Budget 2024: बजट में मेक इंडिया डेवलप्ड योजना, क्या है मोदी का विजन 2047
Budget 2024: प्रधानमंत्री मोदी देश को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में लाने के लिए कृतसंकल्प नजर आते हैं। 2019 के आम चुनाव से पहले उन्होंने 5 ट्रिलियन ईकोनमी का नारा दिया था।
अब 2024 के चुनाव में जाने से पहले विकसित देश के रूप में भारत की पहचान बनाने का रोड मैप मोदी सरकार ने इस अंतरिम बजट के जरिए पेश किया है।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि पिछले साल 596 अरब डॉलर का निवेश आया था, जो कि अब तक का सबसे अच्छा आंकड़ा है और इससे प्रोत्साहित होकर सरकार 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित अर्थव्यवस्था बनाने की योजना पर काम कर रही है। निर्मला सीतारमण ने जब कहा कि निवेश के लिए अलग अलग देशों के साथ अनुबंध सरकार करने जा रही है, तो यह मोदी के विजन का ही हिस्सा था।
भारत इस समय दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। जल्दी ही जर्मनी और जापान को पीछे छोड़कर तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था भी बन जाएगा, क्योंकि इन देशों की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर से कम है, लेकिन वहाँ से आगे बढ़ने के लिए भारत को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।
आर्थिक महाशक्ति के रूप में चीन और अमेरिका भारत से बहुत आगे हैं। अमेरिका का जीडीपी लगभग 27 ट्रिलियन डॉलर का है तो चीन का जीडीपी लगभग 18 ट्रिलियन डॉलर का। इन दोनों आर्थिक महाशक्तियों से अपनी तुलना करने के लिए भारत को अगले दो दशक में बहुत कुछ करना पड़ेगा।
यह लक्ष्य मुश्किल जरूर है लेकिन असंभव कदापि नहीं है। क्योंकि चीन भी वर्ष 2000 में हमारी तरह दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन उसके बाद डेढ़ दशक तक चीन की विकास दर 8 प्रतिशत से ऊपर रही। भारत भी इस समय लगभग 7 प्रतिशत की दर से विकास कर रहा है जो कि दुनिया में सबसे ज्यादा है। चीन की विकास दर इस समय 5 प्रतिशत ही है।
इसके अलावा चीन को लेकर निवेशकों की चिंताएँ बढ़ गई हैं। बाहर की कंपनियां चीन में आपूर्ति शृंखला को लेकर जोखिम महसूस कर रही हैं इसलिए वहां से बाहर निकलना चाहती हैं। चीन के बैंक और डेवलपर्स कंपनियां भारी दबाव में हैं। इससे आने वाले समय में भी चीन का आर्थिक विकास बाधित रह सकता है।
दूसरी तरफ अमेरिका के साथ चीन का रणनीतिक टकराव आर्थिक प्रतिस्पर्धा से वास्तविक संघर्ष में बदलता जा रहा है। 2023 में चीन के शेयर दुनिया के सबसे खराब प्रदर्शन करने वालों में रहे हैं। चीन सूचकांक एमएससीआई में साल-दर-साल 9 प्रतिशत की हानि हुई है।
भारत का विकसित राष्ट्र बनाने का विजन चीन के मॉडेल पर आधारित नहीं है, बल्कि चीन को लेकर दुनिया भर में उपजे असंतोष और भारत के प्रति विश्वास बढ़ने पर आधारित है। प्रधनमंत्री मोदी दुनिया के सभी बड़े निवेशकों के साथ मीटिंग कर चुके हैं। उनके देश की सरकारों से मोदी सरकार के बहुत ही बेहतर रिश्ते हैं।
इस अंतरिम बजट में यही घोषणा हुई है कि निवेश प्राप्त करने के लिए मेक इंडिया डेवलप्ड योजना के तहत विभिन्न देशों के साथ साझेदारी की जाएगी। भारत इस समय दुनिया के लगभग सभी आर्थिक संगठनों का सदस्य है और उनमें से कई का नेतृत्व भी कर चुका है।
भारत के लिए देखा जाए तो अपने आर्थिक लक्ष्य प्राप्त करने का सबसे अच्छा समय है। आधा विश्व इस समय युद्ध और आपसी संघर्षों में उलझा हुआ है। अपने बजट भाषण में निर्मला सीतारमण ने आज कहा भी कि विश्व के आर्थिक पटल पर इस समय निराशा फैली हुईं है। औद्योगिक उत्पादन ठप्प पड़े हैं। आर्थिक विकास रुक गया है और ऐसे में भारत ही एक मात्र ऐसा देश है जो तेज आर्थिक प्रगति के रास्ते पर चल रहा है।
बजट में टैक्स ढांचे में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, लेकिन कई ऐसी घोषणाएं की गई हैं, जिनसे विदेशी निवेश बड़े पैमाने पर प्राप्त हो सकता है। इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में भारी वृद्धि, सोलर ऊर्जा के लिए व्यापक प्रस्ताव और 11 लाख करोड़ की ढांचागत परियोजनाएं, विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए काफी हैं।












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