Best Expressways in India: भारत के 5 सबसे बढ़िया एक्सप्रेसवे जो आपकी रोड ट्रिप को बना देंगे एकदम स्मूथ
कुछ वर्ष पहले तक सड़क यात्रा के नाम से ही घबराने वाले भारतीय अब आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक्सप्रेसवे पर यात्रा का आनंद उठाने लगे हैं।

Best Expressways in India: अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय से ही भारत में हाईवे निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। जहां कई स्थानों पर पुरानी सड़कों का नवनिर्माण और उनकी चौड़ाई बढ़ाने का काम हुआ है, वहीं अनेक स्थानों पर पूर्णतया नए हाईवे और एक्सप्रेसवे का निर्माण हुआ है, जिन्हें ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट कहा जाता है। आज हजार दो हजार किलोमीटर लंबी दूरी भी लोग आसानी से अपने वाहनों से तय करने लगे हैं। कुछ वर्ष पहले तक जहां ट्रकों को उत्तर भारत से दक्षिण भारत के राज्यों में आने जाने में दस पंद्रह दिन लग जाते थे, वहीं अब देश के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचने में कुछ दिन ही लग रहे हैं। ऐसा संभव हुआ है उच्च कोटि के हाईवे और एक्सप्रेसवे के निर्माण के कारण।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में मध्यप्रदेश में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि 1,382 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण इस माह के अंत तक पूरा होने का अनुमान है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश के दो सबसे बड़े महानगरों के बीच के सफर को 24 घंटों से घटा कर 12 घंटों का कर देगा।
8 लेन के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को कुल 1 लाख करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे का मार्च 2023 में आम जनता के लिए खुलने का अनुमान है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का अब तक का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे होगा।
इसके अलावा भी भारत में कई एक्सप्रेसवे मौजूद हैं, या बन रहे हैं। आज ऐसे 5 बेस्ट एक्सप्रेसवे के बारे में जानने का प्रयास करते हैं, जहां गाड़ी चलाना आनंद से भरा अनुभव होगा।
नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे
प्रधानमंत्री मोदी ने 11 दिसंबर 2022 को नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे या हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग कहे जाने वाले एक्सप्रेसवे के पहले चरण का उद्घाटन किया जो नागपुर से शिरडी के बीच 520 किलोमीटर का है। 6 लेन और 701 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और महाराष्ट्र के एक बहुत ही महत्वपूर्ण शहर नागपुर को आपस में जोड़ता है।
मुंबई-नागपुर अभी तक का यह सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है और देश की सबसे लंबी ग्रीनफील्ड सड़क परियोजनाओं में से एक है। यह एक्सप्रेसवे महाराष्ट्र के 10 जिले नागपुर, वर्धा, अमरावती, वाशिम, बुलढाना, जालना, औरंगाबाद, अहमदनगर, नाशिक, ठाणे से होकर गुजरता है और इसे ₹55,000 करोड़ की लागत से बनाया गया है। यह मुंबई और नागपुर दोनों शहरों के बीच के सफर को 16 घंटों से घटाकर 8 घंटे कर देगा।
इस एक्सप्रेसवे की वह बात जो आपके सफर को सबसे सुंदर बनाएगी वो है अकोला में केटपर्न वन्यजीव अभयारण्य के बीच से 29.6 किलोमीटर का मार्ग, वाशिम के करंज-सोहोल ब्लैक बक अभयारण्य के मध्य से 29.15 किलोमीटर का सफर, और तंसा वन्यजीव अभयारण्य के माध्यम से 45 किलोमीटर का सुंदर मार्ग। आपके सफर को सहूलियत देने के लिए एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में ब्रेक पॉइंट्स बने हुए हैं जहां पर खाने-पीने, EV चार्ज करने, आदि कई सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
यमुना एक्सप्रेसवे
यमुना एक्सप्रेसवे को ताज एक्सप्रेसवे के नाम से भी जाना जाता है और यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के आगरा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ता है। यमुना एक्सप्रेसवे का निर्माण 2007 में शुरू हुआ था। मई 2015 में यमुना एक्सप्रेसवे पर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान मिराज 2000 की लैंडिंग भी कराई गई जोकि एक ड्रिल का हिस्सा था।
