अब मछली की आंखों से देख सकेंगे संसार, होगा अंधेपन का इलाज

वैज्ञानिकों ने जेब्रा मछली के मस्तिष्क में मौजूद एक रसायन की खोज की है, जिससे यह जानने में मदद मिलेगी कि मछली की आंखों में रेटीना किस तरह विकसित होती है।

नई दिल्ली। सुनने में भले ही आपको अजीब लगे,लेकिन बहुपत ही जल्द अंधे लोग भी इस संसार की खुबसूरती को देख सकेंगे। जल्द ही उनकी दुनिया भी रौशन होगी। दरअसल न्यूयॉर्क के शोधकर्ताओं ने अंधेपन के इलाज का रास्ता तलाश लिया है। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि जल्द ही उनके रिसर्च की मदद से अंधे लोगों को देखने की शक्ति मिल सकेगी।

 Fish Eyes May Prove to Be a Potential Cure for Blindness

मछली से होगा अंधेपन का इलाज

वैज्ञानिकों ने जेब्रा मछली के मस्तिष्क में मौजूद एक रसायन की खोज की है, जिससे यह जानने में मदद मिलेगी कि मछली की आंखों में रेटीना किस तरह विकसित होती है। इस शोध के आधार पर इंसानों के अंधेपन के इलाज में मदद मिलेगी। शोधकर्ताओं के मुताबिक मछली के मस्तिष्क में पाया जाने वाला जीएबीए (गामा एमीनोब्यूट्रिक एसिड) एक न्यूरोट्रांसमीटर है, जिसका उपयोग तंत्रिका गतिविधियों को शमित करने के लिए जाता है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक जीएबीए की मदद से इंसानों में एज रिलेटेड मैकुलर डिजेनेरेशन का इलाज किया जा सकता है, जो कि अंधेपन और रेटिनिटिस पिगमेंटोसा का सबसे सामान्य कारक है। शोधकर्ताओं के मुताबिक मछलियों और स्तनधारियों के रेटीना की संरचना लगभग सामान्य होती है। ऐसे में मछलियों में पाए जाने वाले जीएबीए से रेटीना को फिर से बनाने का काम किया जा सकता है।

इस शोध को करने वाले अमेरिका के टेनेसी में वेंडरबिल्ट विश्वविद्यालय में प्रोफेसर जेम्स पैटन के मुताबिक जीएबीए अवरोधक के इलाज से इंसानों में रेटीना में सुधार की पूरी गुंजाइश है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+