Gurpurab 2018: आज दोस्तों को भेजें गुरु नानक जयंती पर ये शुभकामना संदेश
नई दिल्ली। आज पूरा देश गुरू पर्व में सराबोर है, देश के सभी गुरूद्वारों में रौनक ही रौनक है तो वहीं भारी संख्या में लोग इस वक्त गुरूद्वारों में सेवा दे रहे हैं। आपको बता दें कि आज का दिन लोग गुरूनानक जंयती के रूप में मनाते हैं। गुरू नानक का जन्म 15 अप्रैल 1469 को ननकाना साहिब में हुआ था। ये ही सिखों के प्रथम गुरु थे।। लद्दाख व तिब्बत में इन्हें नानक लामा भी कहा जाता है, इनके पिता का नाम कल्याणचंद या मेहता कालू जी था, माता का नाम तृप्ता देवी था। तलवंडी का नाम आगे चलकर नानक के नाम पर ननकाना पड़ गया, इनकी बहन का नाम नानकी था। नानक सर्वेश्वरवादी थे, इनके विचार आज भी लोगों को सही रास्ता दिखाते हैं।
हम यहां आपको कुछ बधाई संदेश दे रहे हैं जिन्हें आप दोस्तों को भेजकर उन्हें शुभकामना संदेश दे सकते हैं

गुरुपर्व की शुभकामनाएं
मेरो मेरो सभी कहत हैं, हित सों बाध्यौ चीत।
अंतकाल संगी नहिं कोऊ, यह अचरज की रीत॥
गुरुपर्व की शुभकामनाएं ।

प्रभु के लिए खुशियों के गीत गाओ...
प्रभु के लिए खुशियों के गीत गाओ,
प्रभु के नाम की सेवा करो,
और उसके सेवकों के सेवक बन जाओ।
गुरुपर्व दी लख-लख बधाइयां।

विकारों पर विजय पाना आवश्यक है....
संसार को जीतने के लिए स्वयं
अपने विकारों पर
विजय पाना आवश्यक है
श्री गुरु नानक देव जी।

नानक भव-जल-पार परै जो गावै प्रभु के गीत
मन मूरख अजहूं नहिं समुझत, सिख दै हारयो नीत
नानक भव-जल-पार परै जो गावै प्रभु के गीत
गुरुपर्व दी लख-लख बधाइयां।












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