फूड चेन ब्रांड मैकडोनाल्ड्स ने भी पिछले साल रूस में अपना बिजनेस बंद करने की घोषणा की थी। मैकडोनाल्ड्स 1990 से रूस में अपना फूड चेन चला रहा था। सोवियत रूस और अमेरिका के बीच चल रहे कोल्ड वॉर के दौरान मैकडोनाल्ड्स ने अपना फूडचेन ओपन किया था। फिलहाल साइबेरिया स्थित शिकागो बर्गर ने रूस स्थित मैकडोनाल्ड्स के 850 रूसी रेस्टोरेंट्स को खरीद लिया है और उसे नए नाम के साथ चला रहा है। हालांकि, मैकडोनाल्ड्स ने इस डील के बारे में कुछ जाहिर नहीं किया है।

मैकडोनाल्ड्स ने पिछले साल रूस से एग्जिट लेने की घोषणा की थी। रूस में मैकडोनाल्ड्स के रेस्टोरेंट्स में काम करने वाले करीब 62,000 कर्मचारियों को नई कंपनी ने अगले 2 साल के लिए शर्तों के साथ रिटेन कर लिया है। हालांकि, ऐसी भी संभावनाएं जताई जा रही है कि रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग खत्म होने के बाद मैकडोनाल्ड्स दोबारा रूस में अपना बिजनेस शुरू कर सकता है।

इन देशों में मैकडोनालड्स पर लगा है बैन
बरमूडा - बरमूडा में 1995 से मैकडोनाल्ड्स का कोई भी रेस्टोरेंट नहीं है। बरमूडा ने 1970 में मैकडोनाल्ड्स पर बैन लगाया था। हालांकि, ब्रांड ने 1985 में नियमों में कमियां ढूंढ़कर अमेरिकी नेवल एयर स्टेशन पर माइकी डी के नाम से एक रेस्टोरेंट ओपन किया था। 1995 में यह एयर स्टेशन बंद होने के साथ ही रेस्टोरेंट पर भी ताला लग गया। इसके बाद फूड चेन कंपनी ने 1999 में दोबारा बरमूडा में अपना बिजनेस शूरू करने की कोशिश की थी, लेकिन वहां के कानून ने ब्रांड को अपनी फ्रेंचाइजी ओपन करने नहीं दिया।

ईरान - मिडिल ईस्ट और अमेरिका के बीच तनावपूर्व रिश्तों की वजह से ईरान ने अमेरिकी फूड चेन मैकडोनाल्ड्स पर बैन लगा दिया था। मैकडोनाल्ड्स 1979 से पहले तक ईरान में अपना फ्रेंचाइजी फूड चेन ऑपरेट कर रहा था। दोनों देशों के रिश्तों में आई खटास की वजह से 1979 से मैकडोनाल्ड्स पर ईरान ने बैन लगाया है।

बलकंस - दक्षिण-पूर्वी यूरोपीय देश बलकंस (बलकंस पेनिनसुला) ने 2013 से मैकडोनाल्ड्स पर बैन लगा दिया है। अमेरिकी फूड चेन कंपनी यहां मैकडोनियन के नाम से 7 रेस्टोरेंट्स ऑपरेट कर रहा था। लाइसेंस रद्द होने के बाद से मैकडोनियन के सातों रेस्टोरेंट्स बंद करने पड़ गए और मैकडोनाल्ड्स ने यहां से एग्जिट कर लिया।

इनके अलावा यमन, मोंटेनेग्रो, नार्थ कोरिया, जिम्मबाबे, बोलोविया और आइसलैंड में भी मैकडोनाल्ड्स अपना रेस्टोरेंट नहीं खोलेगा। इन देशों की आर्थिक और राजनैतिक हालातों की वजह से मैकडोनाल्ड्स ने अपना फ्रेंचाइजी देने पर रोक लगाई है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+