Positive India: एलईडी डिस्ट्रीब्यूशन से दूर होगा देश का अंधेरा
बैंगलुरू। अभी ज्यादा दिन नहीं हुए हैं जब देश की राजधानी दिल्ली में बिजली के बिल को लेकर बहुत ज्यादा बवाल मचा था। बिजली तो सबको चाहिए लेकिन बिजली के बढ़े हुए बिल के देखकर हर किसी का बल्डप्रेशर बढ़ जाता है लेकिन बिजली तो हर इंसान को चाहिए लेकिन बिजली की कमी है इसलिए भारत सरकार की ओर से एलईडी डिस्ट्रीब्यूशन योजना की शुरूआत की गई है जिसका असर अब दिखने भी लगा है इसलिए आज Positive India में हम बात करेंगे एलईडी डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम की।
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क्या है यह योजना?
एलईडी डिस्ट्रीब्यूशन यानी 'प्रकाश पथ' के तहत घरों, सड़कों पर एलईडी बल्ब लगाये जायेंगे जिसके जरिये बिजली की खपत कम होगी और बची हुई बिजली का प्रयोग जरूरतमंदों के लिए किया जायेगा। 'प्रकाश पथ' बल्ब बिजली के बिल को भी कम करेगा ताकि देश का हर वर्ग खुश और शांति से रहे।
शुरूआत दिल्ली से
इस योजना की शुरूआत दिल्ली से हुई थी जहां साउथ ब्लॉक में सामान्य बल्बों के स्थान पर एलईडी बल्ब लगाए गये थे और इस कारण प्रति माह 7000 यूनिट बिजली बचत हुई थी।
बिजली बनाने से बिजली बचाना कठिन
- एलईडी डिस्ट्रीब्यूशन से पर्यावरण सुरक्षित रहता है इसलिए अब सरकार इस योजना को जनअभियान बनाने को तत्पर है।
- कंपनियां लाभांश देते समय एलईडी बल्बों का वितरण कर रही हैं।
- लोगों से आग्रह किया गया है कि वो न्यूईयर पर गिफ्ट के तौर पर led बल्ब दें।
- एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में यह योजना प्रमुखता से लागू होगी।
- इस योजना के तहत 77 करोड़ रेग्युलर बल्ब को 40 करोड़ सीएफएल में चेंज किया जायेगा।
दिखने लगा है असर
- पांडिचेरी कॉटेज इंडस्ट्री की ओर से सबसे अच्छा फीडबैक आया है जो कि रातभर काम करते हैं लेकिन led बल्बों की वजह से उनका बिजली का बिल आधा हो गया है।
- गुंटूर के गरीब इलाके भी अब led बल्बों से रोशन हैं, यहां पहले की अपेक्षा बिजली की कटौती कम हो रही है क्योंकि बिजली की खपत कम हो रही है।
- अनुमान के मुताबिक 2 करोड़ एलईडी बल्बों पर 68लाख किलोवॉट एनर्जी की बचत है जो हर लिहाज से फायदे का सौदा है।
- पीकआवर्स में अब दिल्ली और मुंबई जैसे रात-दिन जागने वालों शहर में इन बल्बों के प्रयोग से 645 मेगावॉट बिजली की डिमांड कम हुई है।
- जिसके कारण 5520 कार्बन उत्सर्जन घटा है जो निश्चित तौर पर स्वास्थ्य, पर्यावरण और पॉकेट के हिसाब से अच्छा है।
पॉजीटिव इंडिया
देश का हर हिस्सा रौशन हो, यह सपना देश की आजादी के वक्त देखा गया था लेकिन आजादी के इतने सालों बाद भी हमारे देश के बहुत सारे इलाके ऐसे हैं जहां के लोग बिजली का मतलब ही नहीं जानते हैं। जिनकी सुबह सूरज की रोशनी से होती है और शाम ढ़लते ही उनकी रात होजाती है, अगर एलईडी डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम से देश के ऐसे हिस्सों में रोशनी जगमगाती है तो इससे अच्छा भारत के लिए क्या हो सकता है इसलिए हमें भी एलईडी डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम में बढ़चढ़कर हिस्सा लेते हुए बिजली बचाने में अपना योगदान देना चाहिए क्योंकि हो सकता है कि आपके घर के एक फालतू पंखे की बिजली किसी गरीब के घर की जगमगाती मुस्कान बन जाये।













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