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'नौलखा मंगाने' से रामपुर जीतने तक: फिल्मों से लेकर सियासत के बीच कैसा रहा जयाप्रदा का सफर

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नई दिल्ली। मुझे नौलखा मंगवा दे रे.......गाने से रूपहले पर्दे पर आग लगाने वाली मशहूर अदाकारा जयाप्रदा मंगलवार को भाजपा में शामिल हो गई हैं, दो दशकों तक सिल्वर स्क्रीन पर जादू बिखरेने वाली जया एक बार फिर से रामपुर से अपने पुराने दुश्मन आजम खान के खिलाफ चुनाव लड़ने जा रही हैं। खैर चुनावी रण में जीतेगा कौन इसका पता तो चुनावी नतीजे तय करेंगे लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि जयाप्रदा ने एक बार फिर से यूपी के अंदर खलबली जरूर मचा दी है।

तेलुगू देशम पार्टी से की थी अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत

तेलुगू देशम पार्टी से की थी अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत

मात्र 14 बरस की उम्र में फिल्मों में कदम रखने वाली जयाप्रदा ने अपने 30 साल के करियर में तकरीबन 300 फिल्मों में काम किया है, जिसमें तमिल, तेलुगू और हिंदी फिल्में शामिल हैं। जयाप्रदा ने सन् 1994 में अभिनेता एन.टी. रामराव की तेलुगू देशम पार्टी ज्वाइन करके राजनीति में प्रवेश किया था लेकिन इस पार्टी में उनका अनुभव खासा अच्छा नहीं रहा और उन्होंने पार्टी छोड़ दी और चंद्रबाबू नायडू के दल में शामिल हो गईं, जिसका फायदा उन्हें मिला और वो सन् 1996 में आंध्र प्रदेश से राज्यसभा पहुंची।

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तेदेपा छोड़कर सपा का दामन थामा

तेदेपा छोड़कर सपा का दामन थामा

लेकिन यहां भी उन्हें खट्टे अनुभव मिले, उनके और पार्टी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू के बीच बनी नहीं, जिसके कारण जया ने तेदेपा छोड़ दी और समाजवादी पार्टी को ज्वाइन कर लिया। बस यहीं से जया के सियासी सफर का बड़ा अध्याय शुरू हुआ, जिसने यूपी से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मचा दिया और जिसके चर्चे आज भी राजनीतिक गलियारों में होते रहते हैं।

 आजम खां ने किया घोर विरोध

आजम खां ने किया घोर विरोध

दरअसल जयाप्रदा को सपा में लाने वाले थे उनके अजीज दोस्त अमर सिंह, जो उस वक्त सपा मुखिया मुलायम सिंह के काफी करीबी और पार्टी में नंबर दो की हैसियत रखते थे। अमर सिंह ने मुलायम से कहकर जयाप्रदा को रामपुर से चुनाव लड़वाने को कहा, जो कि पार्टी के कद्दावर नेता आजम खां, को अच्छा नहीं लगा औऱ यहीं से विरोध और जहरीली सियासत की नई पारी आरंभ हुई।

जमकर मचा सियासी बवाल

जमकर मचा सियासी बवाल

दरअसल रामपुर मुस्लिम बाहुल्य इलाका है और आजम खां का गढ़ माना जाता है, यहां से आजम अपनी पत्नी का टिकट चाहते थे लेकिन सपा ने जयाप्रदा को टिकट दे दिया, जिसका विरोध करते वक्त आजम खां ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दी।

आजम खान पर नग्न तस्वीरों का वितरण करने का आरोप लगाया

आजम खान पर नग्न तस्वीरों का वितरण करने का आरोप लगाया

11 मई 2009 को जयाप्रदा ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने किसी की नग्न तस्वीरों को उनके नाम पर रामपुर में बांटा है और उन्हें 'नाचने वाली' कहकर अपमान किया है। जयाप्रदा बनाम आजम खान की लड़ाई उस वक्त राजनीतिक गलियारों का हॉट टॉपिक हुआ करती थी, जिसकी टीस आज भी दोनों के अंदर है, जो गाहे-बेगाहे आरोप-प्रत्यारोप के माध्यम से लोगों के सामने आती रहती है। फिलहाल तमाम विरोध और अपमान के बावजूद जयाप्रदा मैदान में डटी रहीं और वो रामपुर से जीत कर संसद पहुंचीं। गौरतलब है कि जया ने रामपुर से दो बार चुनाव जीता है।

अखिलेश यादव ने पार्टी से निकाला

अखिलेश यादव ने पार्टी से निकाला

हालांकि अखिलेश यादव के सपा पार्टी का मुखिया बनने के बाद अमर सिंह और जयाप्रदा को पार्टी से निकाल दिया गया और इसके बाद जया प्रदा अमर सिंह के साथ राष्ट्रीय लोकदल में शामिल हो गई थीं। रालोद के टिकट पर जया ने 2014 लोकसभा चुनाव बिजनौर संसदीय सीट से लड़ा था, लेकिन इस बार उनकी जीत की हैट्रिक पूरी नहीं हो पाई थी, एक बार फिर से वो चुनावी दंगल में उतरने को तैयार हैं, देखते हैं कि कमल के सहारे जयाप्रदा इस बार क्या कमाल करती हैं।

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English summary
once a star candidate of Samajwadi Party, actor-turned-politician Jaya Prada on Tuesday joined the Bharatiya Janata Party (BJP).
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