इबोला वायरस से जुड़े ऐसे तथ्य जिन्हें आप जरूर जानें
इबोला वायरस में फीवर क्या है यह आपने पिछले लेख में पढ़ा (Previous)। अब हम आपको बताने जा रहे हैं इस इबोला वायरस से जुड़े ऐसे तथ्यों के बारे में जो आपको जरूर मालूम होने चाहिये। उन तथ्यों पर चर्चा करने से पहले हम आपको बताना चाहेंगे कि इबोला वायरस एक अफ्रीका की नदी इबोला के नाम पर पड़ा है।

असल में इस वायरस की खोज इबोला नदी में ही हुई थी। दूसरी सबसे बड़ी बात यह कि भारत का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर इबोला उतना सशक्त नहीं है, कि इस वायरस से लड़ सके।
इबोला से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
- इबोला से फैलने वाली बीमारी को पहले इबोला हीमोरेजिक फीवर के नाम से जाना जाता था। यह खतरनाक बीमारी हजारों की जान ले चुकी है।
- यह वायरस जंगली जानवरों से इंसानों में आया। उसके बाद इंसान से इंसान में फैला।
- इबोला से होने वाली बीमारी की मृत्यु दर 50 प्रतिशत है।
- 10 साल पहले तक इबोला से होने वाली बीमारी की मृत्यु दर 90 प्रतिशत थी।
- सबसे पहला इबोला का मरीज सेंट्रल अफ्रीका के एक सूनसान गांव में पाया गया था।
- वर्तमान में सबसे ज्यादा इबोला के मरीज अफ्रीका के शहरी इलाकों में पाये जा रहे हैं।
- इस बीमारी से लड़ना एक-दो इंसानों के बस की बात नहीं, पूरे समाज को जुटना होता है।
- पूरी दुनिया में अभी तक इबोला पर अधिकारिक रूप से किसी भी वैज्ञानिक ने विजय प्राप्त नहीं की है।












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