यहां समलैंगिक होने पर मिलती है सजा-ए-मौत
नयी दिल्ली। समलैंगिकता का अर्थ किसी व्यक्ति का समान लिंग के लोगों के प्रति यौन और रोमांसपूर्वक रूप से आकर्षित होना है। लोग शौक से समलैंगिकता का रास्ता नहीं चुनते बल्कि उनमें हॉरमोनल असंतुलन की वजह से ये कमी होती है जिसकी वजह से वो समान सेक्स के प्रति आकर्षित हो जाते हैं। दुनिया भर के कई देशों में समलैंगिकता को बैन किया गया है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि समलैंगिक होने पर किसी को मौत की सजा सुना दी जाए।

द को इस्लामिक स्टेट कहने वाले संगठन में 'गे' यानी समलैंगिक लोगों को दंड देने का खास तरीक़ा है,। आतंकियों का ये संगठन समलैंगिकों को ऊंची इमारत से नीचे फेंक दिया जाता है। समलैंगिकता के बारे में खुलासा होने पर लोगों को तंग किया जाता है। उन्हें कोसा जाता है। उनके समलैंगिक होने पर ताना मारा जाता है और अंत में उन्हें मौत दे दी जाती है।
बीबीसी रिपोर्ट के मुताबिक इराक में अगर किसी सुरक्षाकर्मियों को अगर किसी के गे होने की जानकारी मिलती तो वो उसे गिरफ्तार कर लेते। उसके साथ बलात्कार करते और उसे प्रताड़ित करते। एक चश्मदीद की रिपोर्ट के मुताबिक इराकी सेना की निगरानी में कई हत्याएं हुईं। सेना के सामने लोगों के ज़िंदा जलाए जाने, पत्थर मारकर उनकी जान लेने के वीडियो सामने आए है।
आईएस के आंतकी समलैंगिकों की पहचान को उजागर करने के लिए उनकी ऑनलाइन तस्वीर पोस्ट कर देते है। पहचान उजागर हो जाने के बाद आम लोगों में भी समलैंगिकों के लिए सहानभूति खत्म हो जाती है। लोग उन्हें घृमा की दृष्टि से देखते है। ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कि यहां समलैंगिक होने की सजा सिर्फ मौत है। ऐसी मौत जिसपर ना तो परिवार को गम होता है और ही समाज को दुख।












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