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Exam Season: अगर सिर पर आ गई है परीक्षाएं तो छोड़ दें ये काम, वरना बाद में पड़ेगा ‘पछताना’

सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं सिर पर हैं। देश भर के कॉलेजों में भी परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। वैसे तो छात्र पूरा साल मौज मस्ती में काटते हैं लेकिन परीक्षाएं वह समय है जब उन्हें अपनी मौज मस्ती को दरकिनार कर अपनी शिक्षा पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता होती है।

अगर परीक्षा के समय भी छात्र अपनी मौज-मस्ती और ऐशो-आराम पर लगाम नहीं लगा पाते हैं, तो बाद में केवल 'पछतावा' होता है। आइए ऐसी ही कुछ आदतों की बात करते हैं जिन्हें अगर आपने परीक्षा के दिनों में पढ़ाई से ज्यादा महत्व दिया तो पछतावे के साथ-साथ घरवालों के ताने भी आपके कान में गूंजेंगे!

Exam Season

सोशल मीडिया से दूरी जरूरी!

अगर परीक्षा के समय आपने यह लाइन अपने दिमाग में बैठा ली तो आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा। क्योंकि सोशल मीडिया पढ़ाई के समय विद्यार्थी का ध्यान भटकाने में अहम भूमिका अदा करता है। यह ऐसा नशा है जिस पर आप घंटों बिता देंगे फिर भी आपको समय का पता नहीं चलेगा। मानते हैं कि सोशल मीडिया से आप अपने साथियों से जुड़ सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं है कि अगर आप परीक्षा और उससे पहले कुछ समय तक सोशल मीडिया नहीं चलाएंगे तो आपके साथी आपको छोड़कर भाग जाएंगे। अगर कुछ समय सोशल मीडिया नहीं चलाओगे तो ना ही आपके मीम्स और न ही आपके कुत्ते-बिल्लियों के वीडियो इंस्टाग्राम डिलीट कर देगा।

वेब सीरीज बिंज वॉच करने के बजाय सिलेबस पूरा करें!

पढ़ाई के दौरान अपने दिमाग को तनाव से मुक्त रखने के लिए मनोरंजन जरूरी है। लेकिन आजकल युवाओं के मन में मनोरंजन के नाम से सबसे पहले दिमाग में कोई वेब सीरीज आती है, जो कि बहुत समय बर्बाद करने वाला उपाय है। क्योंकि अगर आप एक वेब सीरीज देखने बैठे तो आपको उसे पूरा करने के लिए कम से कम 5 घंटे का समय चाहिए होगा, और आपका उसे बीच में छोड़ने का भी मन नहीं करेगा। तो आप अपने मनोरंजन के लिए कोई गाना सुन सकते हैं या फिर आराम कर सकते हैं। क्योंकि वेब सीरीज देखने से आपकी फर्स्ट डिवीजन नहीं आएगी, लेकिन पढ़ाई करने से जरूर आएगी।

स्कोर देखे, पूरा मैच नहीं!

अपनी फेवरेट क्रिकेट टीम या फिर फुटबॉल टीम को सपोर्ट करना किसे पसंद नहीं होता। लेकिन इसके लिए भी संतुलन होना आवश्यक है, ऐसा नहीं होना चाहिए कि अपनी फेवरेट टीम को सपोर्ट करने के चक्कर में पढ़ाई को दरकिनार कर पूरा मैच ही देख लिया। आप इसके बजाय स्कोर या फिर मैच के हाइलाइट्स भी देख सकते हैं। यह ध्यान रखें की बोर्ड्स एक बार आएंगे लेकिन आईपीएल या फीफा तो आते-जाते रहेंगे। आप एक टारगेट भी बना सकते हैं कि अगर मैंने 4 घंटे लगातार पढ़ाई की तो मैं मैच का हिस्सा देखूंगा।

ब्रो, आज रात का क्या सीन है!

दोस्तों के साथ पार्टी करना, देर रात तक घूमना और ठहाके लगाना हम सबको बहुत पसंद है, लेकिन आपको अपने मन को थोड़ा समझाना होगा कि अभी मुझे मेरी पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देना है और थोड़ा अपने दोस्तों को भी समझाना होगा। फिर भले ही एग्जाम के बाद आप बहुत ही बड़ी पार्टी रखें और देर रात तक इंजॉय करें।

पढ़ाई थोड़ी देर में कर लूंगा, अभी तो बहुत समय बाकी है!

