कराची से लगी समुद्री सीमाओं की रक्षा करेगा जापानी एयरक्राफ्ट!
बैंगलोर। वर्ष 2008 में देश के दिल पर 26/11 का जख्म लगा जो अभी तक भर नहीं सका है और शायद ही यह कभी भर पाएगा। पाकिस्तान की आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की साजिश का नतीजा मुंबई हमलों के तौर पर सामने आया था।

मोदी ने तलाशा उपाय
उस समय हमलावर हमारे देश की समुद्री सीमाओं को लांघकर देश के भीतर दाखिल हुए थे। उस आतंकी हमले के बाद से ही देश की समुद्री सीमाओं को चाक-चौबंद करने की बातें होने लगीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद जब पहली बार जापान यात्रा पर गए हैं तो उन्होंने वहां पर देश को ऐसे हमलों से बचाने का उपाय तलाश लिया है।
मोदी ने जापान के साथ दो यूएस-2 एमफिबियन एयरक्राफ्ट्स के लिए डील साइन की है। इसके साथ ही भारत, जापान से इस एयरक्राफ्ट्स की टेक्नोलॉजी को भारत लाएगा ताकि यहां पर इन एयरक्राफ्ट्स को यहीं पर बनाया जा सके। यूएस-2 के साथ ही जापान वर्ल्ड वॉर टू के बाद किसी देश को अपने मिलिट्री इक्विपमेंट्स की बिक्री करेगा।
यूएस-2 एक सीप्लेन है जो आईलैंड की सीमाओं को सुरक्षित करने के काम आता है। एक नजर डालिए इस डील से जुड़ी कुछ खास बातों पर।
- भारत की समुद्री सीमा करीब 7,500 किमी की है और नेवी ने पहले भी इस तरह के एयरक्राफ्ट्स की मांग की थी। लेकिन फंड की कमी की वजह से खरीद को रोक दिया गया था।
- यूएस-2 को शिन मियावा के नाम से जाना जाता है। इसे आमतौर पर समुद्र में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए प्रयोग किया जाता है। लेकिन अगर कभी दुश्मन के बारे में पता लगता है तो उस समय भी इस एयरक्राफ्ट को प्रयोग किया जा सकता है।
- इंडियन नेवी को 1.65 बिलियन डॉलर की कीमत पर 15 यूएस-2 एयरक्राफ्ट्स जल्द सौपे जाएंगे। इन एयरक्राफ्ट्स को नेवी अंडमान निकोबार आईलैंड पर तैनात करेगी। आपको बता दें कि पाक और श्रीलंका की ओर से इस जगह पर घुसपैठ की कोशिशों के बारे में खबरें आई थीं।
- इस एयरक्राफ्ट के बाद इंडियन नेवी के ट्रृप्स को उन इलाकों में दाखिल हो सकेगी जहां पर लैंडिंग के लिए कोई जगह हीं नहीं हैं।
- इस एयरक्राफ्ट के बाद तेजी से किसी भी जगह ट्रूप्स को डेप्लॉय करने में आसानी हो सकेगी।
- इस एयरक्राफ्ट में क्रू के तौर पर 11 लोग आ सकते हैं।
- वहीं इसकी पैसेंजर कैपेसिटी 20 और 12 पैसेंजर इसमें अतिरिक्त जरूरत पड़ने पर बैठाए जा सकते हैं।
- इस एयरक्राफ्ट में चार रोल्स रॉयस इंजन लगे हैं।
- इस एयरक्राफ्ट की मैक्सिमम स्पीड 560 किमी प्रति घंटा यानी 302 नॉट्स है।
- एयरक्राफ्ट की रेंज 4,700 किमी है और इसे टेक ऑफ करने के लिए 490 मीटर की जगह चाहिए होती है।
- जमीन पर लैंड करने के लिए इसे 1,500 मीटर की जगह चाहिए होती है।
- पानी में लोड के साथ टेकऑक करने के लिए इसे 280 मीटर की दूरी तो लैंड करने के लिए 330 मीटर की जगह की जरूरत होती है।
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