यह एक्सप्रेसवे 6 लेन का है और 165.5 किलोमीटर लंबा है। इस एक्सप्रेसवे को ₹12,839 करोड़ की लागत से बनाया गया था। मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बाद यह तीसरा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 6 जिलों से होकर गुजरता है जिसमें ग्रेटर नोएडा, जेवर, अलीगढ़, वृंदावन, मथुरा और आगरा शामिल है। यमुना एक्सप्रेसवे ने ग्रेटर नोएडा से आगरा के बीच का सफर 4 घंटे से घटाकर 1 घंटे 40 मिनट कर दिया है। यमुना एक्सप्रेसवे के मध्य में कई रेस्ट स्टॉप्स बने हुए हैं जहां पर खाने-पीने, पेट्रोल पंप, आदि कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। यमुना एक्सप्रेसवे पर मौजूद डिवाइडरों पर क्रैश बीम बैरियर फिट है जो गाड़ी का एक्सीडेंट होने पर डिवाइडर की दूसरी तरफ जाने से बचाते हैं। यमुना एक्सप्रेसवे जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आगमन और प्रस्थान करने वाले यात्रियों को बहुत सुविधा पहुँचाएगा। यमुना एक्सप्रेसवे को मेट्रो रेल से जोड़ने की योजना को हरी झंडी मिल गई है और इस पर जल्द काम शुरू होगा।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे जिसे यशवंतराव चव्हाण एक्सप्रेसवे के नाम से भी जाना जाता है, 6 लेन का एक्सप्रेसवे है और 94.5 किलोमीटर लंबा है। इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन वर्ष 2001 में हुआ और इस एक्सप्रेसवे को ₹1,600 करोड़ की लागत से बनाया गया था। यह एक्सप्रेसवे महाराष्ट्र के मुंबई, कलंबोली, पनवेल, खालापुर, खंडाला, लोनावाला, तालेगांव दाभाड़े को जोड़ता है। यह एक्सप्रेसवे देश की आर्थिक राजधानी और महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई को महाराष्ट्र के एक मुख्य शहर पुणे से जोड़ता है। यह देश के सबसे व्यस्त एक्सप्रेसवे में से एक है। इस एक्सप्रेसवे को देश का सबसे सुंदर एक्सप्रेसवे माना जाता है।
पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे का मार्ग पश्चिमी घाटों का लुभावना नजारा देता है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे खंडाला और लोनावाला की हरियाली और गुमावदार रास्तों का अनुभव कराता है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर वाहनों के रुकने पर रोक है। इस एक्सप्रेसवे पर 1 दिन में लगभग 60 हजार गाड़ियां दौड़ती है और इस एक्सप्रेसवे की कैपेसिटी 1 लाख गाड़ियां प्रतिदिन की है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के लखनऊ और गाज़ीपुर को जोड़ता है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 नवंबर 2021 को सुल्तानपुर में किया, जब प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय वायु सेना के C-130 हर्कुलस से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के एक हिस्से पर लैंडिंग की। उद्घाटन पर भारतीय वायुसेना के 30 लड़ाकू विमान पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर उतारे गए। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का काम अक्टूबर 2018 में शुरू हुआ। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 9 जिलों को जोड़ता है जिसमें लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर शामिल है।
यह एक्सप्रेसवे 6 लेन का है और 340.8 किलोमीटर लंबा है। इस एक्सप्रेसवे को ₹22,494 करोड़ की लागत से बनाया गया है मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे के बाद यह अभी तक का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे ने लखनऊ से गाजीपुर के बीच का सफर 15 घंटे से घटाकर 10 घंटे कर दिया है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के हर 100 किलोमीटर में रेस्ट स्टॉप्स बने हुए हैं जहां पर EV चार्जिंग, खाने-पीने, पेट्रोल पंप, आदि कई सुविधाएं उपलब्ध है। इस एक्सप्रेवे पर 18 फ्लाईओवर, 7 रेलवे ओवर ब्रिज, 7 लंबे पुल, 104 छोटे पुल, 13 इंटरचेंज और 271 अंडरपास हैं जो ट्रैफिक की समस्या को पूरी तरह खत्म कर देते हैं।
अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे
अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे को महात्मा गांधी एक्सप्रेसवे और नेशनल एक्सप्रेसवे 1 के नाम से भी जाना जाता है। यह एक्सप्रेसवे गुजरात के दो प्रमुख शहरों अहमदाबाद और वडोदरा को जोड़ता है। यह 6 लेन का एक्सप्रेसवे 93.1 किलोमीटर लंबा है। अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 16 अगस्त 2004 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा किया गया था।
यह एक्सप्रेसवे वडोदरा से अहमदाबाद के यात्रा समय को ढाई घंटे से घटाकर एक घंटा कर देता है। यह एक्सप्रेसवे गोल्डन क्वॉड्रिलैटरल का हिस्सा है जो देश के 4 बड़े शहरों को जोड़ता है जिसमें उत्तर में दिल्ली, पूर्व में कोलकाता, दक्षिण में चेन्नई और पश्चिम में मुंबई शामिल है। अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेस वे गुजरात के 2 शहर, आनंद और नडियाद से होकर गुजरता है। इस एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों और मवेशियों के प्रवेश को रोकने के लिए एक्सप्रेसवे के दोनो तरफ़ फेंसिंग की गई है। वडोदरा-अहमदाबाद एक्सप्रेसवे को कुल 2125 करोड़ रूपये की लागत से बनाया गया था। इस एक्सप्रेसवे पर 23 अंडरपास, 4 रेलवे ओवर ब्रिज, 15 फ्लाईओवर, 20 छोटे पुल, 4 बड़े पुल, है जो आपके सफर को स्मूथ बना देते हैं।
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