अगर एक छात्र भी यह लाइन अपने दिमाग में लेकर चल रहा हैं तो यह उसकी विफलता का सबसे बड़ा कारण बन सकता है। यह लाइन पहले के समय में भी और आज के समय में भी बहुत लोगों को बर्बाद कर चुकी है। अगर आप यह सोचते हैं कि अभी तो परीक्षा में बहुत समय बाकी है, तो आप गलत राह पर चल रहे है मेरे दोस्त, क्योंकि कहते है ना- समय किसी के लिए नहीं रुकता, और एक दिन आएगा जब अचानक से परीक्षा आपके दरवाजे पर खड़ी होगी। अगर आपने आज अपनी पढ़ाई को थोड़ा समय दे दिया तो भविष्य में आप अपने आज के दिए समय को याद रखोगे।

परिवार भी समझता है!

अगर आपको ऐसा लगता है कि आप ज्यादा पढ़ाई करने के कारण अपने परिवार को समय नहीं दे पा रहे और इसकी वजह से वो लोग बुरा मान जाएंगे, तो ऐसा नहीं है। आपके परिवार के बड़ो ने भी अपने समय पर परीक्षाएं दी है, वो जानते हैं कि पढ़ना कितना महत्वपूर्ण है और सफलता का रास्ता पढ़ाई से होकर ही गुजरता है।

अपने पैरों पर कुल्हाड़ी ना मारे!

अगर आप पढ़ाई के बहाने अपने परिवारजनों से झूठ बोलकर अपने कमरे में बैठकर वीडियो गेम खेल रहे हैं या फिर पढ़ाई के बहाने घर पर रुक कर अपने घर वालों की अनुपस्थिति में टीवी देख रहे हैं या फिर मोबाइल चला रहे हैं, तो आप अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मार रहे हैं। और इस कुल्हाड़ी की चोट का दर्द आपको भविष्य में होगा। अगर आप घर पर ट्यूशन का बोलकर ट्यूशन नहीं जा रहे और कहीं घूमने जा रहे हो, तो भी आप अपने भविष्य पर चोट कर रहे हो।

इस विषय में कुछ छात्रों की राय भी ली गई, आइए जानते हैं उनका क्या कहना है!

  • एक छात्र राहुल ने कहा, "मैं सोशल मीडिया पर बहुत समय बिताता था, लेकिन मुझे बाद में लगा कि यह मेरे पढ़ाई के समय को बर्बाद कर रहा है।" उन्होंने बताया "अब मैंने पढ़ाई के लिए टाइम टेबल बना लिया है और केवल ब्रेक के दौरान अपने सोशल मीडिया ऐप्स का इस्तेमाल करता हूं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इससे उनकी पढ़ाई में बहुत फर्क आया है।"
  • प्रिया, एक अन्य विद्यार्थी है जिन्होंने कहा, "मुझे फिल्में देखना पसंद है और परीक्षा के समय मुझे उन्हें देखने की भी बहुत इच्छा होती है लेकिन मैंने उन्हें अपनी परीक्षाओं के बाद के लिए संभाल के रखा है। यह कठिन है, लेकिन मुझे पता है कि यह करना जरूरी है। मैं अपनी पढ़ाई में अच्छा करना चाहती हूं, इसलिए मैं फिल्मों से ज्यादा अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर रही हूं।"
  • क्वोरा पर एक व्यक्ति ने अपना खुद का अनुभव साझा किया जिसमें उसने बताया कि जब वो 12वीं कक्षा में था तब एक ऐसा समय आया जब वह ऑनलाइन गेमिंग का इस हद तक आदि हो गया था कि उसको ना तो भूख लगती थी और ना ही प्यास लगती थी। उसने यह भी बताया कि उसका पढ़ने में भी मन नहीं लगता था और इसी के चलते वह 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में फेल हो गया। हालांकि, बाद में घरवालों और शिक्षकों की मदद से वह संभल गया और अब वह व्यक्ति आईटी इंजीनियर है।
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